मंहगाई के दौर में वृद्धा दिव्यांगजनों को पेंशन राशि को लेकर बैरागी ने मोहन सरकार पर निशाना कहा ऊंट के मुंह में जीरा, 1500 रु महीना दी जाए

मंहगाई के दौर में वृद्धा दिव्यांगजनों को पेंशन राशि को लेकर बैरागी ने मोहन सरकार पर निशाना कहा ऊंट के मुंह में जीरा, 1500 रु महीना दी जाए
सुवासरा। अखिल भारतीय जमीनी कार्यकर्ता आगे लाओ समिति के मध्यप्रदेश मीडिया प्रभारी एवं अध्यक्ष पंकज बैरागी ने मध्यप्रदेश सरकार की लाड़ली बहना योजना और प्रदेश में दी जा रही पेंशन राशि को लेकर डॉ. मोहन सरकार पर तीखा हमला बोला है।
श्री बैरागी ने बयान जारी करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत प्रदेश की लगभग 1 करोड़ 25 लाख महिलाओं के खातों में करोड़ों रुपए की राशि ट्रांसफर की जा रही है, लेकिन दूसरी ओर आमजन महंगाई और आर्थिक परेशानियों से जूझ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में महंगाई लगातार बढ़ रही है और गरीबों की थाली से अनाज तक गायब होता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में विधवा, दिव्यांगजन एवं वृद्ध महिलाओं को मिलने वाली मासिक पेंशन राशि बेहद कम है। वर्तमान में कई हितग्राहियों को मात्र ₹600 प्रतिमाह पेंशन मिल रही है, जो बढ़ती महंगाई के दौर में पर्याप्त नहीं है।
पंकज बैरागी ने कहा कि देश के कई राज्यों जैसे गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान में इन वर्गों को ₹1000 या उससे अधिक मासिक सहायता दी जा रही है, जबकि मध्यप्रदेश में अब भी कम राशि दी जा रही है। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि विधवा पेंशन, विकलांग पेंशन और वृद्धावस्था पेंशन की राशि बढ़ाकर कम से कम ₹1500 प्रतिमाह की जाए, ताकि जरूरतमंद लोगों को आर्थिक राहत मिल सके।
उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि “सबका साथ, सबका विकास” का नारा केवल दिखावा बनकर रह गया है। समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों को सम्मानपूर्वक जीवन जीने के लिए पर्याप्त आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है।
श्री बैरागी ने कहा कि महिलाओं, विधवाओं, विकलांगों एवं वृद्धजनों के जीवन स्तर को सुधारने और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए सरकार को गंभीरता से कदम उठाने चाहिए।



