करोड़ों की कृषि अनुदान योजनाओं पर सवाल: आखिर पात्र किसान क्यों रह जाते हैं वंचित?

करोड़ों की कृषि अनुदान योजनाओं पर सवाल: आखिर पात्र किसान क्यों रह जाते हैं वंचित?
अनिल भाटी
सीतामऊ (मंदसौर)।किसानों की आय बढ़ाने और खेती को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा हर वर्ष करोड़ों रुपये की कृषि अनुदान योजनाएं संचालित की जाती हैं। बीज, खाद, कृषि यंत्र, सिंचाई उपकरण सहित कई योजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंचाने का दावा किया जाता है। इसके बावजूद क्षेत्र के अनेक किसानों का कहना है कि वे आज भी इन योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं।
किसानों का आरोप है कि गांव स्तर पर योजनाओं का पर्याप्त प्रचार-प्रसार नहीं किया जाता। कई बार आवेदन शुरू होने और अंतिम तिथि निकल जाने तक किसानों को जानकारी ही नहीं मिलती। जिन किसानों को सूचना मिलती भी है, उन्हें आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज और पात्रता संबंधी जानकारी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है।
इतना ही नहीं, ग्रामवार लाभार्थियों की सूची सार्वजनिक नहीं होने से चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी सवाल उठ रहे हैं। किसानों का कहना है कि यदि सूची सार्वजनिक हो तो यह स्पष्ट हो सकेगा कि वास्तविक पात्र किसानों को लाभ मिला या नहीं।
सरकार किसानों के हित में लगातार योजनाएं चला रही है, लेकिन इनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने मांग की कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में योजनाओं की नियमित जानकारी दी जाए, आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाया जाए, लाभार्थियों की सूची सार्वजनिक की जाए तथा संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
उन्होंने कहा कि यदि योजनाओं में पूर्ण पारदर्शिता और समय पर जानकारी सुनिश्चित की जाए तो हजारों पात्र किसान सरकारी सहायता का लाभ लेकर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकते हैं।



