संतरे के सौदे में किसान दरबार सिंह से 2 लाख से ज्यादा की ठगी, आरोपी बोले – ‘जो करना है कर लो

वीडियो सबूत होने के बावजूद कार्रवाई नहीं, किसान ने एसपी से लगाई न्याय की गुहार
संवाददाता — सतीश शर्मा
मंदसौर — गरोठ तहसील क्षेत्र में एक किसान के साथ संतरे की फसल के नाम पर लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। ग्राम गज्जाखेड़ी निवासी किसान दरबार सिंह पिता समंदर सिंह राजपूत ने संतरे के व्यापारी इस्लाम मंसूरी और उसके बेटे तैयब मंसूरी निवासी खजूरी
रुण्डा
पर धोखाधड़ी, ठगी और धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित किसान दरबार सिंह ने मामले में उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीणा एवं थाना प्रभारी बलवीर सिंह यादव से दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
पीड़ित किसान दरबार सिंह के अनुसार मार्च 2025 में आरोपी इस्लाम मंसूरी एवं उसका बेटा तैयब मंसूरी निवासी खजूरी रुण्डा, तहसील गरोठ उनके संतरे के बाग की पूरी फसल खरीदने पहुंचे थे। दोनों पक्षों के बीच 1771 रुपए प्रति मन के हिसाब से
लगभग 3 लाख 91 हजार रुपये में फसल का सौदा तय हुआ। किसान का आरोप है, कि व्यापारिक परंपरा के अनुसार सौदा पत्र भी लिखा गया, जिस पर गवाहों के हस्ताक्षर मौजूद हैं। हालांकि आरोपी ने जानबूझकर अपने हस्ताक्षर नहीं किए, ताकि बाद में मुकर सके।
किसान ने बताया कि आरोपियों ने फसल लेने के बाद केवल 1 लाख 70 हजार रुपये ही दिए और शेष 2 लाख 21 हजार 391 रुपये देने के नाम पर लगातार टालमटोल करते रहे। लगभग एक वर्ष बीत जाने के बावजूद बाकी भुगतान नहीं किया गया। जब किसान ने अपनी मेहनत की कमाई मांगी तो आरोपियों ने धमकाना शुरू कर दिया। पीड़ित के अनुसार आरोपी खुलेआम कहते हैं कि “मेरा बेटा वकील है, तुम हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकते, जो करना है कर लो।”
सबसे गंभीर बात यह है, कि पूरे सौदे का वीडियो भी किसान के पास सुरक्षित है, जिसमें स्पष्ट रूप से फसल खरीदने और भुगतान की बातचीत सुनाई दे रही है। किसान का कहना है, कि उसने पहले भी थाने में आवेदन दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
अब पीड़ित किसान ने पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीणा एवं थाना प्रभारी बलवीर सिंह यादव से मांग की है, कि आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, ठगी और आपराधिक विश्वासघात की धाराओं में तत्काल एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए तथा किसान की बकाया राशि जल्द से जल्द वसूल करवाई जाए, ताकि भविष्य में अन्य किसान इस प्रकार की ठगी का शिकार न बनें।
क्षेत्र के किसानों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। किसानों का कहना है कि यदि ऐसे मामलों में समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो मेहनतकश किसानों का व्यापारियों पर से भरोसा उठ जाएगा।



