बजेंगे ढोल-ताशे,नाचेंगे भूत-अघोरी ओर भव्य लाव लश्कर के साथ नगर भ्रमण पर निकलेंगे श्री नीलकंठेश्वर महादेव

बजेंगे ढोल-ताशे,नाचेंगे भूत-अघोरी ओर भव्य लाव लश्कर के साथ नगर भ्रमण पर निकलेंगे श्री नीलकंठेश्वर महादेव
दिल्ली एवं राजस्थान के कलाकारों की एक से बढ़कर एक झांकिया रहेगी आकर्षण का केंद्र
तितरोद।प्राचीन सिद्ध चमत्कारिक भगवान श्री नीलकंठेश्वर जी महादेव तितरोद की ऐतिहासिक एवं भव्य शाही सवारी परम्परागत रूप से इस वर्ष भी श्रावण मास के तृतीय सोमवार 17 अगस्त को भव्य लाव लश्कर के साथ निकलेगी जिसमे क्षेत्र के हजारो शिवभक्त भाग लेंगे। शाही सवारी दोपहर 12 बजे नीलकंठेश्वर महादेव जी की आरती के साथ प्रारम्भ होगी जो रात्री 10 बजे पुनः मन्दिर पहुँचेगी।शाही सवारी में क्षेत्र ही नही मन्दसौर जिले का विख्यात श्री श्याम बेंड खेजड़िया, जय भवानी ढोल पार्टी तितरोद, भस्म रमैया डमरू- ताशा मण्डल सेमलिया रानी, पुष्प वर्षा करने वाली तोप, 04 डीजे पार्टियां, दिल्ली के राधाकृष्ण जी की झांकी, दिल्ली के शिवपार्वती जी की झांकी, विशाल नंदी पर सवार शिव जी की झांकी, अघोरी दल नाडोल राजस्थान, कच्ची घोड़ी के नृत्य कलाकार नाडोल राजस्थान, मोटू-पतलू, महाबली हनुमान जी व मंकी मेंन, 11 फिट ऊंचाई का सबसे बड़ा बाहुबली गोरिल्ला, कालिका माता की झांकी, शेरावाली माता की झांकी,शिव जी की झांकी, श्री राम मंदिर की झांकीयो के साथ अनेको झांकियों का विशाल कारवां इस बार की शाही सवारी को शोभायमान करेगा।इसी के साथ शाही रथ पर विराजित भगवान श्री नीलकंठेश्वर महादेव जी हजारो शिवभक्तो को दर्शन देने नगर भ्रमण पर निकलेंगे।
आयोजन कार्यकर्ताओं ने कहा कि शाही सवारी मे बाहर से आने वाले हजारों शिवभक्तो हेतु अनेकों जगह चाय, पोहे, केले, साबुदाने की खिचड़ी, साबुदाने की खीर ,केसर दुध, केले, फलिहारी आदि की पूर्ण व्यवस्था नगर वासियों की ओर से रहेगी। शाही शवारी देखने का समय–बाहर से आने वाले सभी शिवभक्त दोपहर 12 बजे से शाम 07 बजे तक पधारे क्योंकि इसी समय मे शाही शवारी मुख्य सड़क मार्ग पर भव्य लाव लश्कर के साथ रहेगी ।



