दोपहर में अनावश्यक बाहर न निकलें, लू व तापघात से स्वयं और जीवों को बचाए , स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी जारी

दोपहर में अनावश्यक बाहर न निकलें, लू व तापघात से स्वयं और जीवों को बचाए , स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी जारी
नीमच। बढ़ती गर्मी को देखते हुए सुबह 11 बजे के बाद और शाम 4 बजे से पहले घर बाहर नहीं निकले आवश्यक कार्य होने पर गर्मी लू से बचाव के साथ निकले।तापघात लू से अपने स्वयं को परिजनों को बचाएं, वहीं पशु पक्षियों जीवों के लिए दाना पानी कि यथा शक्ति व्यवस्था करें तापघात लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने आमजन के लिए एडवाइजरी जारी की है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिनेश प्रसाद ने नागरिकों से अपील की है कि दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें तथा लू से बचाव के उपाय अपनाएं।उन्होंने बताया कि अप्रैल, मई एवं जून माह में तापमान अधिक रहने से गर्म हवाएं (लू) चलती हैं, जिससे लोगों के लू की चपेट में आने की संभावना बढ़ जाती है। तेज धूप और अत्यधिक गर्मी के संपर्क में आने से शरीर में पानी और लवण की कमी हो जाती है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती है।
डॉ. प्रसाद ने सलाह दी कि अनावश्यक धूप में निकलने से बचें। यदि बाहर जाना जरूरी हो तो सिर पर कपड़ा या गमछा रखें, आंखों पर चश्मा पहनें और घर से निकलने से पहले कुछ खाकर निकलें। जरूरी कार्य सुबह या शाम के समय ही करें।
उन्होंने बताया कि तेज बुखार, सिरदर्द, चक्कर आना, उल्टी, मुंह सूखना, अत्यधिक प्यास लगना, कमजोरी, शरीर में दर्द, पसीना न आना, पेशाब कम या गहरे रंग का आना, भूख न लगना एवं बेहोशी जैसे लक्षण लू के संकेत हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर संबंधित व्यक्ति को तुरंत छायादार एवं ठंडे स्थान पर लिटाकर प्राथमिक उपचार दें और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सक को दिखाएं।लू से बचाव के लिए अधिक मात्रा में पानी, छाछ, नींबू पानी, फलों के रस जैसे तरल पदार्थों का सेवन करें। सूती वस्त्र पहनें, ओआरएस का घोल लेते रहें और लंबे समय तक धूप में काम करने से बचें। साथ ही दोपहर के समय रसोई में भट्टी का कार्य भी टालने की सलाह दी गई है।
डॉ. प्रसाद ने बताया कि सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर ओआरएस एवं आवश्यक दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित कर दी गई है तथा अधीनस्थ चिकित्सकों को सतर्क रहने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
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