आध्यात्ममंदसौरमध्यप्रदेश
जो सहन कर लेता है, वह सब कुछ पा लेता है- बहन सुशीला शर्मा

संत निरंकारी महिला संत समागम रतलाम में संपन्न

मंदसौर। संत निरंकारी मंडल दिल्ली ज़ोन उज्जैन ब्रांच रतलाम के तत्वावधान में ज़ोन स्तर का वार्षिक महिला संत समागम गुरु नानक धाम, सिंधु नगर में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में उज्जैन ज़ोन की 16 ब्रांचों की महिलाओं व साध-संगत के लगभग 600 लोगों ने सहभागिता की। कार्यक्रम में महिलाओं ने गीत गाकर, रचनाओं व कविताओं द्वारा तथा सद्गुरु की सीख को नाटक प्रस्तुत कर समझाया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जयपुर ज़ोन की बहन सुशीला शर्मा ने की। संगत की शुरुआत बहनों द्वारा ‘हरदेव पाठ’ से की गई। उसके बाद बारी-बारी से सभी ब्रांचों की बहनों ने सद्गुरु के संदेश की प्रस्तुतियाँ देकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम में मराठी भाषा में गीत, कन्नड़ भाषा में विचार, आदिवासी भाषा में भजन और हिंदी भाषा में नाटक प्रस्तुत किया गया।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में सुशीला शर्मा ने कहा, “आज महिला समागम में सद्गुरु माता सुदीक्षा के आशीर्वाद से रतलाम आने पर आप सभी संतों के दर्शन करने का अवसर प्राप्त हो रहा है। महिला समागम में सद्गुरु माता जी की कृपा से महिलाओं को अपना टैलेंट दिखाने व उनके अंदर छिपी प्रतिभा को प्रस्तुत करने का अवसर मिला है। आज हम अपने घर में किस प्रकार खुश रह सकते हैं, वह है सहनशीलता। किसी ने कुछ कह दिया तो सहन कर लिया, जवाब नहीं दिया। यदि जवाब देते तो चार बातें और बढ़ जाएँगी। जो सहन कर लेता है, वह सब कुछ पा लेता है। सद्गुरु का नाम जिस घर में बस जाता है, उसका हर कार्य यह निरंकार देखता है। आप निरंकार को अपने हर काम में शामिल कर लें, यह निरंकार उसे सुंदर तरीके से पूरा करता है। यदि एक का दामन पकड़े रहते हैं, तो यह इसी की जिम्मेदारी होती है और यह अपने संतों पर रहमत करता है।”
कार्यक्रम के अंत में सभी बहनों व साध-संगत का आभार ज़ोनल इंचार्ज राजकुमार गनवानी ने व्यक्त किया। यह जानकारी मीडिया सहायक शीतलदास कोतक ने दी।



