सार्थक पोषण वन श्रृंखला – हतुनिया एवं रिछा लालमुहा में लगाए फलदार एवं छायादार वृक्ष के पौधे

सार्थक पोषण वन श्रृंखला – हतुनिया एवं रिछा लालमुहा में लगाए फलदार एवं छायादार वृक्ष के पौधे
दलौदा। पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण अंचलों में पोषण सुरक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से‘-सार्थक संस्था’ द्वारा निरंतर और अथक प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में संस्था द्वारा छात्रों एवं स्कूलों के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के क्रम में शासकीय हाई स्कूल ग्राम हतुनिया एवं ग्राम रिछा लालमुहा में ‘पोषण वन‘ की स्थापना के तहत कुल 50 फलदार एवं छायादार पौधे लगाए गए। इस दौरान दोनों ही विद्यालयों के परिसर में 25-25 पौधे रोपे गए। इन पौधों को लगाने का मुख्य उद्देश्य विद्यालयीन छात्रों को भविष्य में प्राकृतिक रूप से पौष्टिक फल उपलब्ध कराना और क्षेत्र के हरित आवरण को बढ़ाना है।
दिनांक 20 तारीख को सार्थक की टीम ग्राम हतुनिया में पहुंची और ओरिएंटेशन प्रोग्राम के तहत छात्र-छात्राओं को साथ में लाए गए प्रत्येक पौधे का नाम एवं उसकी विशेषताओं के बारे में जानकारी दी गई, उनके आकार को लेकर बताया गया, उनके औषधीय महत्व के बारे में बताया गया, संस्था का उद्देश्य है आने वाली पीढ़ी प्रकृति के प्रति संवेदनशील हो और उनके द्वारा रोपित किए जा रहे पौधों के बारे में उन्हें एक सामान्य जानकारी रहे।
इस अवसर पर शासकीय हाई स्कूल हतुनिया के प्राचार्य श्री बल्ताजर तिग्गा, श्री महेश पाटीदार, कैलाश चंद्र चौहान दुर्गा लाल धाकड़ बलवंत सिंह जगावत वृक्षारोपण में सहयोग हेतु छात्रों के साथ सहयोग हेतु पूरे समय उपस्थित रहे।ग्राम रिछा लालमुहा में आयोजित पौधरोपण कार्यक्रम में सार्थक के सदस्य एवं ग्राम रिछा लाल मुंहा के सरपंच श्री मधुसूदन जी पाटीदार, ग्राम सचिव एवं सह सचिव उपस्थित रहे। संस्था में हो रहे वृक्षारोपण को लेकर विद्यार्थियों का भारी उत्साह देखने को मिला।सरपंच श्री पाटीदार ने सार्थक संस्था की इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा ‘पर्यावरण संतुलन बनाए रखने और हमारी आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य के लिए ‘पोषण वन’ जैसी योजनाएं अत्यंत आवश्यक हैं। संस्था विगत तीन वर्षों से इस ग्राम में स्वास्थ्य कैंप के द्वारा कैरियर गाइडेंस के द्वारा और गांव को गार्बेज मुक्त गांव बनाने की दिशा में निरन्तर सहयोग मार्गदर्शन एवं जागरूकता कार्यक्रम कर रही है संस्था द्वारा किया गया यह कार्य न केवल प्रकृति को समृद्ध करेगा, वरन आने वाली पीढ़ी को प्रकृति के प्रति संवेदनशील और उत्तरदाई भी बनाएगा। संस्था के प्राचार्य, स्टाफ और विद्यार्थियों ने लिया संकल्प।कार्यक्रम के दौरान संस्था के प्राचार्य, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ सहभागिता की। विद्यार्थियों ने न केवल पौधे लगाए, बल्कि उनकी सुरक्षा और देखभाल करने की बात भी कही। वृक्षारोपण के अवसर पर संस्था के परिसर में श्रमदान का कार्य छात्रों, स्टाफ सदस्यों, एवं सार्थक सदस्यों ने किया।संस्था के प्राचार्य ने अपने संबोधन में बताया कि सार्थक संस्था केवल पौधरोपण तक सीमित नहीं रहती, बल्कि लगाए गए पौधों के वृक्ष बनने तक उनकी पूरी देखभाल सुनिश्चित करती है। पोषण वन की अवधारणा की सराहना की।सार्थक ने यह ठाना है मिलकर पेड़ लगाना है श्रीमती आरतीजैन द्वारा लगाए गए इन नारों से वातावरण गूंज उठा और एक अलग प्रकार का उत्साह और जोश छात्रों में प्रकृति को लेकर जागा।कार्यक्रम के अंत में सार्थक संस्था की टीम, श्री संजय नीमा, शंकर लाल पाटीदार, अर्पित सेन, विक्रम सिंह संस्था सार्थक की संस्थापक उर्मिला तोमर, सार्थक सदस्य श्रीमती आरती जैन, श्रीमती सूर्यप्रभा की में श्रीमती विजयलक्ष्मी, श्रीमती तरुण दवे द्वारा विद्यालय के प्राचार्य उपस्थित समस्त स्टाफ के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया गया की आप ही इन पौधों को वृक्ष बनाने में छात्रों के साथ सर्वाधिक सहयोगी बनेंगे।



