नीमचमध्यप्रदेश

समाचार मध्यप्रदेश नीमच 18 मार्च 2026 बुधवार

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बैकर्स सभी हितग्राहियों मूलक स्वरोजगार योजनाओं में 25 मार्च के पूर्व शत-प्रतिशत लक्ष्‍य पूर्ति सुनिश्चित करें- श्री चंद्रा

कलेक्‍टर ने जिला स्‍तरीय बैंकर्स समन्‍वय समिति की बैठक में दिए निर्देश

नीमच 17 मार्च 2026, जिले के सभी विभागों और बैंकर्स शाखा प्रबंधकों ने शासन द्वारा संचालित स्‍वरोजगार एवं हितग्राहियों मूलक योजनाओं के क्रियान्‍वयन में बेहतर कार्य किया है।परिणाम स्‍वरूप नीमच जिला प्रदेश में अच्‍छी रेंक हासिल कर सका है। अधिकांश योजनाओं की लक्ष्‍यपूर्ति में जिला प्रथम स्‍थान पर रहा है । सभी बैंकर्स द्वारा अच्‍छा कार्य किया गया है । जिले के सभी बैकर्स उनकी शाखाओं में स्‍वीकृति के लिए लम्बित शेष सभी प्रकरण 25 मार्च के पूर्व स्‍वीकृत कर, हितग्राहियों को हितलाभ वितरण सुनिश्चित करें। यह बात कलेक्‍टर श्री हिमांशु चंद्रा ने सोमवार को कलेक्‍टोरेट सभा कक्ष नीमच में आयोजित जिला स्‍तरीय बैकर्स समन्‍वय समिति की बैठक में हितग्राही मूलक स्‍वरोजगार योजनाओं की लक्ष्‍य पूर्ति की विभागवार, योजनावार, बैकवार, समीक्षा करते हुए कही। बैठक में जिला पंचायत सीईओं श्री अमन वैष्‍णव एवं सांसद प्रतिनिधि श्री पवन कुमार दुबें एलडीएम श्री शितांशु शेखर नाबार्ड एवं आरबीआई के प्रतिनिधि तथा सभी बैंक शाखाओं के प्रबंधकगण एवं जिला अधिकारी उपस्थित थे ।

बैठक में कलेक्‍टर ने निर्देश दिए कि आगामी माह से लाड़ली बहना योजना, स्‍व सहायता समूहों की दीदी, पंचायत सचिव, रोजगार सहायकों को प्रधानमंत्री अटल पेशन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्‍योति बीमा योजना,प्रधानमंत्री जीवन सुरक्षा बीमा योजना का लाभ दिलाने के लिए संयुक्‍त अभियान चलाया जाकर सभी को इन योजनाओं का लाभ दिलाया जावेगा। इसके साथ ही जिले में एक अप्रेल से पशुपालकों के केसीसी बनाकर जिले को सेचुरेटेड करने के लिए भी अभियान चलाया जाएगा। पशुपालन विभाग शत -प्रतिशत पशुपालको के के.सी.सी. प्रकरणों के आवेदन तैयार कर बैंक शाखाओं में प्रस्तुत करने। बैकर्स तत्‍परता पूर्वक पशुपालन के.सी.सी. जारी कर जिले को सुचुरेटेड करने मे सहयोग करें। चालू वित्तीय वर्ष में जिलों में 10 हजार से अधिक पशुपालकों को 20 करोड़ से अधिक राशि के के.सी.सी. ऋण की सुविधा उपलब्‍ध करवाई गई है।

कलेक्‍टर ने सभी बैंकों को निर्देश दिए कि वे अपने बैंक शाखाओं का सी.डी. रेश्‍यों बढ़ाने का प्रयास करें। साथ ही बैंक का एन.पी.ए. कम करने के लिए भी विशेष प्रयास करें। बैंठक में बधन बैंक के प्रबंधक की अनुपस्थिति पर कलेक्‍टर ने एलडीएम को निर्देश दिए कि वे प्रबंधक के विरूद्ध एस.एल.बी.सी. एवं बैंक के वरिष्‍ठ कार्यालय को कार्यवाही के लिए पत्र लिखें। कलेक्‍टर ने सभी बैंक शाखा प्रबंधकों को हितग्राही मूलक योजनाओं में स्‍वीकृत प्रकरणों में ब्‍याज अनुदान का क्‍लेम कर हितग्राहियों को ब्‍याज अनुदान का 25 मार्च के पूर्व भुगतान करने के निर्देश भी दिए। बैठक में पीएम स्‍वनिधि योजना एवं प्रधानमंत्री सूक्ष्‍म खाद्य उद्योग उन्‍नयन योजना के शाखाओं में लंबित सभी प्रकरणों में 25 मार्च के पूर्व स्‍वीकृति जारी कर, ऋण वितरण करवाने के निर्देश सभी शाखा प्रबंधकों व जिला अधिकारियों को दिए गये ।

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मानवता की मिसालः लापता मंदबुद्धि युवक को ग्रामीणों ने सुरक्षित ढूंढा, परिजनों को सौंपा

नीमच। जिले के भगवानपुरा वार्ड नंबर 9 के रहने वाले एक मंदबुद्धि युवक के सुरक्षित मिलने से क्षेत्र में खुशी और संतोष का माहौल है। जानकारी के अनुसार, विनोद कुमार का 26 वर्षीय पुत्र दीपक (दीपु) मानसिक स्थिति ठीक न होने के कारण बीते 10 मार्च 2026 को अपने घर से कहीं चला गया था। काफी तलाश के बाद भी जब उसका कोई पता नहीं चला, तो रामपुरा नवजीवन निःशक्तजन कल्याण संघ के अध्यक्ष माणक मोदी एवं MRC पार्वती मोदी ने मानवीय पहल करते हुए इस मामले को समाचार पत्रों और सोशल मीडिया पर प्रमुखता से उठाया।
सोशल मीडिया पर फैली इस जानकारी का असर जल्द ही देखने को मिला, 15 मार्च कोजब बैंसला की हेमलता धनोतिया ने बालक को पहचानने की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि उक्त युवक को साइकिल लेकर रामपुर बैसला मार्ग की ओर जाते हुए देखा है। इस सूचना के मिलते ही बैंसला के ग्रामीणों ने सक्रियता दिखाई और एक विशेष खोज अभियान चलाया।
बैंसला सरपंच अमर रावत के नेतृत्व में दिलखुश मीणा, मनोहर मीणा, दिनेश मीणा, तरुण कहार और सत्यनारायण मीणा ने मिलकर बैंसला-चम्बल मार्ग पर युवक की सघन तलाश शुरू की। ग्रामीणों की इस तत्परता और सामूहिक प्रयास का परिणाम रहा कि कुछ ही समय में दीपक को सुरक्षित ढूंढ निकाला गया। युवक के मिलने के तुरंत बाद इसकी सूचना उसके परिजनों को दी गई, जिससे परिवार की आंखों में खुशी के आंसू छलक आए। उन्होंने रामपुरा नवजीवन संस्था के अध्यक्ष मानक मोदी और बैंसला के सभी ग्रामीणों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सबकी एकजुटता और मानवता के कारण ही उनका बेटा आज घर वापस आ पाया है। इस पूरे घटनाक्रम ने सिद्ध कर दिया है कि यदि समाज और तकनीक का सही समन्वय हो, तो बड़ी से बड़ी मुश्किल को हल किया जा सकता है।

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दिव्यांग बच्चों को परिवार से जोड़ने के लिए

व्यापक जागरूकता अभियान की आवश्यकता – मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया,

क्षेत्रीय परामर्श बैठक में दत्तक ग्रहण को बढ़ावा देने,

राज्यों के समन्वय और विशेष बच्चों के पुनर्वास पर हुआ मंथन,

नीमच 17 मार्च 2026, दिव्यांग बच्चों को संस्थाओं से निकालकर परिवार का स्नेह और सुरक्षित भविष्य दिलाने के उद्देश्य से आयोजित क्षेत्रीय परामर्श बैठक मंगलवार को रवीन्द्र भवन में हुई। महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के दत्तक ग्रहण को बढ़ावा देने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि समाज की संवेदनशीलता और सकारात्मक सोच से ही इन बच्चों को परिवार और बेहतर जीवन मिल सकता है। मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा “दिव्यांग” शब्द देकर समाज में सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने का प्रयास किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में गैर-संस्थागत पुनर्वास को प्राथमिकता दी जा रही है और मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना के माध्यम से स्पॉन्सरशिप तथा ऑफ्टर-केयर की व्यवस्था कर बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है।

भोपाल में आयोजित क्षेत्रीय परामर्श बैठक में सचिव महिला बाल विकास श्रीमती जीवी रश्मि , केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (सीएआरए) की उप निदेशक श्रीमति ऋचा ओझा , उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा बाल संरक्षण के क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि दिव्यांग बच्चों के संपूर्ण विकास के लिए परिवार का स्नेह अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि कोई भी संस्था परिवार का स्थान नहीं ले सकती। सुश्री भूरिया ने कहा कि वर्ष 2024-25 के आंकड़ों के अनुसार देश में 4,155 बच्चों को गोद लिया गया, जिनमें केवल 7 प्रतिशत विशेष आवश्यकता वाले बच्चे थे और इनमें से भी अधिकांश बच्चों को विदेशी दम्पत्तियों ने अपनाया। यह स्थिति बताती है कि देश में दिव्यांग बच्चों के दत्तक ग्रहण के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से आईवीएफ जैसी तकनीक का प्रचार हो रहा है वैसा ही प्रभावी प्रचार दत्तक ग्रहण के लिये होना चाहिए। इसके लिये फोकस्ड एप्रोच के साथ नि:संतान दम्पतियों को परामर्श देना आवश्यक है। हमारे देश में ऐसे अनेक उदाहरण दिव्यांग बच्चे हैं जिन्होंने अलग-अलग क्षेत्र चाहे वह खेल का मैदान हो, यूपीएससी में सफलता हासिल करना हो। सभी में अपना परचम लहराया है।

सुश्री भूरिया ने सुझाव दिया कि सफल दिव्यांग व्यक्तियों को ब्रांड एम्बेसडर बनाकर समाज में सकारात्मक संदेश दिया जा सकता है।

मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि दिव्यांग बच्चों को गोद लेने वाले परिवारों के लिए चिकित्सा उपचार, निःशुल्क फिजियोथेरेपी, परामर्श सेवाएं, शिक्षा सहायता और बीमा जैसी सुविधाओं पर भी विचार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे बच्चों की संख्या कम होने के कारण राज्यवार विशेष योजनाऐं बनाकर उनके समुचित पुनर्वास के लिए बजट का प्रावधान किया जा सकता है।

समाज की संवेदनशीलता से ही बदल सकता है दिव्यांग बच्चों का भविष्य – श्रीमती रश्मि

महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव श्रीमती जी.वी. रश्मि ने कहा कि भारतीय समाज में संस्कारों का अत्यधिक महत्व है, लेकिन जब बात विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को गोद लेने की आती है तो सामाजिक रूढ़ियां अक्सर निर्णय में बाधा बनती हैं। उन्होंने कहा कि समाज की संवेदनशीलता से ही बदल सकता है दिव्यांग बच्चों का भविष्य। सचिव श्रीमती रश्मि ने विश्वास जताया कि यह बैठक सामाजिक न्याय, स्वास्थ्य और विधि जैसे विभिन्न विभागों के समन्वय से बेहतर समाधान खोजने का अवसर प्रदान करेगी। उन्होंने सहभागी राज्यों से अपने-अपने क्षेत्रों में किए जा रहे नवाचार और श्रेष्ठ कार्य प्रणालियों को साझा करने का आग्रह किया।

दिव्यांग बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए परिवार आधारित पुनर्वास पर जोर केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (CARA) की उप निदेशक श्रीमती ऋचा ओझा ने कहा कि देशभर में क्षेत्रीय स्तर पर ऐसे परामर्श कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य विशेष बच्चों के दत्तक ग्रहण को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि 140 करोड़ की आबादी वाले देश में दत्तक ग्रहण का प्रतिशत अभी भी कम है, जिसे जागरूकता और नीति सुधारों के माध्यम से बढ़ाने की आवश्यकता है। श्रीमती ओझा ने बताया कि इस बैठक में 4 राज्यों के प्रतिनिधि दत्तक ग्रहण नीति से जुड़े मुद्दों, नवाचारों और भविष्य की रणनीतियों पर चर्चा कर रहे हैं। श्रीमती ओझा ने कहा कि बैठक का उद्देश्य दिव्यांग बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए परिवार आधारित पुनर्वास पर जोर देना है।

बैठक में राज्यों में दिव्यांग बच्चों के दत्तक गृहण को वर्तमान स्थिति की समीक्षा, चिकित्सीय आंकलन और कानूनी प्रक्रियाओं से जुड़ी चुनौतियों पर विचार-विमर्श तथा बाल संरक्षण और स्वास्थ्य तंत्र के बीच बेहतर समन्वय के उपायों पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में बालिका गृह भोपाल की बालिकाओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जवाहर बाल भवन के बच्चों ने नृत्य-नाटिका से संदेश दिया कि दत्तक ग्रहण बच्चों के जीवन को नया भविष्य और नया परिवार दे सकता है।

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19 मार्च से होगा हिंदू नववर्ष विक्रम संवत 2083 का प्रारंभ

नीमच । भारतीय काल गणना और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक हिंदू नववर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा 19 मार्च 2026 से प्रारंभ हो रहा है। इस विशेष दिन से न केवल नव संवत्सर का उदय हो रहा है, बल्कि शक्ति की उपासना का पर्व चैत्र नवरात्रि भी इसी तिथि से शुरू होगा। शुभ मुहूर्त्त में घट स्थापना, दुर्गा अनुश्ठान, पूजा प्रारंभ होगी। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को अबूझ मुहूर्त्त माना गया है, इस तिथि को ब्रम्हाजी ने सृश्टि का निर्माण किया था। अतः पूरे दिन पूजा की जा सकती है। चौघडिये के अनुसार घट स्थापना के मुहूर्त्त प्रातः 6.55 से 8.15 तक शुभ, दिवा 11.08 से 12.38 तक चल, 12.14 से 1.02 तक अभिजित, 12.38 से 2.09 तक लाभ, 2.09 से 3.39 तक अमृत, सायं 5.10 से 6.41 तक शुभ है।
उक्त जानकारी कर्मकाण्डीय विप्र पुजारी परिषद् के नवनियुक्त अध्यक्ष पं.मालचन्द शर्मा ने देते हुए बताया कि परिषद्की  ओर से मास पर्यन्त के निम्न व्रत-त्यौहार मान्य किए गए हैं –
20 मार्च को सिंजारा, चन्द्रदर्शन, चेटीचण्ड
21 मार्च को गणगौरी पूजा (इसे मनोरथ तृतीया भी कहते हैं, व्रत करने से मनोरथ सिद्धि होती है और सौभाग्य की वृद्धि होती है।)
23 मार्च को दोलोत्सव, कल्पादि
24 मार्च को स्कंद षष्ठी
26 को दुर्गाश्टमी, रामनवमी
27 को नवमी प्रातः 10.07 तक
29 को कामदा एकादशी
30 को प्रदोष व्रत, हरिदमनोत्सव
31 को महावीर जयंती (जैन), शिव दमन चतुर्दशी, इस दिन शिवपूजा करने से विशेष फल मिलता है।
1 अप्रैल को पूर्णिमा व्रत
2 अप्रैल को हनुमान जयंती, चैत्र मास पूर्ण, वैशाख स्नान प्रारंभ।

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सिंहस्थ 2028 में आने वाले सभी श्रद्धालु हमारे अतिथि होंगे: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

“भूतो न भविष्यति” होगा सिहंस्थ 2028 का वैभव

गीता भवन, विक्रम नगर आरओबी का हुआ भूमि-पूजन

राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल के मुख्य आतिथ्य और मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में उज्जैन में हुआ 663 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का भूमि-पूजन

उज्जैन शहर और आसपास के क्षेत्र में 11 नई सड़कों का होगा निर्माण

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुद्रा योजना, फूड प्रोसेसिंग के हितग्राहियों को हित लाभ वितरित किए

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कन्या पूजन एवं दीप प्रज्जवलन के साथ किया कार्यक्रम का शुभारंभ

नीमच 17 मार्च 2026, मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने कहा कि ‍सिंहस्थ-2028 सनातन संस्कृति का विश्व-समागम है। हमारा कर्तव्य, दायित्व और जवाबदारी सिंहस्थ में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु की गरिमा एवं सुविधा के प्रति है। सिंहस्थ-2028 में उज्जैन आने वाला प्रत्येक व्यक्ति हमारा अतिथि होगा, ऐसे में राज्य सरकार का दायित्व है कि जो भी व्यक्ति सिंहस्थ में शामिल होने के लिए मध्यप्रदेश की धरती पर कदम रखे, उसकी सुविधा और गरिमा में कोई कमी न आए। सिंहस्थ-2028 का वैभव इस बार ” भूतो न भविष्यति” होगा। राज्य सरकार के प्रयासों को भारत सरकार का साथ मिल रहा है। हाल ही में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्रीय कैबिनेट ने 3 हजार 839 करोड़ की लागत से NH- 752 D के बदनावर-पेटलावद थांदला खंड को फोर लेन करने की जो स्वीकृति दी है, वह इस बात का प्रमाण है कि केंद्र और राज्य मिलकर सिंहस्थ को अविस्मरणीय बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह कॉरिडोर उज्जैन को दिल्ली- मुंबई एक्सप्रेस-वे से सीधे जोड़कर विकास की नई धुरी बनेगा। राज्य सरकार ने सिहंस्थ का महापर्व की भव्यता और जन सुविधाओं के लिए 13 हजार 851 करोड़ रुपए के कार्यें की ऐतिहासिक स्वीकृति दी है। 2026-27 में सिहंस्थ के लिए 3 हजार 60 करोड़ रुपए का विशेष प्रावधान रखा है, यह उज्जैन के भविष्य को बदलने का रोडमेप है। हम उज्जैन को सुविधा और शुचिता का ऐसा मॉडल बनाएंगे कि पूरी दुनिया देखेगी कि कैसे एक आध्यात्मिक नगरी आधुनिकता के साथ कदम से कदम मिलाकर चलती है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव उज्जैन में गीता भवन सहित अन्य विकास कार्यों के भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चैत्र नवरात्रि, गुड़ी पड़वा, हिन्दू नववर्ष की पावन बेला में उज्जैन को विकास कार्यों की सौगात मिल रही है। सिंहस्थ-2028 विकास कार्यों को समर्पित है, जो तय सीमा में पूर्ण होंगे।

उज्जैन को 662 करोड़ 46 लाख की लागत से विभिन्न विकास कार्यों की सौगात दी है। आज 77 करोड़ 14 लाख की लागत से गीता भवन की आधारशिला रखी गई है। इसके साथ ही 30 करोड़ 68 लाख की लागत से विक्रम नगर रेलवे ओवर ब्रिज का भूमिपूजन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 11 सड़क निर्माण कार्यों का भी भूमिपूजन किया।

मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि किसान कल्याण वर्ष 2026 में किसानों की आय बढ़ाने और पशुपालन के माध्यम से दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं। पशुपालन विभाग ने सवा साल में श्रेष्ठ कार्य करते हुए 25 प्रशितक दूध उत्पादन बढ़ाया है। सभी पशुपालक इसके लिए बधाई के पात्र हैं। किसानों को 5 से 8 रुपए लीटर अधिक मूल्य का लाभ मिला है। प्रदेश में सांदीपनि विद्यालय, पीएम एक्सीलेंस कॉलेज और यूनिवर्सिटी में जरूरी बदलाव किए गए हैं। स्कूली बच्चों को आने-जाने के लिए साइकिलें, ड्रेस, किताबें नि:शुल्क वितरित की जा रही हैं। टॉपर बच्चों को स्कूटी, मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप की सौगात मिल रही है। अब प्रदेश के बच्चों को स्कूलों में नि:शुल्क दूध के पैकेट मिलेंगे। इसके लिए माता यशोदा के नाम से नई योजना की शुरुआत की गई है।

मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि उज्जैन वह नगरी है, जहां सबसे पहले विक्रम विश्वविद्यालय खुला था। सम्राट विक्रमादित्य के गौरवशाली अतीत को जीवंत करते हुए आज दीक्षांत समारोह संपन्न हुआ है। उज्जैन में भगवान श्रीकृष्ण ने 64 कला और 14 विद्याओं का अध्ययन किया। श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता उज्जैन की पावन धरा से प्रारंभ हुई थी। भगवान श्रीकृष्ण ने कर्मवाद के मार्ग पर आगे बढ़कर महाभारत के युद्ध में पवित्र गीता का उपदेश अर्जुन को दिया था। पवित्र गीता दुनिया में सबसे अधिक पढ़ा जाने वाला ग्रंथ है। प्रदेश के नगरीय निकायों में गीता भगवन, गांवों में आदर्श ग्राम, वृंदावन ग्राम बनाए जा रहे हैं।

विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा ने कहा कि आज उज्जैन में गीता भवन एवं अनेक विकास कार्यों का भूमि-पूजन संपन्न हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन को स्वर्ण नगरी बनाने के लिए तन-मन-धन से प्रयास किए हैं। उज्जैन भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा का केंद्र रहा है। प्रदेशभर में भव्य गीता भवनों का निर्माण किया जा रहा है। इसी क्रम में उज्जैन में भी भव्य गीता भवन बनकर तैयार होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रयासों से शिप्रा की सफाई, सिंहस्थ के लिए घाट निर्माण और कान्हान डक्ट परियोजना पर काम जारी है। उज्जैन में सड़कों का चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण के महत्वपूर्ण किए जा रहे हैं। यह कार्य शहर के आगामी 50 वर्ष के विकास की दृष्टि से अहम हैं। उज्जैन में आईटी हब बन रहा है। अब प्रदेश के आईटी प्रोफेशनल्स को रोजगार के लिए पुणे और बैंगलोर जैसे शहरों में नहीं जाना पड़ेगा। उज्जैन में एम्स के स्तर का एक आयुर्वेदिक कॉलेज भी आने वाला है। कार्यक्रम में विधायक श्री सतीश मालवीय, नगर अध्यक्ष श्री संजय अग्रवाल, सभापति श्रीमती कलावती यादव, संभागायुक्त श्री आशीष सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीयजन उपस्थित थे।

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