गरोठ- बर्रामा मार्ग कि सुध ले पीडब्ल्यूडी विभाग गरोठ — धाकड़

गरोठ- बर्रामा मार्ग कि सुध ले पीडब्ल्यूडी विभाग गरोठ — धाकड़
गरोठ –गरोठ विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला खड़ावदा–बर्रामा मार्ग इन दिनों अपनी बदहाल स्थिति को लेकर गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। क्षेत्र के प्रमुख गांव खड़ावदा से लगभग 8 किलोमीटर दूर स्थित बर्रामा (चंबल नदी क्षेत्र) को जोड़ने वाला यह मार्ग पूरी तरह जर्जर हो चुका है, जिससे आमजन का आवागमन बेहद कठिन हो गया है।
पूर्व ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष भवानी शंकर धाकड़ ने प्रेस नोट जारी कर इस समस्या को प्रमुखता से उठाते हुए लोक निर्माण विभाग (PWD) की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि यह मार्ग न केवल खड़ावदा, बल्कि आसपास के कई ग्रामीण क्षेत्रों के लिए जीवनरेखा के समान है, जहां से प्रतिदिन किसान, मजदूर, व्यापारी और ग्रामीणजन आवागमन करते हैं। इसके बावजूद सड़क की हालत इतनी खराब हो चुकी है, कि जगह-जगह गड्ढे और उखड़ी सतह दुर्घटनाओं को न्योता दे रही है।
धाकड़ ने विशेष रूप से छात्रों और महिलाओं की परेशानी का उल्लेख करते हुए कहा कि इस मार्ग से स्कूल और कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों को रोजाना जोखिम भरा सफर तय करना पड़ता है। बारिश के मौसम में स्थिति और भी विकट हो जाती है, जब सड़क पर कीचड़ और जलभराव के कारण आवागमन लगभग ठप हो जाता है। वहीं गर्भवती महिलाओं और बीमार व्यक्तियों को अस्पताल तक पहुंचाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, जिससे कई बार आपात स्थिति भी उत्पन्न हो जाती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि लोक निर्माण विभाग इस गंभीर समस्या के बावजूद कुंभकर्ण की नींद में सोया हुआ है और बार-बार ध्यान आकर्षित कराने के बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। यह लापरवाही सीधे तौर पर ग्रामीणों की सुरक्षा और जीवन से जुड़ा मुद्दा बन चुकी है।
भवानी शंकर धाकड़ ने शासन और प्रशासन से मांग की है, कि इस मार्ग का तत्काल सर्वे कराकर शीघ्र मरम्मत एवं नवीनीकरण कार्य शुरू किया जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को राहत मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते सड़क की स्थिति नहीं सुधारी गई, तो ग्रामीणों को मजबूर होकर आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।
यह मार्ग केवल एक सड़क नहीं, बल्कि हजारों लोगों के दैनिक जीवन और जरूरतों का आधार है। ऐसे में इसकी अनदेखी कहीं न कहीं प्रशासनिक संवेदनहीनता को दर्शाती है, जिसे अब तत्काल दूर किया जाना आवश्यक है।



