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अहंकार छोड़े, समता का भाव अपनाये, मनुष्य भव का महत्व समझे – आचार्य श्री सागरचन्द्रसूरिजी म.सा.

अहंकार छोड़े, समता का भाव अपनाये, मनुष्य भव का महत्व समझे – आचार्य श्री सागरचन्द्रसूरिजी म.सा.
मंदसौर। आचार्य श्री अशोकसागर सूरीश्वरजी म.सा. की पावन शिक्षा एवं प्रेरणा से कल मंगलवार को उनके साथ मंदसौर चातुर्मास करने पधारे आचार्य श्री सागरचन्द्रसागर सूरीश्वरजी म.सा., आचार्य श्री सौम्यचन्द्र सागर सूरीश्वरजी म.सा., आचार्य विवेकचन्द्र सागर सूरीश्वरजी म.सा, आचार्य श्री तीर्थचन्द्र सागर सूरीश्वरजी, प्रवर्तक श्री धैर्यचन्द्रसागरजी म.सा., गणिवर्य श्री मोक्षचन्द्रसागरजी म.सा. व मुनिराज श्री वैराग्यचन्द्रसागरजी म.सा., साध्वी श्री शीलरेखा श्रीजी म.सा. का मेघदूत नगर व यश नगर में आगमन हुआ। जैन संघ के आगमन पर मेघदूत नगर जैन श्रीसंघ ने गहुली कर अगवानी की। लायन हॉल परिसर में विशाल धर्मसभा का आयोजन हुआ जिसमे मेघदूत नगर यश नगर क्षेत्र के श्रावक श्राविकाएं शामिल हुए।
आचार्य श्री सागरचन्द्र सागर सूरीश्वरजी म.सा. ने धर्मसभा में कहा कि जीवन में अहंकार नही रखना चाहिये। अहंकार का दुसरा नाम एटीट्युट भी है ज्यादा एटीट्युट दिखाना भी अहंकार ही है अहंकार हमारे जीवन मे सदैव ही हानि करता है। अहंकार में आकर हम घर परिवार के सदस्यो जैसे पति, बच्चो, भाईयो यहां तक कि माता-पिता को भी नीचा दिखाने की कोशिश करते है। धन कमाना बुरी बात नही है लेकिन धन का अहंकार हमारे रिश्ते नातो को प्रभावित कर सकता है इससे बचे। पैसा कमाओ लेकिन पैसा का नशा मत करो। घर परिवार में पैसे का गुरुर दिखाना उचित नहीं है इससे हम घर परिवार के सदस्यों से दूर हो जाते है।
मनुष्य भव दुर्लभ है, इसका महत्व समझे- आचार्य श्री सागरचन्द्र सागरजी ने कहा कि मनुष्य ही ऐसा प्राणी है जो देव गुरु धर्म की प्रेरणा से तप, तपस्या व पुण्य कार्य कर मोक्ष में जा सकता है, देवगति, तिर्यन्च गति, नरक गति के जीव मोक्ष नहीं जा सकते इसलिये हमें मनुष्य भव मिला है तो जीवन में उसकी महत्ता समझे।
शरीर नही आत्मा का ज्ञान प्राप्त करे- आचार्य श्री ने कहा कि मेडिकल साईंस ने बहुत उन्नति की है मेडिकल साईंस केवल शरीर का ज्ञान देता है शरीर का ज्ञान लेना सरल है लेकिन आत्मा का ज्ञान प्राप्त करना कठिन है। हमें जीवन में आत्मज्ञान प्राप्त करने का प्रयास करना चाहिये और जीवन में उसका ज्ञान लेने हेतु प्रयत्न शील रहना चाहिये।
इन्होने की धर्मसभा में सहभागिता – धर्मसभा में पूर्व विधायक श्री यशपालसिंह सिसौदिया, मेघदूत नगर श्रीसंघ अध्यक्ष अजीत संघवी, सचिव शिखर धींग, कोषाध्यक्ष अमित छिगावत, ट्रस्ट अध्यक्ष महेश जैन तहलका, आर्यरक्षित जैन तीर्थ ट्रस्ट उपाध्यक्ष मुकेश खमेसरा, ट्रस्टी विरेन्द्र भण्डारी, दिलीप डांगी, चातुर्मास समिति अध्यक्ष अनिल संघवी, उपाध्यक्ष कमल कोठारी, समाजसेवी मनोहर सोनगरा, विरेन्द्र जैन सीए, धीरज कांकरीया, पायल जैन, विमल छिंगावत, अनिल जैन करनाखेड़ी, अभिषेक खमेसरा, पुलकित पटवा, नेमीचंद खमेसरा, अभय नाहटा, विरेन्द्र नाहटा, लोकेश डूंगरवाल, निलेश जैन बम्बोरिया आदि उपस्थित थे।
आज आराधना भवन नई आबादी में होगे प्रवचन – आराधना भवन के दिलीप रांका, महेश जैन तहलका, निलेष बम्बोरिया, अमित छिगावत ने बताया कि आज दिनांक 22 जुलाई बुधवार को प्रातः 9 से 10 बजे तक आचार्य श्री अशोक सागरजी म.सा. आदि ठाणा 11 के साथ आर्यरक्षित जैन तीर्थ में चातुर्मास करने पधारे आचार्याे, संतो के दिव्य प्रवचन होगे। धर्मालुजन प्रवचन श्रवण का धर्मलाभ ले।

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