संजीत की छोटी हुसैन टेकरी पर चेहल्लुम में उमड़ा आस्था का सैलाब

अंगारों पर चले हजारों अकीदतमंद, हिंदू-मुस्लिम एकता का बना मिसाल
संजीत। छोटी हुसैन टेकरी के नाम से प्रसिद्ध चाबुक वाले बाबा की दरगाह पर मंगलवार को मोहर्रम के चालीसवें दिन चेहल्लुम का आयोजन धूमधाम से किया गया। इस अवसर पर हजारों की संख्या में जायरिन दरगाह पहुंचे और अपनी मन्नतें मांगी।सुबह से ही दरगाह पर जायरिनों की आवाजाही शुरू हो गई थी। परंपरा के अनुसार बड़ी संख्या में अकीदतमंद अपनी मिन्नतें लेकर जलते हुए अंगारों पर नंगे पांव चले। मान्यता है कि चाबुक वाले बाबा सच्चे दिल से मांगी गई हर मन्नत पूरी करते हैं।अंगारे पर चलने के बाद लोगों ने दरगाह पर चादर चढ़ाकर दुआएं मांगी। यह आयोजन हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रतीक भी माना जाता है। यहां दोनों समुदायों के लोग बरसों से अपनी मन्नत लेकर पहुंचते हैं।
चेहल्लुम के मौके पर दरगाह परिसर में लंगर का आयोजन भी किया गया। हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। दरगाह के आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। आयोजन समिति के अनुसार शाम 5 बजे विधिवत रूप से चेहल्लुम का कार्यक्रम संपन्न हुआ।
पूरे दिन दरगाह पर धार्मिक नारे, कव्वाली और दुआओं का दौर चलता रहा।स्थानीय लोगों का कहना है कि संजीत मगरा पर छोटी हुसैन टेकरी के नाम से जानी जाने वाली चाबुक वाले बाबा की दरगाह वर्षों से श्रद्धा का केंद्र है।
मोहर्रम के बाद चेहल्लुम पर यहां मध्यप्रदेश सहित राजस्थान से भी जायरिन आते हैं। स्थानीय कमेटी और प्रशासन और पुलिस ने व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग किया।


