कलयुगी श्रवण कुमार ने मां को कांवड़ में बैठाकर तय किया 20 किमी का सफर

कलयुगी श्रवण कुमार ने मां को कांवड़ में बैठाकर तय किया 20 किमी का सफर
शामगढ़ से नंगे पांव धर्मराजेश्वर पहुंचे पुत्र, मां के साथ किया भोलेनाथ का जलाभिषेक
शामगढ़।मंदसौर जिले में माता-पिता की सेवा को सबसे बड़ा धर्म मानने वाले पुत्र की अनूठी भक्ति और मातृ सेवा का भाव देखने को मिला। शामगढ़ निवासी राठौर परिवार के एक पुत्र ने अपनी मां को कांवड़ में बैठाकर करीब 20 किलोमीटर का सफर नंगे पांव पैदल तय करते हुए धर्मराजेश्वर मंदिर पहुंचकर मिसाल पेश की।
परिवार में धार्मिक यात्रा को लेकर उमंग जगी तो पुत्र ने अपनी मां को भी इस यात्रा का सहभागी बनाने का संकल्प लिया। इसके बाद मां को कांवड़ में बैठाकर शामगढ़ से धर्मराजेश्वर के लिए पैदल यात्रा शुरू की। रास्तेभर पुत्र नंगे पांव चलता रहा और मां को कांवड़ में बैठाकर सुरक्षित रूप से मंदिर तक लेकर पहुंचा।
धर्मराजेश्वर मंदिर पहुंचने के बाद पुत्र ने अपनी मां के साथ भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की और सुख-समृद्धि की कामना की।
मां के प्रति प्रेम, समर्पण और सेवा का यह भाव लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा। पुत्र की इस श्रद्धा को देखकर लोगों ने उसे ‘कलयुगी श्रवण कुमार’ की संज्ञा देते हुए उसकी जमकर सराहना की। आधुनिक दौर में जहां बुजुर्ग माता-पिता की सेवा को लेकर कई सवाल उठते हैं, वहीं राठौर परिवार के इस पुत्र ने अपनी मां के प्रति प्रेम और कर्तव्य का प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया।



