
विश्व हिंदू परिषद हिंदुओं के मान बिंदुओं की रक्षा के लिए समर्पित संगठन- विहिप प्रांत मंत्री विनोद शर्मा
ताल ब्यूरो चीफ शिवशक्ति शर्मा
विश्व हिंदू परिषद दुर्गा वाहिनी शौर्य प्रशिक्षण वर्ग जावरा (फोनिक्स इंटरनेशनल स्कूल जावरा) के षष्ठम दिवस में मालवा प्रांत मंत्री विनोद शर्मा भाई ने विश्व हिंदू परिषद और आयाम पर बहनों को मार्गदर्शन दिया । मंच पर दुर्गा वाहिनी प्रांत संयोजिका वर्ग अधिकारी ज्योति प्रिया शर्मा उपस्थित रही।
प्रान्त मंत्री विनोद शर्मा द्वारा बताया गया कि विश्व हिन्दू परिषद (VHP) की स्थापना राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तत्कालीन सरसंघचालक माधव सदाशिवराव गोलवलकर (श्री गुरुजी), स्वामी चिन्मयदानंद और राष्ट्ररत्न शिवराम शंकर आप्टे (दादासाहब आप्टे) के प्रयासों से 29 अगस्त 1964 (कृष्ण जन्माष्टमी) को मुंबई के संदीपनी आश्रम में साधु ओर संत की उपस्थि में हुई थी।
विहिप की स्थापना के मूल उद्देश्य में
-हिंदू समाज को संगठित और सुदृढ़ करना।,
-हिंदू धर्म, संस्कृति और जीवन-मूल्यों की रक्षा व संवर्धन करना।
-विदेशों में रहने वाले हिंदुओं से संपर्क स्थापित कर उन्हें अपनी जड़ों से जोड़े रखना है हिंदुओं के मान बिंदुओं की जो बात आती है तो विश्व हिंदू परिषद उनकी रक्षा के लिए निरंतर खड़ा रहता है। साथही “*धर्मो रक्षति रक्षितः*” के ध्येय वाक्य को आत्मसात कर यह संगठन पिछले छह दशकों से समाज के हर वर्ग में राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक चेतना जगाने का कार्य कर रहा है। संगठन के विशाल कार्यक्षेत्र को सुचारू रूप से चलाने के लिए इसे विभिन्न ‘आयामों’ हैं
विश्व हिंदू परिषद के आयाम और उनकी भूमिका के बारे में बताए हुए भाई साहब ने बताया कि विहिप धरातल पर सेवा, सुरक्षा और संस्कार के सूत्र पर काम करने वाला संगठन है। इसके आयाम में बजरंग दल, दुर्गा वाहिनी, मातृशक्ति, सेवा विभाग, सामाजिक समरसता विभाग, धर्म प्रसार विभाग, गौ रक्षा विभाग के माध्यम से विश्व हिंदू परिषद कार्यकर्ता है। विश्व हिंदू परिषद अपने विभिन्न आयामों के माध्यम से समाज के हर आयु वर्ग को छूने का प्रयास करती है। जहाँ बजरंग दल युवाओं को सुरक्षा और राष्ट्रभक्ति के लिए प्रेरित करता है, वहीं दुर्गा वाहिनी और मातृशक्ति नारी चेतना का संचार करती हैं। सेवा विभाग समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुँचाते हैं, तो धर्म प्रसार और समरसता विभाग समाज को आंतरिक रूप से मजबूत करते हैं। हिंदू हिंदू बना रहे, सारा विश्व का हिंदू संगठित हो, समृद्धि हो, आत्मनिर्भर हो, स्वाभिमान के भाव से गर्व लिए हुए, सारे विश्व के कल्याण के लिए हिंदू सदैव अग्रसर रहे इस पवित्र ध्येय प्राप्ति के लिए विश्व हिंदू परिषद की स्थापना हुई। और कोई भूल वंश दबाव में लालच में या किसी लोभ के कारण धर्म परिवर्तित हुए उन को घर वापसी करवाना भी विश्व हिंदू परिषद का कार्य है। विदित है कि 15 मई से 23 मई 2026 विश्व हिंदू परिषद दुर्गा वाहिनी का शौर्य प्रशिक्षण वर्ग फोनिक्स इंटरनेशनल स्कूल जावरा पर चल रहा है जिसमें 360 बहानो ने भाग लिया हैं। 22 मई 2026 को जावरा नगर में शाम 5:00 बजे गीता भवन से विश्व हिंदू परिषद दुर्गा वाहिनी का शौर्य संचालन रहेगा। जिसका रूट इस प्रकार हैं। शौर्य संचलन- गीता भवन से प्रारंभ होकर, रावण दरवाजा, शुक्रवारिया, पिपली बाजार, जवाहर पथ, बजाज खाना, घंटाघर, कोठी बाजार, नीम चौक, पिंजरवाड़ी, आजाद चौक, सोमारिया और रावण दरवाजा होते हुए पुनः गीता भवन पर समापन होगा। जानकारी जावरा जिला मंत्री तूफान सिंह यादव द्वारा प्रदान की गई।



