कौशल शिक्षामंदसौरमंदसौर जिला

सिलाई प्रशिक्षण ने छात्राओं को बनाया आत्मनिर्भरता की राह का साथी, प्रमाण-पत्र पाकर खिल उठे चेहरे

सिलाई प्रशिक्षण ने छात्राओं को बनाया आत्मनिर्भरता की राह का साथी, प्रमाण-पत्र पाकर खिल उठे चेहरे

मंदसौर। ‘हुनर ही आत्मनिर्भरता की सबसे बड़ी पहचान है।’ इसी उद्देश्य को साकार करते हुए मंदसौर मानव सेवा कल्याणकारी संस्था द्वारा संचालित सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रशिक्षण प्राप्त छात्राओं को सम्मानपूर्वक प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। समारोह में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। प्रमाण-पत्र प्राप्त कर छात्राओं के चेहरे खुशी से खिल उठे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मंदसौर विधायक विपिन जैन ने कहा कि महिलाओं और युवतियों को कौशल आधारित प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने संस्था के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण समाज में रोजगार के नए अवसर सृजित करने के साथ-साथ महिलाओं के आत्मविश्वास को भी नई पहचान देते हैं।
इस अवसर पर संस्था के सचिव आसिफ खान, शहर काजी आसिफ़ उल्लाह साहब, वक्फ बोर्ड जिला अध्यक्ष साकिर गढ़वी, ग्राम कचनारा के सरपंच हारून कुरेशी, नगर पालिका नेता प्रतिपक्ष रफत पयामी, हज कमेटी जिला अध्यक्ष शाहिद निज़ामी, सरवर खान (पत्रकार), जुल्फिकार शाह, अनवर खान पेटीवाले, नाहरू भाई (एम.के. इंजीनियरिंग), कांग्रेस नेता मज़हर खान, ब्लॉक स्काउट प्रभारी मोहम्मद उमर शेख, अकरम अंसारी, मोइन भाई, महमूद नागौरी, राजेंद्र बंजारिया, हसन मेव, समीर खान (एडवोकेट), इदरीश शाह, जफर कुरेशी, शाहिद मंसूरी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में अतिथियों ने प्रशिक्षण प्राप्त छात्राओं को प्रमाण-पत्र प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं तथा उन्हें अपने कौशल का उपयोग कर स्वरोजगार अपनाने और अन्य महिलाओं को भी प्रेरित करने का संदेश दिया। समारोह का वातावरण उत्साह, सम्मान और आत्मविश्वास से परिपूर्ण रहा। अंत में संस्था द्वारा सभी अतिथियों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया गया।
उमर शेख

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
WhatsApp Icon
Whatsapp
ज्वॉइन करें
site-below-footer-wrap[data-section="section-below-footer-builder"] { margin-bottom: 40px;}