रामदेवरा पैदल यात्रियों की सेवा के लिए ‘राम रसोड़ा’, रोज भक्त ले रहे शुद्ध व सात्विक प्रसादी का लाभ

रामदेवरा पैदल यात्रियों की सेवा के लिए ‘राम रसोड़ा’, रोज भक्त ले रहे शुद्ध व सात्विक प्रसादी का लाभ
मंदसौर। बाबा रामदेवजी के दर्शनों के लिए रामदेवरा की कठिन पैदल यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं की भक्ति और निष्ठा को नमन करते हुए मंदसौर शहर में आस्था एवं सेवा का अनूठा केंद्र ‘राम रसोड़ा’ संचालित किया जा रहा है। ‘प्रभु कृपा से प्रभु इच्छा तक’ के पावन ध्येय वाक्य के साथ शुरू किया गया यह राम रसोड़ा मंदसौर में एसपी बंगले के पास, नमो गार्डन के बाहर एवं श्री कोल्ड से पहले वाले मार्ग पर स्थित है। इस सेवा प्रकल्प की शुरुआत श्री जिनेन्द्र जैन (जैनु भाई) द्वारा प्रथम बार 18 अगस्त मंगलवार को की गई है, जो आगामी 1 सितंबर, मंगलवार तक निरंतर जारी रहेगा।इस राम रसोड़े में प्रतिदिन लगभग 900 से 1000 रामदेवरा पैदल यात्री प्रसादी का आनंद ले रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यहाँ सुबह 6 बजे से 10 बजे तक भरपेट और पौष्टिक नाश्ते का प्रबंध रहता है। इसके पश्चात प्रातः 11 बजे से रात्रि 9 बजे तक अनवरत रूप से भोजन प्रसादी की व्यवस्था की गई है।
यहाँ आने वाले सभी पदयात्रियों को पूरे आदर एवं स्नेह भाव के साथ टेबल-कुर्सियों पर बिठाकर पारंपरिक पत्तल-दोने में शुद्ध एवं सात्विक भोजन कराया जाता है। भोजन प्रसादी के साथ-साथ लंबी दूरी तय कर थक चुके यात्रियों के विश्राम के लिए भी यहाँ अल्पकालिक ठहराव की समुचित व्यवस्था की गई है, जहाँ वे विश्राम कर अपनी आगे की यात्रा के लिए पुनः ऊर्जा प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही पैदल यात्रियों के लिए मसाज ऑयल भी उपलब्ध करवाया जा रहा है जिससे उन्हें आगे क यात्रा करने में सुविधा हो सके।धार्मिक एवं सामाजिक समरसता की मिसाल बन रहे इस सेवा कार्य में मंदसौर के अनेक सामाजिक एवं धार्मिक गतिविधियों से जुड़े गणमान्य नागरिक अपनी-अपनी सुविधानुसार उपस्थित होकर तन-मन-धन से अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि समाजसेवी श्री जिनेन्द्र जैन (जैनु भाई) विगत कई वर्षों से क्षेत्र की विविध सामाजिक एवं धार्मिक गतिविधियों में अग्रणी भूमिका निभाते आ रहे हैं। इससे पूर्व भी उनके द्वारा रामदेवरा जाने वाले पदयात्रियों हेतु व्यापक स्तर पर सेवा कार्य आयोजित किए जाते रहे हैं, वहीं नालछा माता मंदिर परिसर में आयोजित होने वाले विशाल कन्या भोज कार्यक्रमों में भी उनकी समर्पित एवं सक्रिय भूमिका रहती है। बाबा रामदेवजी के भक्तों की निःस्वार्थ भाव से इस सेवा कार्य से अनेक लोग जुड़कर अपने तन-मन-धन से सेवा दे रहे है।



