“हर घर तिरंगा” अभियान: नागरिकों से राष्ट्रीय ध्वज संहिता के पालन का आग्रह

“हर घर तिरंगा” अभियान: नागरिकों से राष्ट्रीय ध्वज संहिता के पालन का आग्रह
नीमच, 10 अगस्त 2026। संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार जिले में 9 से 17 अगस्त 2026 तक “हर घर तिरंगा” अभियान एवं “तिरंगा यात्रा” आयोजित की जा रही है। अभियान के तहत राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान एवं प्रदर्शन के संबंध में भारतीय ध्वज संहिता के मुख्य नियम एवं दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
तिरंगा फहराने के नियम:
1. सामग्री: तिरंगा कपास, पॉलिएस्टर, ऊन, सिल्क या खादी से हाथ से बना या मशीन निर्मित हो सकता है।
2. आकार: झंडा आयताकार होना चाहिए एवं लंबाई-चौड़ाई का अनुपात 3:2 होना अनिवार्य है।
3. रंग की स्थिति: फहराते समय केसरिया रंग हमेशा ऊपर होना चाहिए।
4. समय: ध्वज को दिन और रात दोनों समय अर्थात 24 घंटे फहराया जा सकता है।
5. सम्मान: ध्वज कटा-फटा, मैला या क्षतिग्रस्त नहीं होना चाहिए।
क्या न करें – पाबंदियां:
1. तिरंगे का उपयोग कमर के नीचे पहने जाने वाले कपड़ों, यूनिफॉर्म, रुमाल, नैपकिन या कुशन कवर के रूप में न करें।
2. राष्ट्रीय ध्वज पर किसी भी प्रकार का शब्द, नारा या चित्र न लिखें और न छापें।
3. तिरंगा किसी भी स्थिति में जमीन, फर्श या पानी को नहीं छूना चाहिए।
4. इसे सजावट के लिए बंधनवार या तोरण के रूप में उपयोग न करें।
तिरंगा यात्रा के दौरान ध्यान दें:
यात्रा या कार्यक्रमों में कागज या अन्य अनुमत सामग्री से बने छोटे झंडों को हाथ में लेकर लहराया जा सकता है। कार्यक्रम के बाद कागज के झंडों को सड़क पर या कचरे में न फेंके। यदि झंडा खराब हो जाए, तो उसे एकांत में पूरी मर्यादा और सम्मान के साथ नष्ट किया जाना चाहिए।
समस्त नागरिकों से अपील है कि “हर घर तिरंगा” अभियान को सफल बनाने एवं राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान को बनाए रखने के लिए ध्वज संहिता का अनिवार्यतः पालन करें।
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