अस्पताल में कुत्ते के काटने पर नहीं मिला इलाज, मासूम को लेकर भटके परिजन

अस्पताल में कुत्ते के काटने पर नहीं मिला इलाज, मासूम को लेकर भटके परिजन
कांग्रेस का बड़ा आरोप सरकारी अस्पताल बने शोपिस व रेफलर अस्पताल
पिपलियामंडी लूनाहेड़ा के उत्कर्ष प्रकाशचंद माली के 10 वर्षीय पुत्र को कुत्ते ने काट लिया था।उसके बाद बाद प्राथमिक उपचार के लिए परिजन पिपलिया सामुदायिक स्वास्थलेन्द्र लेकर पहुंचे लेकिन वहां
अस्पताल में कुत्ते के काटने के इलाज के लिए लगने वाला ‘एंटी-रेबीज इंजेक्शन’ और संबंधित दवाएं ही उपलब्ध नहीं थीं।
इलाज न मिलने के कारण परिजनों को घायल बच्चे को लेकर मल्हारगढ़ जाना पड़ा,उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
पीड़ित बालक के पिता प्रकाशचंद माली ने अस्पताल की बदहाली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि करोड़ों रुपये की लागत से बने इस अस्पताल में सामान्य इलाज तक की सुविधा नहीं है।
सूचना पर जिला कांग्रेस के महासचिव अनिल शर्मा,नगर कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उणियारा,जनपद सदस्य श्यामलाल मालवीय, महेश सेन,धुलसिंह तंवर आदि भी लुनाहेड़ा पहुंचे व बालक उत्कर्ष की कुशलक्षेम पूछी।स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि शासकीय अस्पताल में एंटी-रेबीज वैक्सीन की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित की जाए ताकि किसी अन्य मरीज को परेशान न होना पड़े।
एंटी रेबीज,एंटी स्नेक की सुविधा प्रत्येक अस्पताल में हो
जिला कांग्रेस के महासचिव अनिल शर्मा,किशोर उणियारा ने प्रशासन से मांग की है बारिश के मौसम में एंटीरेबिज एवं एवं एंटी स्नेक के इंजेक्शन एवं दवाइयों के साथ ही प्रशिक्षित डॉक्टर की उपस्थिति भी सुनिश्चित होना चाहिए।कांग्रेसनेता ओ ने कहा कि मंगलवार को इस समस्या के समाधान की मांग को लेकर एक प्रतिनिधिमंडल अनुविभागीय अधिकारी से मिलेगा।



