लाल, गुलाबी, जामुनी और केसरिया चुनरियों में सजी महिलाओं ने पति की दीर्घायु सुखी दांपत्य जीवन की कामना के साथ किया व्रत परायण

लाल, गुलाबी, जामुनी और केसरिया चुनरियों में सजी महिलाओं ने पति की दीर्घायु सुखी दांपत्य जीवन की कामना के साथ किया व्रत परायण
रिपोर्टर : पंकज बैरागी ✍️सुवासरा। नगर के वार्ड क्रमांक 6 में नगर परिषद पार्षद एवं सभापति रोडूलाल दायमा के नेतृत्व में बंजारा समाज, प्रजापति समाज सहित विभिन्न समाज की मातृशक्तियों ने गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ करवा चौथ का पावन पर्व सामूहिक रूप से हर्षोल्लास के साथ मनाया।
इस अवसर पर सभी मातृशक्तियां पारंपरिक वेशभूषा में सोलह शृंगार कर कार्यक्रम में शामिल हुईं। किसी ने लाल चुनरी, तो किसी ने गुलाबी, जामुनी एवं केसरिया चुनरी धारण कर पर्व की धार्मिक एवं सांस्कृतिक छटा को और भी आकर्षक बना दिया। महिलाओं ने अपने पति की लंबी आयु, सुख-समृद्धि एवं परिवार की खुशहाली की कामना करते हुए करवा चौथ का व्रत रखा।
परंपरा के अनुसार, महिलाओं ने सुबह लगभग 4:30 बजे जलपान करने के बाद निर्जला व्रत का संकल्प लिया। दिनभर व्रत रखने के पश्चात रात्रि में चंद्रमा के दर्शन एवं पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद महिलाओं ने अपने पति का चेहरा देखकर व्रत का पारण किया। करवा चौथ का यह पर्व भारतीय संस्कृति में पति-पत्नी के प्रेम, विश्वास, समर्पण और पारिवारिक एकता का प्रतीक माना जाता है।
इस अवसर पर अपनी बात रखते हुए पार्षद सभापति रोडूलाल दायमा ने कहा कि भारतीय संस्कृति में महिलाओं के लिए अनेक धार्मिक व्रत एवं त्योहारों की परंपरा रही है। करवा चौथ, हरतालिका तीज, ऋषि पंचमी, छठ पूजा, दशा माता पूजा एवं आवरी माता पूजा जैसे पर्व हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाते हैं। ऐसे आयोजनों से समाज में आपसी प्रेम, भाईचारा, सद्भाव एवं एकता की भावना मजबूत होती है।
उन्होंने कहा कि समाज की मातृशक्तियों का इस प्रकार एक साथ एकत्रित होकर पर्व मनाना सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का सुंदर उदाहरण है।
कार्यक्रम के अंत में पार्षद सभापति रोडूलाल दायमा की ओर से सभी मातृशक्तियों के लिए महाप्रसादी का आयोजन किया गया। सामूहिक आयोजन में उत्साह, श्रद्धा एवं उल्लास का वातावरण देखने को मिला। इस प्रकार वार्ड क्रमांक 6 में करवा चौथ का पर्व पारंपरिक आस्था और सामाजिक सौहार्द के साथ मनाया गया।



