
शिक्षक दिवस पर ‘एक हाथ सब साथ, स्वास्थ्य पर चर्चा,अ भा मानव कल्याण ट्रस्ट ने वितरण कि स्कूल बैग और शिक्षण सामग्री
फरीदाबाद, 5 सितंबर।सुनील कुमार जांगड़ा,
मिशन शिक्षा के साथ स्वास्थ्य अभियान के अंतर्गत अखिल भारतीय मानव कल्याण ट्रस्ट के संस्थापक डॉ हृदयेश कुमार ने पहल करते शिव मंदिर तिरखा कॉलोनी बल्लभगढ़ फरीदाबाद में आयोजित किया और बताया कि बदलते मौसम और मानसून के बाद की उमस में सेहत का ध्यान रखना सबसे महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस समय हवा में नमी बढ़ने से बैक्टीरिया और वायरस तेजी से पनपते हैं। इस मौसम में पाचन तंत्र (Digestive System), रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) और व्यक्तिगत स्वच्छता (Hygiene) पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। इस मौसम के हिसाब से खुद को और अपने परिवार को स्वस्थ रखने के लिए ‘स्वास्थ्य जागरूकता अभियान’ के तहत जरूरी बातों का जरूर ध्यान रखें जैसे खान-पान पर विशेष ध्यान (Dietary Habits)ताजा और गर्म भोजन खाएं: हमेशा घर का बना ताजा और गर्म खाना ही खाएं। लंबे समय तक बाहर या खुले में रखा हुआ भोजन खाने से बचें क्योंकि उसमें बैक्टीरिया संक्रमण का खतरा सबसे ज्यादा होता है। चाट-पकौड़ी, खुले में कटे हुए फल और सलाद खाने से पूरी तरह बचें। इस मौसम में दूषित पानी और भोजन से टाइफाइड, पीलिया और फूड पॉइजनिंग जैसी बीमारियां फैलती हैं। हल्का और सुपाच्य भोजन लें: मानसून और उमस के मौसम में शरीर की पाचन अग्नि थोड़ी मंद हो जाती है। पानी की शुद्धता और हाइड्रेशन (Safe Drinking Water) पानी हमेशा स्वच्छ या उबालकर ठंडा किया हुआ ही पिएं। भले ही मौसम थोड़ा ठंडा या उमस भरा लगे, शरीर में पानी की कमी न होने दें। दिन में 8-10 गिलास पानी जरूर पिएं ताकि शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकल सकें। फ्रिज का बहुत ज्यादा ठंडा पानी पीने से बचें। रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity अपनी डाइट में अदरक, तुलसी, गिलोय और हल्दी जैसी चीजों को शामिल करें। यह घरेलू नुस्खे मौसमी फ्लू, सर्दी और खांसी से आपका बचाव करते हैं। नींबू, संतरा और आंवला जैसे मौसमी फलों का सेवन करें जो आपकी इम्यूनिटी को मजबूत बनाते हैं। स्वच्छता और मच्छरों से बचाव (Hygiene & Protection)खाना बनाने, खाने से पहले और बाहर से आने के बाद हाथों को साबुन से कम से कम 15-20 सेकंड तक अच्छी तरह धोएं। घर के आस-पास, कूलर या गमलों में पानी इकट्ठा न होने दें। डेंगू और मलेरिया से बचने के लिए पूरी बाजू के कपड़े पहनें और मच्छरदानी या मॉस्किटो रिपेलेंट का इस्तेमाल करें। सक्रिय दिनचर्या और पर्याप्त आराम (Lifestyle)हल्का व्यायाम और योग: सुस्ती को दूर भगाने और मेटाबॉलिज्म को बेहतर रखने के लिए घर के अंदर ही योगासन, कपालभाति या प्राणायाम करें।भरपूर नींद: शरीर को रिकवर करने और बीमारियों से बचाने के लिए 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद बेहद जरूरी है। तापमान में अचानक उतार-चढ़ाव से वायरस सक्रिय हो जाते हैं, जिससे गले में खराश, खांसी और बुखार की समस्या आम हो जाती है। नमी और तापमान में बदलाव के कारण अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और एलर्जी जैसी सांस की दिक्कतें बढ़ जाती हैं। पाचन तंत्र पर असर: मौसम बदलने से पाचन शक्ति कमजोर हो सकती है, जिससे बदहजमी, गैस और पेट के संक्रमण की शिकायत होती है। माइग्रेन और सिरदर्द वातावरण के दबाव और तापमान में बदलाव के कारण आधासीसी या माइग्रेन का दर्द शुरू हो सकता है। बरसात के दौरान पानी के ठहराव से मच्छर पनपते हैं, जिससे डेंगू और मलेरिया का खतरा बढ़ जाता है।
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए गिलोय या तुलसी का सेवन करें। और फ्री शिक्षा पर विशेष ध्यान देते हुए 205 बच्चों को स्कूल बैग 5 कॉपी और ज्योमेट्री बॉक्स का सैट दे कर शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए विशेष प्रयास किया इस कार्यक्रम में पंडित वेद प्रकाश पाराशर, शिव शंकर राय, सुबोध कुमार साह, वेदवीर, नीरज कुमार, व गोपाल कुमार, राकेश कुमार,मनीषा देवी, विमलेश देवी, आदि सभी मौजूद थे डॉ हृदयेश कुमार ने सहयोगियों के प्रति आभार जताया।
कार्यक्रम के सफल संचालन और प्रबंधन में डॉ महेंद्र भारद्वाज मुख्य भूमिका रही। अपनी व्यस्त दिनचर्या में से अमूल्य समय निकालकर कार्यक्रम के आयोजन में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
ट्रस्ट ने सभी सहयोगियों, अभिभावकों और स्थानीय निवासियों की सक्रिय सहभागिता व निस्वार्थ सेवा के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के समापन पर ‘एक हाथ सब साथ ट्रस्ट’ ने उपस्थित सभी शिक्षकों, अभिभावकों और बच्चों को शिक्षक दिवस की हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं प्रेषित कीं।



