खुद फैसले सुनाने वाली पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह अब भोपाल सेंट्रल जेल में एक कैदी बन गई

खुद फैसले सुनाने वाली पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह अब भोपाल सेंट्रल जेल में एक कैदी बन गई
ट्विशा शर्मा केस में पूर्व जज गिरिबाला सिंह को भोपाल सेंट्रल जेल भेज दिया गया है
वह 71 नंबर की कैदी हैं उन्हें जेल में चार महिला कैदियों के बैरक में रखा गया है
वहीं, जेल प्रशासन की तरफ से एक चादर, थाली और कटोरी दी गई है
गिरिबाला सिंह भोपाल कोर्ट में जज रही हैं, उन्होंने कई कैदियों को सजा सुनाई है जो भोपाल सेंट्रल जेल में बंद हैं जेल जाने से पहले गिरिबाला सिंह ने कोर्ट में कहा था कि मेरी जान को वहां खतरा हो सकता हैगिरिबाला सिंह को जेल प्रशासन के नियम-कानून का पालन करना होगा। सुनवाई के दौरान वह कई बार कोर्ट में चिढ़ीं भीलेकिन पुलिस के घेरे में उन्हें जेल भेज दिया गया है
भोपाल।कभी अदालत की कुर्सी पर बैठकर फैसले सुनाने वाली पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह की पहचान अब भोपाल सेंट्रल जेल में एक बंदी के रूप मे है।
मॉडल और अभिनेत्री शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बहुचर्चित मामले में न्यायिक हिरासत में भेजी गई गिरिबाला सिंह को जेल में ‘कैदी नंबर 71/26’ आवंटित किया गया है
वहीं उनके बेटे और सह-आरोपित समर्थ सिंह को ‘कैदी नंबर 1782/26’ दिया गया है।
मंगलवार को अदालत से 14 दिन की न्यायिक हिरासत का आदेश मिलने के बाद सीबीआई की टीम दोनों आरोपितों को भोपाल सेंट्रल जेल लेकर पहुंची।
जेल के मुख्य द्वार पर उस समय कुछ देर तक असहज स्थिति बनी रही, जब मीडिया की मौजूदगी देखकर पूर्व जज गिरिबाला सिंह वाहन से उतरने को तैयार नहीं हुईं।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जब फोटोग्राफरों ने कार के शीशों से तस्वीरें लेने की कोशिश की तो गिरिबाला सिंह ने हाथ में मौजूद पानी की बोतल से इशारा कर आपत्ति जताई।
उन्होंने अधिकारियों से वाहन को सीधे जेल परिसर के भीतर ले जाने का आग्रह किया, लेकिन जेल प्रशासन ने नियमों का हवाला देते हुए इसकी अनुमति नहीं दी।
आखिरकार वाहन को मुख्य द्वार के बिल्कुल पास लगाया गया, जिसके बाद गिरिबाला सिंह कार से उतरीं और सीधे जेल अधीक्षक कार्यालय की ओर बढ़ गईं।
कुछ देर बाद समर्थ सिंह भी दूसरे वाहन से पहुंचकर जेल में दाखिल हो गया।
मामले की संवेदनशीलता और गिरिबाला सिंह के न्यायिक पृष्ठभूमि को देखते हुए जेल प्रशासन विशेष निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था बनाए हुए है।



