बस स्टैंड पर न स्थायी प्रतीक्षालय और न शौचालय, पेड़ भी काट दिए, तेज गर्मी में यात्री परेशान

2 करोड़ की योजना डीपीआर संशोधन में अटकी, जिम्मेदार बोले- महीने भर में शुरू होगा काम
दलोदा। राजकुमार जैन।
नगर परिषद क्षेत्र का एकमात्र बस स्टैंड पिछले 20 वर्षों से कायाकल्प का इंतजार कर रहा है। नगरी सहित आसपास के दस से अधिक गांवों के लोग रोजाना इसी बस स्टैंड से आवागमन करते हैं लेकिन यहां मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना हुआ है।
15 माह पहले नए निर्माण के नाम पर यात्री प्रतीक्षालय तोड़ दिया गया था लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया। छायादार पेड़ काटे जाने के बाद यात्रियों को धूप में इंतजार करना पड़ रहा है। नगर परिषद ने अस्थायी टीन शेड तो लगाया लेकिन स्थायी समाधान आज भी अधूरा है।
बस स्टैंड पर न यात्री प्रतीक्षालय है, न शौचालय व न ही पेयजल की स्थायी व्यवस्था। युवाओं द्वारा अस्थायी प्याऊ लगाकर पानी की व्यवस्था की जा रही है।
पूर्व पार्षद प्रतिनिधि विनोद प्रजापत ने नगर परिषद पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि यात्री लगातार परेशान हो रहे हैं।
नगर परिषद अध्यक्ष ने दावा किया कि थोड़ी देरी हुई है लेकिन जल्द ही बस स्टैंड के निर्माण और सौंदर्याकरण का कार्य शुरू किया जाएगा।
तीन परिषदें बदलीं, फिर भी नहीं बदला बस स्टैंड
बस स्टैंड के सौंदर्याकरण व नवनिर्माण को लेकर पूर्व परिषदों ने भी कई प्रयास किए लेकिन योजना धरातल पर नहीं उतर सकी।
पूर्व नप अध्यक्ष रविशंकर सोनी ने बताया कि उनके कार्यकाल में करीब 50 लाख रुपए की डीपीआर तैयार कर भेजी गई थी। बस स्टैंड की भूमि नगर परिषद के नाम दर्ज नहीं होने से मामला अटक गया।
वहीं पूर्व नप अध्यक्ष गीताबाई वाक्तरिया ने बताया कि बस स्टैंड को आधुनिक स्वरूप देने के लिए तत्कालीन प्रभारी मंत्री को पत्र भी भेजा गया था पर प्रयास सफल नहीं हो पाए। करीब तीन परिषदों के कार्यकाल गुजरने के बाद भी प्रशासनिक व राजनीतिक उदासीनता के चलते बस स्टैंड बदहाल बना हुआ है।
जल्द होगा सौंदर्याकरण का काम
सीएम मॉनिट योजना के तहत बस स्टैंड पर आधुनिक सुविधा घर, सात दुकानों का निर्माण, सौंदर्याकरण, सड़क निर्माण व मांगलिक भवन के लिए 2 करोड़ रुपए स्वीकृत हुए हैं। बस स्टैंड की डीपीआर में संशोधन के कारण कार्य में देरी हुई। अब महीनेभर में टेंडर प्रक्रिया पूरी कर काम शुरू करवा दिया जाएगा। – संगीता बग्गड़, अध्यक्ष नगर परिषद नगरी



