समाचार मध्यप्रदेश मंदसौर 24 अप्रैल 2026 शुक्रवार

//////////////////////////////////////
विकास अनुमति की शर्तों में रेन वाटर एवं रूफ वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को अनिवार्य रूप से जोड़े : कलेक्टर श्रीमती गर्ग
मंदसौर 23 अप्रैल 26 / कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग की अध्यक्षता में सुशासन भवन स्थित सभागृह में कॉलोनी सेल की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के सभी एसडीएम, सीएमओ एवं संबंधित अधिकारी वीसी के माध्यम से उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान कलेक्टर श्रीमती गर्ग ने निर्देश दिए कि विकास अनुमति की शर्तों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम एवं रूफ वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है, इसलिए प्रत्येक कॉलोनी में प्रभावी रूप से वर्षा जल संचयन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
कलेक्टर ने निर्देशित किया कि विक्रय अनुमति जारी करने से पूर्व सभी आवश्यक व्यवस्थाओं की सघन जांच की जाए। कॉलोनाइजर द्वारा पानी के संरक्षण हेतु बड़े टैंक एवं अंडरग्राउंड स्टोरेज की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे जल की उपलब्धता बनी रहे और जल का अपव्यय न हो।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि प्रत्येक कॉलोनी के आवेदन प्राप्त होने के बाद तत्काल कार्रवाई प्रारंभ की जाए तथा कॉलोनी को जियो-टैग किया जाए। कॉलोनी से संबंधित सभी कार्यों का निरीक्षण संबंधित सीएमओ द्वारा किया जाए और सभी कार्य पूर्ण होने के उपरांत ही विक्रय अनुमति जारी की जाएगी।
कलेक्टर ने कहा कि कॉलोनी सेल के अधिकारी नियमित निरीक्षण करें तथा कॉलोनी से संबंधित प्रतिवेदन एवं रिकॉर्ड समय पर प्रस्तुत करें। रिपोर्ट एक ही बार में पूर्ण एवं स्पष्ट रूप से भेजी जाए ताकि अनावश्यक विलंब से बचा जा सके। बैठक में अपर कलेक्टर श्रीमती एकता जायसवाल, संयुक्त कलेक्टर श्री राहुल चौहान, सीएमओ, एसडीएम एवं कॉलोनाइजर उपस्थित रहे।
=============
बाल विवाह रुकवाने में प्रशासन की तत्पर कार्रवाई
मंदसौर 23अप्रैल 26 / प्रभारी अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बताया गया कि ग्राम अरणिया मीणा में बाल विवाह की सूचना प्राप्त होने पर प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई की गई। सूचना मिलते ही महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम तथा संबंधित अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच की।
जांच के दौरान पाया गया कि बालक की आयु लगभग 17 वर्ष 11 माह 28 दिन थी, जो कि कानूनी विवाह आयु से कम है। तत्पश्चात अधिकारियों द्वारा बाल विवाह को रुकवाया गया। बालक के परिजनों द्वारा विवाह की तैयारियां की जा रही थीं, जिन्हें समझाइश देकर रोका गया।
इस कार्रवाई में परियोजना अधिकारी, पुलिस प्रशासन, पैरालीगल वॉलंटियर्स एवं वन स्टॉप सेंटर के कर्मचारियों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। बालक को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया तथा उसे अस्थायी रूप से ऑब्जर्वेशन होम (OSC) में रखा गया।
बालक एवं उसके माता-पिता को बाल विवाह के दुष्परिणामों एवं कानूनी प्रावधानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्हें यह भी अवगत कराया गया कि बाल विवाह करना एक दंडनीय अपराध है, जिसमें शामिल व्यक्तियों को दो वर्ष तक का कारावास या एक लाख रुपये तक का जुर्माना अथवा दोनों से दंडित किया जा सकता है। साथ ही यह स्पष्ट किया गया कि विवाह हेतु बालिका की न्यूनतम आयु 18 वर्ष एवं बालक की 21 वर्ष होना अनिवार्य है।
प्रशासन द्वारा बाल विवाह रोकने हेतु सतत प्रयास किए जा रहे हैं तथा आमजन से भी इस सामाजिक कुरीति के विरुद्ध सहयोग करने की अपील की गई है।
===============
खनीज विभाग द्वारा अवैध उत्खनन विरूद्ध कार्यवाही की गई
खनीज विभाग द्वारा 02 पोकलेन, 02 जेसीबी एवं 07 ट्रेक्टरों को जप्त किया गया
मंदसौर 23 अप्रैल 26 / खनीज विभाग की प्रभारी अधिकारी श्रीमती भावना सेंगर द्वारा बताया गया कि खनीज विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 प्रारंभ होते ही अवैध उत्खनन / परिवहन/भण्डारणकर्ताओं के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की गई।
खनीज विभाग द्वारा अवैध उत्खनन/परिवहन / भण्डारणकर्ताओं के विरूद्ध कार्यवाही करते हुए 02 पोकलेन, 02 जेसीबी एवं 07 ट्रेक्टरों को जप्त किया गया जिनपर म.प्र. खनिज (अवैध खनन, परिवहन तथा भण्डारण का निवारण) नियम 2022 के तहत कार्यवाही प्रचलित है।
उक्त के क्रम में उत्खनिपट्टो की जांच के दौरान 02 उत्खनिपट्टा पर स्वीकृत क्षेत्र के बाहर खनन होना पाये जाने पर संबंधितों के विरूद्ध नियमानुसार अवैध उत्खनन के प्रकरण पंजीबद्ध किये गये।
समस्त प्रकार के खनिजों के अवैध उत्खनन / परिवहन/भण्डारण की प्रभावी रोकथाम हेतु भविष्य में भी खनिज विभाग द्वारा निरंतर कार्यवाही की जाती रहेगी।
==========
तहसील शामगढ़ में सुपरवाइजर, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने सामूहिक स्व-गणना फॉर्म भरे
मंदसौर 23 अप्रैल 26/ तहसील शामगढ़ में स्व-गणना अभियान के अंतर्गत एक सराहनीय पहल करते हुए आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा एक साथ स्व-गणना फॉर्म भरने का कार्य सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। यह आयोजन प्रशासन की सक्रियता और जनभागीदारी का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है।
तहसीलदार श्रीमती किरण गेहलोद, जो शामगढ़ के चार्ज अधिकारी भी हैं, के मार्गदर्शन एवं उपस्थिति में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। उन्होंने बताया कि स्व-गणना प्रक्रिया को सरल, सुलभ और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को न केवल फॉर्म भरवाया गया, बल्कि उन्हें इसके संबंध में विस्तृत प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया।
प्रशिक्षण सत्र में कार्यकर्ताओं को स्व-गणना के महत्व, प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज एवं ऑनलाइन फॉर्म भरने की विधि के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इस पहल से न केवल कार्यकर्ताओं की दक्षता बढ़ेगी, बल्कि वे आम नागरिकों को भी इस प्रक्रिया के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगी।
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे भी स्व-गणना अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लें। उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई आधिकारिक वेबसाइट https://se.census.gov.in/ पर जाकर कोई भी नागरिक मात्र 5 से 10 मिनट में अपने परिवार की संपूर्ण जानकारी सहित स्व-गणना फॉर्म आसानी से भर सकता है।
यह प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित, सरल और समय की बचत करने वाली है, जिससे नागरिकों को घर बैठे ही अपनी जानकारी दर्ज कराने की सुविधा मिलती है।
यह सामूहिक प्रयास आगामी जनगणना को अधिक सटीक, पारदर्शी और तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
=============
मंदसौर नगर के भीतरी मार्गों पर दोपहर 12 बजे से रात्रि 9 बजे तक भारी वाहनों के प्रवेश पर रहेगा प्रतिबंध
आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति अथवा व्यक्तियों के विरुद्ध होगी कार्यवाही
मंदसौर 23 अप्रैल 26 / अपर कलेक्टर श्रीमती एकता जायसवाल द्वारा बताया गया कि नगर मंदसौर में ट्राफीक का दबाव बढ़ने, भारी वाहनों के नगर में प्रवेश होने से ट्राफीक जाम, प्रदूषण, दुर्घटना की संभावना होने एवं अन्य समस्याओं के कारण नगर मंदसौर के भीतरी मार्गों पर प्रातः 12.00 बजे से रात्रि 09.00 बजे तक की अवधि में भारी वाहनों के प्रवेश करने पर प्रतिबंध लगाया गया है।
प्रतिबंधित क्षेत्र/रोड
1-महू-नीमच रोड़, गुराडिया बालाजी से सीतामऊ ओव्हर ब्रिज तिराहा (फाटक)
2-10 नंबर नाका से वीर सावरकर ब्रिज तक
3-एम.आई.टी. से रामटेकरी तक
4-एम.आई.टी. (सुशासन भवन मार्ग) से बीकानेर स्वीट्स तिराहा तक
5-जग्गाखेड़ी (संजीत रोड़) से श्रीकोल्ड तक
अनिवार्य सेवा के उपयोग में लगे वाहन जैसे एंबुलेंस, दूध वाहन, चिकित्सा सामग्री एवं विशेष अनुमति प्राप्त वाहनों पर उक्त आदेश लागू नहीं होगा।
विशेष परिस्थिति में उक्त क्षेत्र में वाहन प्रवेश की अनुमति पुलिस अधीक्षक जिला मंदसौर द्वारा अपने स्तर से दी जावेगी।
उक्त आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति अथवा व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी।
=========
पिछड़ा वर्ग पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति वर्ष 2026-27 हेतु MPTAAS पोर्टल प्रारंभ
पिछड़ा वर्ग पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए 31 मई तक आवेदन करें
मंदसौर 23 अप्रैल 26 / पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग सहायक संचालक द्वारा बताया गया कि वर्ष 2026-27 के लिए पिछड़ा वर्ग पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के नवीन एवं नवीनीकरण आवेदन हेतु MPTAAS पोर्टल प्रारंभ हो चुका है। पिछड़ा वर्ग पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति 2026-27 के लिए 31 मई तक आवेदन कर सकते हैं।
जिले के समस्त शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों को निर्देशित किया गया है कि उनकी संस्था में अध्ययनरत पात्र नवीनीकरण विद्यार्थियों के छात्रवृत्ति आवेदन MPTAAS पोर्टल पर समय पर प्रस्तुत कराए जाएं। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि विद्यार्थियों को आवेदन प्रक्रिया में किसी प्रकार की कठिनाई न हो एवं सभी पात्र विद्यार्थियों को योजना का पूर्ण लाभ प्राप्त हो सके।
=========
उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा 24 अप्रैल को मंदसौर दौरे पर रहेंगे
मंदसौर 23 अप्रैल 26 / अपर कलेक्टर श्रीमती एकता जायसवाल द्वारा बताया गया कि उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा 24 अप्रैल को मंदसौर जिले के दौरे पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा प्रात: 7:00 बजे उज्जैन से मंदसौर के लिए प्रस्थान करेंगे। तथा प्रात: 10 बजे मंदसौर आगमन। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा प्रात: 11:00 बजे चिकित्सालय में 100 बिस्तरीय वार्ड एवं एमसीएच भवन का लोकार्पण कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे। कार्यक्रम के पश्चात उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा दोपहर 12:15 बजे मंदसौर से ग्राम बूढ़ा के लिए प्रस्थान करेंगे। दोपहर 12:45 बजे बुढ़ा आगमन व बुढ़ा में लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे।
===
जिला पंचायत सामान्य सभा की बैठक 29 अप्रैल को होगी
मंदसौर 23 अप्रैल 26 / जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा बताया गया कि जिला पंचायत मंदसौर की सामान्य सभा की 29 अप्रैल 2026 को बैठक दोपहर 01 बजे जिला पंचायत मंदसौर के सभा कक्ष में आयोजित होगी।
===
द्वारका नगरी योजना से शहरी विकास को मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री ने द्वारका नगरी योजना के नियमों और प्रकिया के बारे में विभागीय प्रस्तुतिकरण का अवलोकन कर ली जानकारी
मंदसौर 23 अप्रैल 26 / मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में शहरीकरण की बढ़ती जरुरतों को पूरा करने के लिए सरकार ने विशेष प्रबंध किए हैं। द्वारका नगरी योजना भी उसी दिशा में उठाया गया एक बढ़ा कदम है। द्वारका योजना शहरों के विकास की नई रुपरेखा लिखेगी। यह हमारे शहरों को सुनियोजित, सुविधा सम्पन्न और भावी जरूरतों के मुताबिक आधुनिक बनाने के सरकार के संकल्प की पूर्ति है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना से प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में नियोजित और सु-व्यस्थित विकास को नई गति मिलेगी। नागरिकों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम यह सुनिश्चित करेंगे कि प्रदेश के हर नागरिक को बेहतर परिवेश, पक्के आवास, मजबूत आधारभूत संरचना और गुणवत्तापूर्ण जीवन मिले। उन्होंने कहा कि यह योजना प्रदेश के शहरी स्वरूप को आधुनिक और व्यवस्थित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को मंत्रालय में द्वारका नगरी योजना के नियमों और प्रकिया के बारे में विभागीय प्रस्तुतिकरण का अवलोकन किया। उन्होंने योजना के सभी नियमों एवं उपबंधों की जानकारी लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस योजना के क्रियान्वयन में समयबद्धता, पारदर्शिता और विकास-निर्माण कार्यों की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। योजना से नगरीय क्षेत्रों के आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने के साथ ही नागरिक सुविधाओं का विस्तार भी किया जाए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि इस योजना में प्रदेश के नगरीय निकायों से प्राप्त किये जाने वाले प्रस्तावों में शहर की प्रमुख सड़कों का विकास एवं मरम्मत, शहर की समुचित साफ-सफाई, जन-सुविधा विकास-विस्तार से संबंधित कार्यों को तवज्जो दी जाये। साथ ही शहर में गौशाला निर्माण और मुक्तिधाम निर्माण कार्यों को भी प्राथमिकता से शामिल किया जाये।
उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा नगरीय निकायों में “द्वारका नगरी योजना” वित्त वर्ष 2026-27 से वर्ष 2028-29 कुल 3 वर्षों के लिए मंजूर की गई है। योजना में 2201.20 करोड रुपए अनुदान (शून्य प्रतिशत ब्याज पर राज्य शासन द्वारा ऋण) एवं 2798.80 करोड रुपए ऋण (वित्तीय संस्थाओं द्वारा) सहित कुल 5000 करोड रुपए उपलब्ध कराये जायेंगे। अनुदान के रूप में ली गई ऋण राशि 2201.20 करोड रुपए का पुनर्भुगतान विभाग द्वारा 25 वर्ष बाद 5 समान वार्षिक किश्तों में किया जाएगा।
नगरीय निकायों द्वारा लिये जाने वाले ऋण एवं इस पर लगने वाले ब्याज का पुनर्भुगतान राज्य शासन एवं निकायों द्वारा 20 वर्षों में राज्य शासन के मुद्रांक शुल्क से प्राप्त होने वाली राशि से किया जाएगा। साथ ही शहर की मास्टर प्लान की सडकों को पीपीपी मोड पर किया जा सकेगा। इसमें मेट्रोपालिटन रीजन को ध्यान में रखते हुए कार्य कराये जा सकेंगे। केन्द्र सरकार की प्रोत्साहन आधारित योजना ‘अर्बन चैलेंज फण्ड’ की गैप फंडिंग द्वारका नगरी योजना से की जा सकेगी।
योजना प्रस्तुतिकरण बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवास श्री संजय दुबे, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) श्री नीरज मंडलोई, वित्त सचिव श्री लोकेश जाटव, आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास श्री संकेत भोंडवे एवं अन्य विभागीय अधिकारी भी उपस्थित थे।
क्या है द्वारका नगरी योजना
मध्यप्रदेश सरकार द्वारा वर्तमान वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में घोषित ‘द्वारका नगरी योजना’ का उद्देश्य शहरों में आवास निर्माण, सड़कों की मरम्मत और बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है। इस त्रि-वर्षीय मेगा योजना के तहत 5 हजार करोड़ रुपए का निवेश कर नगरीय निकायों का कायाकल्प किया जाएगा। इसका उद्देश्य नगरीय निकायों के बुनियादी ढांचे को व्यवस्थित करना और शहरी विकास को गति देना है। इसके तहत आवास निर्माण, सड़कों की मरम्मत और नगरीय निकायों की वर्तमान संरचना को और मजबूत किया जायेगा। इसमें नगरीय निकायों को उनकी आवश्यकतानुसार आर्थिक मदद देकर स्थानीय स्तर पर अधोसंरचनात्मक विकास कार्यों को और अधिक गति दी जायेगी।
==============
मस्तिष्क विकास के लिए शुरुआती 6 वर्ष और प्रथम 1000 दिन है सबसे महत्वपूर्ण – मंत्री सुश्री भूरिया
मध्यप्रदेश में 8वें पोषण पखवाड़ा का हुआ भव्य समापन पोषण योद्धाओं को किया सम्मानित
मंदसौर 23 अप्रैल 26 / प्रदेश में 8वें ‘पोषण पखवाड़ा’ का समापन गुरूवार को हुआ। इस अवसर पर आई एच एम भोपाल में आयोजित कार्यक्रम में महिला बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने बच्चों के सर्वांगीण विकास और पोषण को लेकर प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने वैज्ञानिक तथ्यों को साझा करते हुए कहा कि एक सशक्त राष्ट्र की नींव बच्चों के स्वस्थ बचपन में छिपी है और इसके लिए जीवन के शुरुआती 6 वर्ष सबसे निर्णायक होते हैं।
मंत्री सुश्री भूरिया ने ‘मिशन पोषण 2.0’ की सफलता पर कहा कि विज्ञान यह सिद्ध कर चुका है कि मनुष्य के मस्तिष्क का अधिकांश विकास उसके जीवन के शुरुआती छह वर्षों में ही हो जाता है। ऐसे में गर्भावस्था से लेकर बच्चे के दूसरे जन्मदिन तक के ‘प्रथम 1000 दिन’ वह सुनहरा कालखंड हैं, जहाँ सही पोषण और उचित देखभाल के जरिए एक मजबूत पीढ़ी का निर्माण किया जा सकता है। उन्होंने माताओं से आग्रह किया कि वे अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखें, क्योंकि एक स्वस्थ माँ ही सुपोषित भविष्य की जननी है।
मंत्री सुश्री भूरिया ने शिशु स्वास्थ्य के बुनियादी सिद्धांतों पर चर्चा करते हुए कहा कि’कोलोस्ट्रम’ यानी माँ के पहले गाढ़े पीले दूध को नवजात का ‘पहला टीका’ माना जाता है । उन्होंने स्तनपान की सही तकनीक और जन्म से छह माह तक केवल स्तनपान के महत्व पर जोर दिया।
मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि छह माह की आयु पूर्ण होने के बाद बच्चों को सही समय पर पौष्टिक ऊपरी आहार देना अनिवार्य है, जिससे उनकी शारीरिक और मानसिक वृद्धि में कोई बाधा न आए। उन्होंने आधुनिक दौर की चुनौतियों का जिक्र करते हुए अभिभावकों को सचेत किया कि वे बच्चों का ‘स्क्रीन टाइम’ यानी मोबाइल और टीवी से दूरी कम करें और उन्हें खेल-आधारित शिक्षा की ओर प्रेरित करें।
मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि पोषण पखवाड़ा’ के अंतर्गत मध्यप्रदेश ने पूरे देश में जन आंदोलन पोर्टल पर गतिविधियों की प्रविष्टि के मामले में देश भर में तीसरे स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों के माध्यम से कुपोषण को दूर करने, स्तनपान को बढ़ावा देने और स्वस्थ आहार के साथ बच्चों के प्रारंभिक विकास पर विशेष बल दिया गया।
मंत्री सुश्री भूरिया ने ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ और कुपोषण निवारण की दिशा में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सरपंचों, जनप्रतिनिधियों और कर्मठ आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि इन ‘पोषण योद्धाओं’ की सक्रियता के कारण ही मध्यप्रदेश के दूरदराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति चेतना जागी है।
कार्यक्रम में आयोजित ‘पोषण प्रदर्शनी’ का अवलोकन करते हुए मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने स्थानीय स्तर पर उपलब्ध मोटे अनाजों और संतुलित आहार के मॉडलों की सराहना की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल 15 दिनों के आयोजन तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि संतुलित पोषण को हर घर की दैनिक आदत बनाना हमारा साझा लक्ष्य है। समारोह का समापन एक सामूहिक संकल्प के साथ हुआ, जिसमें उपस्थित जनसमूह ने हर बच्चे के मस्तिष्क विकास और सर्वांगीण स्वास्थ्य के लिए निरंतर कार्य करने की शपथ ली।
============
वाहन किराये पर लेने हेतु निविदाएं 8 मई तक आमंत्रित
मंदसौर 23 अप्रैल 26 / वरिष्ठ कोषालय अधिकारी द्वारा बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु जिले में कार्यालय जिला कोषालय अधिकारी जिला मंदसौर हेतु 01 वाहन टैक्सी ( स्विफ्ट डिजायर ) कोटे में अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय से रजिर्स्टड वाहन किराये पर लिये जाने हेतु सीलबंद निविदाएं फर्मो / संस्थाओं / व्यक्तियों से निर्धारत प्रपत्र में 8 मई 2026 दोहपर 01:00 बजे तक कार्यालय जिला कोषालय जिला मंदसौर में आमंत्रित की जाती है।
उक्त प्राप्त निविदाएं उसी दिन 8 मई 2026 को समय अपरान्ह 04:00 बजे जिला कोषालय कार्यालय सुशासन भवन पार्ट ब मंदसौर के जिला कोषालय अधिकारी के कक्ष में उपस्थित निविदाकारों के समक्ष खोली जावेगी।
अधिक जानकारी के लिए जिला कोषालय कार्यालय मंदसौर पर संपर्क करें।
============
पशुपालन, बकरीपालन का 12 दिवसीय निःशुल्क प्रशिक्षण मंदसौर 25 अप्रैल से प्रारंभ
इच्छुक प्रशिक्षणार्थी 25 अप्रैल तक रजिस्ट्रेशन करवाएं
मंदसौर 23 अप्रैल 26 / ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान प्रबंधक द्वारा बताया गया कि सेन्ट्रल बैंक आफ इंडिया, ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान, आरसेटी मंदसौर द्वारा मंदसौर मे 12 दिवसीय निःशुल्क प्रशिक्षण 25 अप्रैल 2026 से प्रारंभ होने जा रहा है। इस प्रशिक्षण का लाभ ग्रामीण अंचल के युवक युवतिया जिनकी आयु 18 से 50 वर्ष के बीच को ही मिलेगा। प्रशिक्षण में आवास, भोजन व नाश्ते की व्यवस्था निःशुल्क रहेगी। प्रशिक्षण के दौरान इच्छुक प्रशिक्षणार्थीयो के बैंकिग संबंधी सभी जानकारियों एवं समस्याओ का समाधान भी इस प्रशिक्षण के दौरान किया जायेगा।
इच्छुक प्रशिक्षणार्थी 25 अप्रैल 2026 समय प्रातः 11 बजे से अपने दो 2 नये पासपोर्ट साईज फोटो, आधार कार्ड, बैंक पासबुक, राषन कार्ड एंव समग्र आईडी, कार्ड की छायाप्रति के साथ आवेदन पत्र सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया, ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान, सर्किट हाउस से पहले, नई आबादी थाने के पास, मन्दसौर में जमा करा सकते है।
-==========



