मध्यप्रदेश

जहां सिर्फ 3 बच्चे आते थे, वहां अब 202 विद्यार्थी सीधी के टीचर शैलेंद्र सिंह ने बदली स्कूल की तस्वीर, राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 में चयन

जहां सिर्फ 3 बच्चे आते थे, वहां अब 202 विद्यार्थी सीधी के टीचर शैलेंद्र सिंह ने बदली स्कूल की तस्वीर, राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 में चयन

सीधी। जिले के शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय कंजवार के शिक्षक शैलेंद्र सिंह का चयन राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 के लिए हुआ है। शिक्षक दिवस के अवसर पर छह सितंबर को उन्हें सम्मानित किया जाएगा। इससे पहले शैलेंद्र सिंह को राज्यपाल की ओर से राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान भी मिल चुका है।

11 बच्चों से शुरू हुआ सफर

शैलेंद्र सिंह ने 22 अक्टूबर 2011 को शासकीय प्राथमिक शाला अगरियान टोला कंजवार में शिक्षक के रूप में जिम्मेदारी संभाली थी। उस समय विद्यालय में केवल 11 बच्चे दर्ज थे और इनमें भी महज तीन विद्यार्थी नियमित रूप से स्कूल आते थे। उन्होंने स्कूल की स्थिति सुधारने के साथ विद्यार्थियों को शिक्षा से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया। उनके प्रयासों से जर्जर स्कूल भवन का जीर्णोद्धार कराया गया और विद्यालय की तस्वीर बदलने लगी। धीरे-धीरे विद्यार्थियों की संख्या बढ़कर 202 तक पहुंच गई। शैलेंद्र सिंह ने बताया कि उनके पिता भी शिक्षक थे। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के विचारों को अपने जीवन का संकल्प बनाया। उनका मानना है कि स्वयं को कमजोर समझना सबसे बड़ा पाप है और संघर्ष जितना बड़ा होगा, सफलता उतनी ही शानदार होगी।

जनभागीदारी से बढ़ीं सुविधाएं

13 अगस्त 2024 को शैलेंद्र सिंह को प्रभारी प्रधानाध्यापक की जिम्मेदारी मिली। इसके बाद उन्होंने ग्रामवासियों, अभिभावकों और जनप्रतिनिधियों के साथ जनभागीदारी अभियान चलाया। अभियान से करीब पांच लाख रुपये का सहयोग मिला। इससे 900 फीट बाउंड्रीवाल और पेयजल की व्यवस्था कराई गई। भवन की मरम्मत के साथ फर्नीचर भी तैयार कराया गया। नवीन भवन के लिए 51 लाख रुपये और विधायक निधि से 25 लाख रुपये स्वीकृत हुए, जिससे विद्यार्थियों के लिए सुविधाएं बढ़ीं।

विद्यार्थियों की उपलब्धियां भी बढ़ीं

शैलेंद्र सिंह के पढ़ाए चार बच्चों का चयन जवाहर नवोदय विद्यालय और दो विद्यार्थियों का ओलंपियाड में हुआ है। उन्होंने ‘समय का प्रबंधन’ और ‘पर्यावरण अध्ययन क्यों आवश्यक’ नाम से दो पुस्तकें भी लिखी हैं। इसके अलावा छह क्रियात्मक शोध किए और राज्य व जिला स्तर पर मास्टर ट्रेनर के रूप में योगदान दिया। उन्हें कलेक्टर की ओर से स्टार आफ द मंथ और विश्वामित्र आदर्श शिक्षक सम्मान भी मिल चुका है।

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