“मानसून से पहले जीरो रिस्क”: कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा का कड़ा अल्टीमेटम, एक सप्ताह में ढहाए जाएं सभी जर्जर भवन

“मानसून से पहले जीरो रिस्क”: कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा का कड़ा अल्टीमेटम, एक सप्ताह में ढहाए जाएं सभी जर्जर भवन
लापरवाही पर तय होगी सीएमओ-सीईओ की जवाबदेही; ‘क्षेत्र जर्जर-मुक्त’ होने का देना होगा लिखित प्रमाण पत्र
नीमच। आगामी वर्षाकाल को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने ‘जीरो रिस्क’ की नीति पर काम करना शुरू कर दिया है। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा पत्रों (TL) की साप्ताहिक समीक्षा बैठक में कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने वर्षाकाल पूर्व सभी तैयारियां युद्धस्तर पर पूर्ण करने के बेहद सख्त निर्देश जारी किए हैं।
कलेक्टर ने कड़े निर्देश दिए हैं कि जिले के सभी विभागों के अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में चिन्हित सभी क्षतिग्रस्त एवं जर्जर भवनों को आगामी एक सप्ताह की समय-सीमा में डिस्मेंटल (ध्वस्त) करवाना सुनिश्चित करें, ताकि वर्षाकाल में किसी भी प्रकार की दुर्घटना या जनहानि की आशंका न रहे। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री अमन वैष्णव, एडीएम श्री बी.एस.कलेश, सभी एसडीएम, जनपद सीईओ और सीएमओ उपस्थित थे।
मैदानी सर्वे और जिम्मेदारी तय:–
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी नगरीय निकायों के सीएमओ अपने क्षेत्रों का स्वयं भ्रमण कर प्रमाणित करें कि क्षेत्र में कोई भी जर्जर भवन शेष नहीं है। निजी जर्जर भवन मिलने पर संबंधित परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कराया जाए। सभी सीएमओ और जनपद सीईओ को लिखित प्रमाण पत्र देना होगा कि उनके क्षेत्र में कोई जर्जर भवन नहीं है। इसके बाद भी यदि कोई घटना होती है, तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
पेयजल सुरक्षा, जल निकासी व परिवहन को लेकर निर्देश:
कलेक्टर ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग और नगरीय निकायों को पेयजल लाइनों के लीकेज तुरंत बंद करने, पानी की टंकियों की सफाई व क्लोरीनेशन अनिवार्य रूप से कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही वर्षा पूर्व सभी छोटे-बड़े नालों की सफाई सुनिश्चित करने को कहा। कलेक्टर ने आर.टी.ओ. को स्पष्ट निर्देश दिए कि पुल-पुलियाओं पर जलभराव की स्थिति में कोई भी यात्री बस या स्कूल वाहन न निकाला जाए और वाहन मालिकों को इस संबंध में सख्ती से पाबंद किया जाए


