मंदसौरमध्यप्रदेश
व्यवसायिक गरबा आयोजनों को अनुमति नहीं दी जाए, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

व्यवसायिक गरबा आयोजनों को अनुमति नहीं दी जाए, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
मंदसौर। कुछ दिनों बाद नवरात्री प्रारम्भ होने वाली है। नवरात्री में गरबों के दौरान कुछ स्थानों पर व्यवसायिक गरबे का आयोजन होता है, जिसमें फूहड़ता, अश्लील नाच गाना एवं अशोभनीय पहनावे का प्रदर्शन होता है। नवरात्री को व्यवसाय एवं मनोरंजन का माध्यम बना दिया गया है जो चिंतनीय विषय है। जबकि नवरात्री भक्ति एवं शक्ति की उपासना का पर्व है जिसे पूर्ण रूप से पारंपरिक ढंग से मनाया जानना चाहिए और पवित्रता का ध्यान रखा जाना चाहिए। इसी विषय को लेकर शुक्रवार को सकल हिन्दू समाज के जागरूक नागरिकों ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंप कर मांग की है कि नवरात्री में व्यवसायिक गरबा आयोजनों को अनुमति नहीं दी जाए एवं जिन्हें दी जा चुकी है उनकी अनुमति निरस्त कि जाए।
*ज्ञापन कि मुख्य मांगे*
कलेक्टर के नाम सौपे गए ज्ञापन में मुख्य रूप से जो मांग रखी गई उसमें व्यवसायिक गरबा आयोजनों को अनुमति नहीं दी जाए। क्योंकि ऐसे आयोजनों में धार्मिक वातावरण विपरीत संगीत पर नृत्य देखने को मिलता है जिसका हमारी युवा पीढ़ी पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने कि आशंका बनी रहती है।
इसी तरह अत्यधिक भीड़ एवं अपरिचित व्यक्तियों के कारण पहचान छुपाकर अथवा गलत परिचय के माध्यम से संपर्क स्थापित करने जैसी घटनाओं तथा समाज में व्यक्त कि जानी वाली “लव जिहाद” संबंधी चिंताओं को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अगर गरबा पांडाल में कोई अपनी पहचान छुपा कर या नशाखोरी करके प्रवेश करता है और प्रशासन उसे पर कठोर कार्रवाई नहीं करता है तो हिंदू समाज अपने स्तर पर ठोस कदम उठाएगी जिसका जिम्मेदार प्रशासन रहेगा।
गणेश ज़ी के पांडाल माताजी के पांडाल के आसपास किसी भी प्रकार से नशाखोरी, अंडे या मांस कि दुकानों का संचालन ना हो और अगर होता है तो प्रशासन कठोर कार्रवाई करे।
गणेश उत्सव एवं नवरात्री के दौरान हमारी माताओं बहनों कि सुरक्षा का विशेष ध्यान रखते हुए पुलिस टीमें तैयार कि जाए।
इस अवसर पर मंदसौर का सकल हिन्दू समाज उपस्थित रहा।



