व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में हो रहा घरेलू सिलेंडरों का अवैध इस्तेमाल: ‘ग्राहक दक्षता कल्याण फाउंडेशन’ ने खोला मोर्चा

व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में हो रहा घरेलू सिलेंडरों का अवैध इस्तेमाल: ‘ग्राहक दक्षता कल्याण फाउंडेशन’ ने खोला मोर्चा
भोपाल: मध्य प्रदेश के विभिन्न शहरों और जिलों के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में घरेलू एलपीजी सिलेंडरों के अवैध इस्तेमाल का एक बड़ा मामला सामने आया है। ‘ग्राहक दक्षता कल्याण फाउंडेशन’ के स्वयंसेवकों द्वारा किए गए एक गोपनीय जमीनी सर्वेक्षण में खुलासा हुआ है कि राज्य के करीब 1,179 होटल, ढाबे, कैफे, टपरी और रेस्टोरेंट में व्यावसायिक सिलेंडरों के बजाय घरेलू सिलेंडरों का सरेआम दुरुपयोग किया जा रहा है।
इस गंभीर विषय को लेकर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन सोलंके ने मध्य प्रदेश सरकार के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के प्रमुख सचिव को पत्र लिखकर तुरंत कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने अपनी गोपनीय सर्वेक्षण रिपोर्ट और 1,179 प्रतिष्ठानों की सूची भी प्रशासन को सौंप दी है।
पत्र में सचेत किया गया है कि एलपीजी कंट्रोल ऑर्डर, 2000 और आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत घरेलू सिलेंडर का व्यावसायिक उपयोग करना एक गंभीर दंडनीय अपराध है। व्यावसायिक (प्रेशर 4) और घरेलू (प्रेशर 2) सिलेंडरों के दबाव में तकनीकी अंतर होने के कारण ऐसे स्थानों पर किसी भी समय भीषण दुर्घटना या विस्फोट हो सकता है। इसके अतिरिक्त, दुर्घटना की स्थिति में किसी भी प्रकार का बीमा दावा भी मंजूर नहीं होता, जिससे आम नागरिकों और कर्मचारियों की जान को सीधा खतरा बना रहता है।
नितिन सोलंके:राष्ट्रीय अध्यक्ष, ग्राहक दक्षता कल्याण फाउंडेशन
> “हमारे ‘ग्राहक दक्षता कल्याण फाउंडेशन’ के कार्यकर्ताओं ने मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों और शहरों में जाकर एक विस्तृत ग्राउंड सर्वे किया है। इस सर्वेक्षण में बेहद चिंताजनक बात सामने आई है कि राज्य के 1,179 से ज्यादा होटलों, ढाबों और रेस्टोरेंट में खुलेआम घरेलू एलपीजी सिलेंडरों का अवैध इस्तेमाल हो रहा है।
> यह न केवल एलपीजी कंट्रोल ऑर्डर और आवश्यक वस्तु अधिनियम का उल्लंघन है, बल्कि यह सीधे तौर पर आम जनता की जान से खिलवाड़ है। व्यावसायिक और घरेलू सिलेंडरों के प्रेशर में काफी अंतर होता है, जिससे किसी भी वक्त बड़ा हादसा या विस्फोट हो सकता है। हमने पूरी गोपनीय रिपोर्ट और सूची मध्य प्रदेश के खाद्य व नागरिक आपूर्ति विभाग के प्रमुख सचिव को सौंप दी है। हमारी मांग है कि प्रशासन तुरंत उड़न दस्तों का गठन करे और ऐसे स्थानों पर छापेमारी कर कड़ी कानूनी कार्रवाई करे। हमारा अभियान स्पष्ट है—’घरेलू सिलेंडर का उपयोग केवल घरों में ही हो’।”



