ड्रोन से सर्वे, जमीन में गड़बड़ी, नाहरगढ़ में 6-7 हजार मकानों के रिकॉर्ड पर सवाल

ग्रामीणों का दावा-70 से 80% तक त्रुटियां, निजी मकान-प्लॉट और मंदिर सरकारी दर्ज होने की शिकायत
अपर कलेक्टर का आश्वासन, लापरवाही मिली तो पटवारी पर होगी कार्रवाई, दोबारा होगा घर-घर सर्वे
नाहरगढ़। मंदसौर जिले के सीतामऊ जनपद क्षेत्र के नाहरगढ़ में ड्रोन सर्वे का उद्देश्य जमीन और मकानों का रिकॉर्ड दुरुस्त करना था, लेकिन नाहरगढ़ में इसी सर्वे की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों ने सर्वे में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए प्रशासन से जवाब मांगा है। मंगलवार को जिला मुख्यालय पर आयोजित जनसुनवाई में ग्रामीणों ने कलेक्टर को आवेदन सौंपकर नाहरगढ़, नई आबादी और दूधेश्वर महादेव क्षेत्र में हुए सर्वे की जांच कराने की मांग की। ग्रामीणों का दावा है कि करीब 6 से 7 हजार मकानों के सर्वे में 70 से 80 प्रतिशत तक त्रुटियां हैं। उनका कहना है कि सर्वे कब पूरा हो गया, इसकी जानकारी तक अधिकांश ग्रामीणों को नहीं लगी।
निजी मकान-प्लॉट से लेकर मंदिर तक रिकॉर्ड में सरकारी दर्ज होने का आरोप- ग्रामीणों ने शिकायत में बताया कि सर्वे के दौरान जमीनी स्तर पर भौतिक सत्यापन और सीमांकन नहीं किए जाने के कारण कई निजी मकान, प्लॉट, प्राचीन मंदिर और सार्वजनिक उपयोग के स्थानों का रिकॉर्ड गलत दर्ज हो गया। आरोप है कि लोगों की निजी संपत्तियां सरकारी रिकॉर्ड में शासकीय भूमि के रूप में दर्ज हो गई हैं। इससे संपत्ति के स्वामित्व संबंधी दस्तावेजों में परेशानी खड़ी हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि रिकॉर्ड की गलतियों के कारण उन्हें अपने ही मकान और जमीन से जुड़े कामों में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में भी परेशानी आने की आशंका है।
जनसुनवाई में उठाई आवाज, सर्वे निरस्त कर सुधार की मांग– मामले को लेकर अरुण भटनागर (टाटाभाई), ललित बोराना, फय्याज मैकेनिक, गुड्डू मंसूरी और राकेश पंवार सहित ग्रामीणों ने आवेदन सौंपा। ग्रामीणों ने मांग की कि सर्वे में हुई त्रुटियों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। जहां रिकॉर्ड गलत दर्ज हुआ है, वहां दस्तावेजों और मौके की स्थिति का मिलान कर सुधार किया जाए। जरूरत पड़ने पर पूरे क्षेत्र का नए सिरे से सर्वे कराया जाए, ताकि किसी भी व्यक्ति के साथ उसकी संपत्ति को लेकर अन्याय न हो।
अपर कलेक्टर का आश्वासन, दोबारा घर-घर होगा सत्यापन- ग्रामीणों की शिकायत पर अपर कलेक्टर ने मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि सर्वे में संबंधित पटवारी की लापरवाही सामने आने पर निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही रिकॉर्ड सुधारने के लिए प्रशासन की टीमों द्वारा घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन कराने की बात कही गई।



