चंबल पर बनेगा 5 KM का ‘मेगा ब्रिज’: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से गरोठ में सीधे मिलेगी कनेक्टिविटी……

चंबल पर बनेगा 5 KM का ‘मेगा ब्रिज’: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से गरोठ में सीधे मिलेगी कनेक्टिविटी……
भोपाल: मध्य प्रदेश के मालवा अंचल और राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों के दिन अब पूरी तरह बदलने वाले हैं! प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने नीमच, मनासा और रामपुरा क्षेत्र की जनता को एक ऐसा ‘मास्टरस्ट्रोक’ तोहफा दिया है, जिससे न सिर्फ सड़कों की सूरत बदलेगी बल्कि तरक्की के सारे बंद दरवाजे भी खुल जाएंगे
नीमच-मनासा-रामपुरा-झालावाड़ फोरलेन (SH-7) को आखिरकार हरी झंडी मिल गई है। इस बड़ी परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए राज्य कैबिनेट ने ₹4,600 करोड़ की बंपर ऋण गारंटी को मंजूरी दे दी है।
तीन दिग्गजों की तिकड़ी ने मारी बाजी:-
इस महा-परियोजना को मंजूरी दिलाने के पीछे नीमच के तीन धाकड़ नेताओं की मेहनत रंग लाई है। नीमच विधायक दिलीप सिंह परिहार, मनासा विधायक अनिरुद्ध माधव मारू और जावद विधायक ओमप्रकाश सखलेचा के लगातार प्रयासों और सरकार के स्तर पर की गई ‘दमदार पैरोकारी’ के चलते ही इस ड्रीम प्रोजेक्ट पर मुहर लग पाई है।
चंबल के पानी पर तैरता दिखेगा ‘इंजीनियरिंग का अजूबा’:-
इस फोरलेन प्रोजेक्ट की सबसे रोमांचक और हैरान कर देने वाली बात है—चंबल नदी पर बनने वाला 5 किलोमीटर लंबा मेगा ब्रिज!
कहाँ बनेगा: गरोठ के बालोदा और मनासा के चचोर के बीच।
क्यों है खास: 5 KM लंबा यह पुल मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी और आधुनिक इंजीनियरिंग संरचनाओं में से एक होगा, जो चंबल के दोनों किनारों को आपस में जोड़ेगा।
सीधे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा नीमच!
अब नीमच की दूरी देश की राजधानी दिल्ली और आर्थिक राजधानी मुंबई से बेहद सिमट जाएगी!
लगभग 95.85 किलोमीटर लंबे इस मार्ग के बनने से नीमच अंचल को सीधे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का एक्सेस (संपर्क) मिल जाएगा।
एमपी और राजस्थान (झालावाड़) के बीच व्यापारिक गतिविधियां ‘सुपरफास्ट’ रफ्तार से दौड़ेंगी।
लहसुन, धनिया और अफीम किसानों की ‘बल्ले-बल्ले’:-
नीमच और मंदसौर की पहचान देश भर में अफीम, लहसुन, धनिया और अन्य कृषि उपजों की बड़ी मंडी के रूप में है।
फायदा: अब किसानों और व्यापारियों की फसल मिनटों में देश के बड़े बाजारों तक पहुंचेगी।
नतीजा: परिवहन का खर्च घटेगा, मुनाफा बढ़ेगा और इलाके में नए उद्योगों के साथ रोजगार के हजारों नए अवसर पैदा होंगे!
खबर का सार सीधा है: 4,600 करोड़ की इस महा-योजना से न सिर्फ 12 प्रमुख सड़कों की किस्मत बदलेगी, बल्कि नीमच-गरोठ फोरलेन (जिसका प्राक्कलन 1,332.80 करोड़ है) के जरिए मालवा का यह इलाका विकास का नया ‘हब’ बनने जा रहा है!


