सुवासरा में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई भगवान महर्षि वाल्मीकि जयंती

वाल्मीकि समाज ने पूजा-अर्चना कर लिया आदर्शों पर चलने का संकल्प, शिक्षा और सामाजिक एकता पर दिया जोर
पंकज बैरागी
सुवासरा ।नगर में स्थानीय तहसील रोड एवं रुणीजा रोड के समीप वार्ड क्रमांक 7 स्थित वाल्मीकि मोहल्ले में वाल्मीकि समाज के आराध्य देव भगवान महर्षि वाल्मीकि की जयंती सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को दोपहर 1 बजे वाल्मीकि सेवा संगठन एवं समाजजनों के तत्वावधान में बड़े ही हर्षोल्लास, उमंग और उत्साह के साथ मनाई गई।
कार्यक्रम के दौरान रामायण के रचयिता भगवान महर्षि वाल्मीकि के चित्र पर विधि-विधान से माल्यार्पण कर पूजा-अर्चना की गई। उपस्थित समाजजनों ने उनके बताए मार्ग पर चलने तथा उनके आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर विभिन्न वक्ताओं ने भगवान महर्षि वाल्मीकि के जीवन, उनके विचारों और समाज के प्रति उनके योगदान पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने विशेष रूप से शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में वाल्मीकि सेना के प्रदेश उपाध्यक्ष विजयपथ रोड, तहसील प्रभारी रामपाल पथरोल, तहसील अध्यक्ष बंसीलाल घावरी तहसील उपाध्यक्ष दीपक, नगर अध्यक्ष मनोज पथरोल नगर उपाध्यक्ष सुनील पथरोल राहुल पथरौल संगठन मंत्री विकास पथरौल मीडिया प्रभारी आकाश घावरी राष्ट्रीय सेवा संघ के समन्वय प्रभारी गमनलाल कच्छावा तथा कांग्रेस सेवादल के विधानसभा प्रभारी पंकज बैरागी एवं वार्ड क्रमांक 6 के पूर्व पार्षद तेजू बगाढ़ा सहित अनेक समाजजन एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
इस अवसर पर वाल्मीकि समाज की मातृशक्ति ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता कर सामाजिक एकता का परिचय दिया। कार्यक्रम में समाजजनों ने एकजुटता, आपसी भाईचारे और सामाजिक समरसता को मजबूत बनाने का संदेश दिया। आयोजन के पश्चात उपस्थित जनों को महाप्रसादी वितरित की गई।
समाज में एकता, भाईचारे और शिक्षा को बढ़ावा देना आवश्यक : गणलाल कच्छावा
कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित समाजसेवी एवं राष्ट्रीय सेवा संघ के प्रभारी गणलाल कच्छावा ने अपने उद्बोधन में कहा कि समाज में एकता, भाईचारे और शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना अत्यंत आवश्यक है। भगवान महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों को अपनाकर समाज को सकारात्मक दिशा प्रदान की जा सकती है। उन्होंने समाजजनों से शिक्षा को प्राथमिकता देने, आपसी सद्भाव बनाए रखने तथा भावी पीढ़ी को संस्कारवान बनाने का आह्वान किया।
उक्त आशय की जानकारी वाल्मीकि समाज के मीडिया प्रभारी आकाश घावरी ने प्रेस नोट के माध्यम से जानकारी दी।



