ईमानदारी की अनूठी मिसाल: नीमच की पार्षद श्रीमती सुमित्रा पोरवाल ने स्वामीनारायण मंदिर ट्रस्ट को लौटाए ₹7.28 लाख

ईमानदारी की अनूठी मिसाल: नीमच की पार्षद श्रीमती सुमित्रा पोरवाल ने स्वामीनारायण मंदिर ट्रस्ट को लौटाए ₹7.28 लाख
नीमच –
“ईमानदारी आज भी जिंदा है” इस बात को सच कर दिखाया है नीमच नगर पालिका परिषद की सक्रिय पार्षद श्रीमती सुमित्रा मुकेश पोरवाल ने। उन्होंने अपने खाते में गलती से आए ₹7,28,000 (सात लाख अट्ठाइस हजार रुपये) की बड़ी राशि को पूरी ईमानदारी के साथ वापस स्वामीनारायण मंदिर ट्रस्ट, अहमदाबाद को लौटाकर समाज के सामने एक बेहतरीन मिसाल पेश की है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, पार्षद श्रीमती सुमित्रा पोरवाल का बैंक ऑफ बड़ौदा (पुस्तक बाजार शाखा, नीमच) में खाता है। इस खाते में तकनीकी गलती से स्वामीनारायण मंदिर ट्रस्ट अहमदाबाद की ₹7,28,000 की राशि आ गई थी। इतनी बड़ी राशि का अचानक ट्रांजैक्शन होने के कारण बैंक द्वारा सुरक्षा कारणों से खाते को होल्ड (बंद) कर दिया गया था।
काफी दिनों के बाद जब श्रीमती पोरवाल अपने खाते से राशि निकालने बैंक पहुँचीं, तब उन्हें इस मामले का पता चला। बैंक प्रबंधन से जानकारी करने पर सामने आया कि यह राशि ICICI बैंक के माध्यम से RTGS (टोकन नंबर: 42024102800589483) द्वारा गलती से उनके खाते में ट्रांसफर हो गई थी।
तत्काल दिखाई ईमानदारी, बैंक प्रबंधक ने किया सम्मानित
जैसे ही श्रीमती पोरवाल को इस बात की जानकारी हुई कि यह पैसा उनका नहीं बल्कि एक मंदिर ट्रस्ट का है, उन्होंने बिना एक पल गंवाए बैंक मैनेजर के सहयोग से उक्त पूरी राशि तत्काल स्वामीनारायण मंदिर ट्रस्ट अहमदाबाद के खाते में वापस भिजवा दी।
पार्षद श्रीमती पोरवाल की इस अनुकरणीय ईमानदारी और तत्परता को देखकर बैंक प्रबंधक और स्टाफ बेहद प्रभावित हुआ। बैंक प्रबंधन द्वारा उनकी इस नेकदिली की सराहना करते हुए उन्हें विशेष रूप से सम्मानित भी किया गया।
जनता से अपील: “परेशान न हो भेजने वाला”
इस सराहनीय कार्य के बाद श्रीमती सुमित्रा पोरवाल ने आम जनता से भी एक भावुक और प्रेरणादायक अपील की है। उन्होंने कहा:
“यदि कभी भी किसी के खाते में गलती से कोई राशि आ जाती है, तो उसे अपनी न समझें। उसे पूरी ईमानदारी के साथ संबंधित व्यक्ति या संस्था तक वापस पहुँचाने का कष्ट करें। ऐसा करने से पैसे भेजने वाला व्यक्ति परेशान होने से बच जाता है और समाज में आपकी ईमानदारी की साख हमेशा बनी रहती है।”
श्रीमती पोरवाल के इस कदम की पूरे नीमच शहर और नगर पालिका परिषद में जमकर प्रशंसा हो रही है।

