8वें पोषण पखवाड़े में नीमच ने रचा इतिहास* *प्रदेश में द्वितीय, उज्जैन संभाग में प्रथम स्थान, जन-आंदोलन बना पोषण पखवाड़ा
नीमच*डॉ बबलू चौधरी*
*26 मई, 2026*
भारत सरकार के निर्देश पर 9 से 23 अप्रैल 2026 तक आयोजित 8वें पोषण पखवाड़े में नीमच जिले ने इतिहास रच दिया है। जिले ने _मध्यप्रदेश में द्वितीय स्थान_ तथा _उज्जैन संभाग में प्रथम स्थान_ हासिल किया है। राज्य स्तर से जारी रिपोर्ट में जिले की इस उपलब्धि की पुष्टि हुई है।
*कलेक्टर के मार्गदर्शन में चला अभियान*
कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा के निर्देश और सीईओ जिला पंचायत श्री अमन वैष्णव की सतत निगरानी में यह पखवाड़ा जन-आंदोलन का रूप ले गया।
जिला कार्यक्रम अधिकारी सुश्री अंकिता पंड्या ने बताया कि इस वर्ष की मुख्य थीम _’जीवन के पहले छह वर्षों में मस्तिष्क का अधिकतम विकास’_ रही। वैज्ञानिक तथ्यों के अनुसार मानव मस्तिष्क का लगभग _85 प्रतिशत विकास जन्म से 6 वर्ष की आयु तक_ हो जाता है। इसी को केंद्र में रखकर परिवारों और समुदाय को बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए जागरूक किया गया।
*5 प्रमुख गतिविधियों पर रहा फोकस*
पखवाड़े के दौरान पांच बिंदुओं पर विशेष जोर दिया गया:

1. *गर्भवती महिलाओं की देखभाल:* प्रसव पूर्व जांच और संतुलित आहार सुनिश्चित करना
2. *0 से 3 वर्ष के बच्चे:* संवाद और खेल के माध्यम से मस्तिष्क विकास को बढ़ावा
3. *3 से 6 वर्ष के बच्चे:* खेल आधारित शिक्षा पर जोर
4. *स्क्रीन टाइम में कमी:* बच्चों का स्क्रीन टाइम घटाने के लिए जागरूकता
5. *आंगनवाड़ी सशक्तिकरण:* आंगनवाड़ी केंद्रों को मजबूत बनाने में समुदाय की भागीदारी
*रैली से लेकर दादी-नानी के अनुभव तक*
अभियान को जन-आंदोलन बनाने के लिए रैलियां, पोषण पर चर्चा, दादी-नानी के अनुभव साझा कार्यक्रम और खिलौना निर्माण कार्यशालाएं आयोजित की गईं। सभी गतिविधियों की जानकारी पोषण अभियान के _जनआंदोलन डैशबोर्ड_ पर समय-सीमा में दर्ज की गई।

महिला एवं बाल विकास विभाग के नेतृत्व में सभी विभागों के समन्वय से अभियान प्रभावी रहा। परियोजना अधिकारी, पर्यवेक्षक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं पोषण अभियान अमले का कार्य विशेष रूप से सराहनीय रहा


