समाचार मध्यप्रदेश मंदसौर 13 मार्च 2026 शुक्रवार

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कृषि कार्य में मृत्यु होने पर 4 लाख रू की आर्थिक सहायता स्वीकृत
मंदसौर 12 मार्च 26 / मुख्यमंत्री कृषक जीवन कल्याण योजना की कण्डिका 4(01) के तहत कृषि कार्य में कृषि यत्रों का उपयोग करते हुए दुर्घटना में मृत्यु अथवा अंग भग होने पर आर्थिक सहायता देने का प्रावधान है। रेवासदेवड़ा निवासी शिवनारायण कुमावत की कृषि कार्य के दौरान मृत्यु हो गई थी। कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग द्वारा मृतक के निकटतम वारिस भमरीबाई को 4 लाख रू की आर्थिक सहायता प्रदान की गई।
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ग्राम बोहराखेड़ी में भूमि आवंटन के संबंध में आपत्ती/ अभिमत 23 मार्च तक प्रस्तुत करें
मंदसौर 12 मार्च 26 / मंदसौर तहसीलदार द्वारा बताया गया कि अखिल भारतीय दशोरा प्रश्नोरा नागर समाज मंदसौर द्वारा ग्राम बोहराखेड़ी में स्थित शासकीय भूमि सर्वे नम्बर 349 रकबा 0.9500 हेक्टेयर मे से रकबा 0.9500 हेक्टेयर भूमि पर दशोरा समाज के इतिहास को सहेजने के हेतु केन्द्र बनाने हेतु भूमि आबंटित करने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया है। दशोरा समाज के इतिहास को सहेजने के हेतु केन्द्र बनाने के लिए अभिमत 23 मार्च 2026 तक प्रस्तुत कर सकते है।
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प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त का वितरण 13 मार्च को
जिले में 13 मार्च को “पीएम किसान उत्सव दिवस” के रूप में मनाया जाएगा
मंदसौर 12 मार्च 26/ प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से 22वीं किस्त का वितरण 13 मार्च 2026 को किया जाएगा। इस अवसर पर जिले में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर इसे “पीएम किसान उत्सव दिवस” के रूप में मनाया जाएगा।
अपर कलेक्टर श्रीमती एकता जायसवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसानों को प्रतिवर्ष 6 हजार रुपये की राशि तीन समान किस्तों में प्रदान की जाती है। इस योजना का उद्देश्य किसानों को कृषि कार्यों में आर्थिक सहयोग प्रदान करना तथा उनकी आय को सुदृढ़ बनाना है।
उन्होंने बताया कि 13 मार्च को प्रधानमंत्री द्वारा देशभर के किसानों के खातों में योजना की 22वीं किस्त की राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से अंतरित की जाएगी। इस अवसर पर जिले के ग्राम पंचायतों, कृषि विभाग तथा संबंधित विभागों द्वारा किसानों की सहभागिता के साथ कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
कार्यक्रम के दौरान किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की जानकारी दी जाएगी तथा योजना के लाभों से अवगत कराया जाएगा। साथ ही किसानों को कृषि से संबंधित विभिन्न योजनाओं, आधुनिक तकनीकों और शासन की अन्य किसान हितैषी योजनाओं की जानकारी भी प्रदान की जाएगी।
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भारत , इंडेन या एचपी , गैस डीलर नहीं दे रहा सिलेंडर तो इन नंबरों पर करें शिकायत
भारत गैस हेल्पलाइन नंबर-1800-22-4344 (टोल फ्री)
इंडेन गैस कस्टमर केयर नंबर-1800-2333-555 (टोल फ्री)
एचपी गैस कस्टमर केयर नंबर-1800-2333-555 (टोल फ्री)
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भारत की जनगणना 2027 के अंतर्गत नगर के चार्ज अधिकारियों का द्वितीय प्रशिक्षण संपन्न
मंदसौर 12 मार्च 26/ ई दक्ष केंद्र मंदसौर के कंप्यूटर हाल में भारत की जनगणना 2027 कार्यक्रम के अंतर्गत नगर के जिला स्तरीय चार्ज अधिकारियों का द्वितीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर नोडल अधिकारी जनगणना एवं जिला जनगणना अधिकारी एवं अपर कलेक्टर श्रीमती एकता जायसवाल, चार्ज अधिकारी, लिपिक, ऑपरेटर सहित अन्य संबंधिक कर्मचारी मौजूद थे। प्रशिक्षण नोडल अधिकारी जनगणना श्री अभिषेक ठाकुर द्वारा प्रदान किया गया।
प्रशिक्षण में जिला जनगणना पुस्तिका के संबंध में जानकारी दी गई। साथ ही सीएमएमएस पोर्टल पर हेंड्स ऑन अभ्यास भी कराया गया। मकान सूचीकरण (ब्लाक एचएलबी) का गठन करने, एचएलबीसी वेब मेपिंग एप्लिकेशन पर एचएलबी को चिन्हित करने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में बताया गया कि जनगणना के पहले चरण के अंतर्गत मकान सूचीकरण (एचएलओ) किया जाएगा। इसमें मकान सूचीकरण ब्लॉक (Houselisting Block – HLB) का गठन और उनकी मैपिंग बहुत महत्वपूर्ण है।
HLB वह सबसे छोटी प्रशासनिक इकाई है जिसमें मकान सूचीकरण किया जाता है। प्रत्येक HLB में सामान्यतः 750-800 व्यक्ति या 180-200 मकान/जनगणना गृह (जो भी अधिक हो) शामिल किए जाते हैं। यह ब्लॉक उपग्रह चित्रों (satellite imagery) के आधार पर बनाए जाते हैं ताकि भौगोलिक कवरेज पूरे देश में एक समान हो।
मुख्य रूप से चार्ज ऑफिसर (Charge Officer) HLB बनाने और मैप करने के जिम्मेदार होते हैं। यह काम Census Monitoring and Management System (CMMS) पोर्टल और Houselisting Block Creator (HLBC) Web Mapping Application के माध्यम से किया जाता है।
CMMS Portal क्या है
CMMS का पूरा नाम Census Management and Monitoring System है। यह भारत सरकार के Office of the Registrar General & Census Commissioner (ORGI) द्वारा विकसित एक केंद्रीकृत वेब-आधारित डिजिटल पोर्टल है, जो जनगणना 2027 (Census 2027) की पूरी प्रक्रिया को प्रबंधित और मॉनिटर करने के लिए बनाया गया है।
यह भारत की पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना का मुख्य backbone है। पहले की जनगणनाओं में पेपर-बेस्ड काम होता था, लेकिन अब CMMS पोर्टल के जरिए सब कुछ रीयल-टाइम और डिजिटल तरीके से होगा।
CMMS Portal के मुख्य काम और फीचर्स
सीएमएमएस पोर्टल के मुख्य काम जनगणना के सभी स्तरों (राष्ट्रीय → राज्य → जिला → चार्ज → फील्ड) पर काम को प्लान, मैनेज और मॉनिटर करना है। यूजर क्रिएशन और रोल-बेस्ड एक्सेस गणनाकर्ता, पर्यवेक्षक, चार्ज ऑफिसर, कलेक्टर आदि के लिए अलग-अलग लॉगिन और अधिकार देना है।
HLB और सुपरवाईजरी सर्कल का निर्माण/अलोकेशन हाउसिंग ब्लाक्स (HLB) और सुपरवाईजरी सर्कल को पोर्टल पर बनाना, आवंटित करना है। अपॉइंटमेंट और ID कार्ड गणनाकर्ता और सुपरवाईजर के अपॉइंटमेंट लेटर, ID कार्ड ऑटो-जनरेट करना है।
ट्रेनिंग मॉड्यूल ऑनलाइन ट्रेनिंग, अटेंडेंस और सर्टिफिकेशन कार्य करना है। रीयल-टाइम मॉनिटरिंग फील्ड में कितने ब्लॉक पूरे हुए, कितने घरों की सूची बनी, डेटा अपलोड हुआ या नहीं – सब कुछ लाइव ट्रैकिंग (प्रोग्रेस डैशबोर्ड) करना है। मोबाइल ऐप इंटीग्रेशन HLO (हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन) मोबाइल ऐप से डेटा सीधे सीएमएमएस पर आता है। गणनाकर्ता सीएमएमएस से लॉगिन करके ऐप यूज करते हैं।
रिपोर्टिंग और रिव्यू राज्य/राष्ट्रीय स्तर पर रिपोर्ट जनरेट करना, समस्याओं को जल्दी पकड़ना है। डेटा क्वालिटी और सिक्योरिटी बेहतर डेटा क्वालिटी सुनिश्चित करना, और सिस्टम को “प्रोटेक्टेड सिस्टम” घोषित किया गया है। पोर्टल का मुख्य लिंक censusindia.gov.in से जुड़ा होता है (या test.census.gov.in टेस्टिंग के लिए)। यूजर ID आमतौर पर मोबाइल नंबर या ईमेल से बनती है, OTP या पासवर्ड से लॉगिन। गणनाकर्ता /सुपरवाईजर को ट्रेनिंग के दौरान यूजर ID और डिफॉल्ट पासवर्ड दिया जाता है, जिसे पहली बार लॉगिन पर बदलना होता है।
सीएमएमएस पोर्टल जनगणना 2027 का “कंट्रोल रूम” है। – बिना इसके डिजिटल जनगणना संभव नहीं। इससे समय बचता है, डेटा तेजी से प्रोसेस होता है, और गलतियां कम होती हैं। यह एक वेब-आधारित मैप एप्लिकेशन है जो उपग्रह चित्रों (लेटेस्ट सेटेलाईट ईमेजनरी) पर आधारित है। चार्ज ऑफिसर लॉगिन करते हैं। एप्लिकेशन में उपलब्ध उपग्रह इमेज पर आवासीय क्षेत्र, बस्तियां, लैंडमार्क (जैसे स्कूल, मंदिर, सड़कें आदि) की पहचान की जाती है।
HLB की सीमाएं डिजिटली खींची जाती हैं। प्रत्येक HLB को geo-tag किया जाता है ताकि स्पष्ट भौगोलिक कवरेज सुनिश्चित हो। लैंडमार्क (landmarks) को भी मैप पर मार्क किया जाता है। एक बार HLB बनने के बाद, यह CMMS पोर्टल में ऑटोमैटिकली अपडेट हो जाता है।
चार्ज मैप (Charge Map) HLBC से ही ऑटो-जनरेट होता है। CMMS पोर्टल के माध्यम से यूजर आईडी बनाई जाती है, फिर HLBC में लॉगिन किया जाता है। HLB बनने के बाद एन्यूमरेटर HLO मोबाइल ऐप पर इन ब्लॉकों में जाकर geo-tagged मकानों की सूचीकरण करते हैं।
उल्लेखनीय है कि यह पहली बार है जब HLB पूरी तरह डिजिटल तरीके से और उपग्रह इमेज से बनाए जा रहे हैं। सभी भवनों को geo-tag किया जाएगा। प्रक्रिया CMMS पोर्टल और HLBC ऐप से रीयल-टाइम मॉनिटर की जाएगी।
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निजी स्कूलों में निःशुल्क प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन 13 मार्च से 28 मार्च रहेगी
2 अप्रैल को लॉटरी के माध्यम से मिलेगा प्रवेश
मंदसौर 12 मार्च 26 / जिला शिक्षा केन्द्र मंदसौर के जिला परियोजना समन्वयक श्री रामेश्वर डांगी द्वारा बताया गया कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम अंतर्गत अशासकीय विद्यालयों में निःशुल्क प्रवेश हेतु प्रवेश प्रक्रिया 13 मार्च 2026 से प्रारंभ होगी। इसके अंतर्गत अशासकीय विद्यालयों की प्रथम प्रवेशित कक्षा नर्सरी, केजी वन, केजी टू एवं कक्षा पहली में प्रवेश अर्थात् विद्यालय की जो भी प्रथम प्रवेशी कक्षा हो उसमें प्रवेश हेतु पात्र अभिभावक आरटीई पोर्टल पर 13 मार्च से 28 मार्च 2026 तक ऑनलाईन आवेदन कर सकते है ।
ऑनलाईन भरे गये आवेदन का सत्यापन संबंधित जनशिक्षा केन्द्र स्तर पर 14 मार्च से 30 मार्च 2026 तक किया जाएगा। इसके पश्चात राज्य शिक्षा केन्द्र, भोपाल द्वारा राज्य स्तर पर 2 अप्रेल को रेंडम आधार पर ऑनलाईन लॉटरी के माध्यम से छात्र-छात्राओं का चयन किया जाएगा ।
पात्र चयनित विद्यार्थियों को अशासकीय विद्यालयों द्वारा 3 अप्रेल से 15 अप्रेल 2026 तक प्रवेश देना होगा। अभिभावक निःशुल्क प्रवेश हेतु स्वेच्छा अनुसार प्राथमिकता क्रम में अपनी बसाहट के नजदीक की शालाओं का चयन कर ऑनलाईन फार्म भर सकेंगे । मंदसौर जिले में लगभग 530 गैर अनुदान मान्यता प्राप्त अशासकीय विद्यालयों में प्रवेश के लिए आवेदन किया जा सकेगा।
प्रवेश हेतु आवंटित विद्यालयों की सूचना अभिभावकों के मोबाईल नंबर पर मेसेज के माध्यम से राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा भेजी जायेगी तथा स्कूलों की आईडी में भी चयनित विद्यार्थियों की सूची प्रदर्शित होगी। चयनित विद्यालय का आवंटन पत्र निकालकर अभिभावक 3 अप्रेल से 15 अप्रैल 2026 तक आवंटित विद्यालयों से संपर्क करेंगे तथा विद्यालय ऑनलाईन एप के माध्यम से उनकी रिपोटिंग दर्ज करेंगे। अशासकीय विद्यालय द्वारा चयनित विद्यार्थी को किसी भी स्थिति में प्रवेश देने से वंचित नहीं किया जाएगा।
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उत्कृष्ट विद्यालय के समीप सीसी रोड का कार्य जारी ,आवागमन होगा और सुलभ
मंदसौर – नपाध्यक्ष श्रीमती रमादेवी बंशीलाल गुर्जर ने बताया कि नगर पालिका परिषद मंदसौर के द्वारा वार्ड क्रमांक 12 उत्कृष्ट विद्यालय से लेकर होटल भगत चौराहा तक आवागमन को सुव्यास्थित करने हेतु सीमेंट कांक्रीट रोड का कार्य किया जा रहा है इसके लिए नगर पालिका परिषद के द्वारा उत्कृष्ट विद्यालय चौराहे से लेकर हायर सेकेंडरी क्रमांक 2 के मेन गेट तक सीमेंट कांक्रीट सीसी रोड का कार्य किया जा रहा है साथ ही इस मार्ग पर सीमेंट कांक्रीट नाला का भी कार्य किया जा रहा है नगर पालिका परिषद इस कार्य पर लगभग 45 लाख रुपए खर्च करने जा रही है पूर्व में इस सड़क के क्षतिग्रस्त होने व खराब होने के कारण आम जनों को आवागमन में बहुत परेशानी आती थी यहां का नाला जो कि कई वर्षों पहले बना था कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो चुका था नगर पालिका परिषद ने सड़क एवं नाला निर्माण की कार्य योजना क्षेत्रीय पार्षद श्रीमती सुनीता भावसार एवं स्थानीय नागरिकों की मांग पर बनायी और यहां का कार्य शुरू किया नगर पालिका के द्वारा नाला निर्माण का कार्य जो की आवश्यक था लगभग पूर्णता की ओर है तथा यहां सड़क के निर्माण का कार्य भी प्रारंभ हो गया है लगभग एक माह में यह कार्य पूर्ण होने की संभावना है नगर पालिका परिषद के द्वारा मंदसौर नगर में जहां भी सड़कों के सीसी कार्य एवं नाला निर्माण की आवश्यकता है प्राथमिकता के अनुसार यह सभी कार्य प्रारंभ होंगे तथा आम जनों को आवागमन में सुविधा हो इसका पूरा ध्यान रखा जाएगा
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विकास के लिए पूंजीगत व्यय सर्वोच्च प्राथमिकता : उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा
राजस्व प्रदर्शन में मध्यप्रदेश का उल्लेखनीय सुधार
‘फिस्कल हेल्थ इंडेक्स 2026’ में बेहतर वित्तीय प्रबंधन की झलक
मजबूत कर-संग्रह और बढ़ते पूंजीगत निवेश से सुदृढ़ हुई राज्य की वित्तीय स्थिति
मंदसौर 12 मार्च 26 / उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि दूसरी वार्षिक रिपोर्ट में मध्यप्रदेश के राजस्व प्रदर्शन का सकारात्मक आकलन राज्य की वित्तीय अनुशासन और विकासोन्मुख नीतियों का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में अधोसंरचना विकास को नई गति मिली है और निवेश का माहौल लगातार बेहतर हुआ है।
मध्यप्रदेश की राजकोषीय स्थिति में पिछले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। नीति आयोग द्वारा जारी दूसरी वार्षिक “Fiscal Health Index 2026” रिपोर्ट में राज्य के वित्तीय प्रबंधन और राजस्व प्रदर्शन का सकारात्मक मूल्यांकन किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार मध्यप्रदेश ने वर्ष 2021-22 से लगातार राजस्व अधिशेष बनाए रखा है, जो मजबूत कर-संग्रह और राज्य के अपने राजस्व स्रोतों में वृद्धि का परिणाम है।
दूसरी वार्षिक रिपोर्ट में बताया गया है कि राज्य की राजस्व प्राप्तियाँ सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) की तुलना में अधिक तेजी से बढ़ी हैं। यह वृद्धि मुख्य रूप से जीएसटी, आबकारी और व्यापार करों की प्रभावी वसूली के कारण संभव हुई है। फिस्कल हेल्थ इंडेक्स राज्यों के राजकोषीय प्रदर्शन का व्यापक और तुलनात्मक मूल्यांकन प्रस्तुत करता है तथा साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण को प्रोत्साहित करता है।
उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि राज्य सरकार विकास को गति देने के लिए पूंजीगत व्यय को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में अधोसंरचनात्मक विकास के लिए पूंजीगत व्यय 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है, जो एक नया कीर्तिमान होगा। वर्तमान में पूंजीगत व्यय राज्य के सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 4.8 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि राज्य में सड़कों, स्कूलों, अस्पतालों, पेयजल और सिंचाई परियोजनाओं जैसी अधोसंरचनाओं के निर्माण पर विशेष ध्यान दिया गया है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में पूंजीगत व्यय 57,348 करोड़ रुपये था, जो बढ़कर 2025-26 के पुनरीक्षित अनुमान में 74,662 करोड़ रुपये तक पहुँच गया है। यह वृद्धि 30 प्रतिशत से अधिक है और दीर्घकालिक विकास की मजबूत नींव तैयार करती है।
दूसरी वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2019-20 से 2023-24 के बीच राज्य की कुल राजस्व प्राप्तियों में 58.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इस अवधि में राज्य के कर राजस्व में 62.52 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जिसमें स्टेट जीएसटी, व्यापार एवं बिक्री कर तथा राज्य आबकारी का महत्वपूर्ण योगदान रहा। साथ ही पेंशन और ब्याज देनदारियों में वृद्धि के कारण प्रतिबद्ध व्यय कुल राजस्व व्यय का 43 प्रतिशत से अधिक हो गया है। राज्य सरकार ने पूंजीगत व्यय पर लगातार ध्यान बनाए रखा है, जो पिछले 5 वर्षों में लगभग दोगुना हो गया है।
उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि विशेषज्ञों के अनुसार यह प्रवृत्ति दर्शाती है कि राज्य सरकार बुनियादी ढाँचे के निर्माण और दीर्घकालिक आर्थिक विकास को प्राथमिकता दे रही है। उल्लेखनीय है कि राज्य का ऋण स्तर अभी भी वैधानिक सीमाओं में है, जो वित्तीय अनुशासन और संतुलित राजकोषीय प्रबंधन को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि अर्थशास्त्रियों का मानना है कि मजबूत राजस्व आधार और अधोसंरचना में बढ़ते निवेश से मध्यप्रदेश की आर्थिक वृद्धि को दीर्घकालिक गति मिल सकती है और राज्य निवेश तथा औद्योगिक विकास के लिए और अधिक आकर्षक गंतव्य बन सकता है।
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बालिकाओं में एचपीवी टीकाकरण को लेकर उत्साह, विशेषज्ञ डॉक्टरों ने भी किया प्रेरित
14-15 वर्ष की शेष बालिकाएं तुरंत वैक्सीन लगवाए और कैंसर से निजात पाए
मंदसौर 12 मार्च 26/ जिले में बालिकाओं के स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य के लिए चलाए जा रहे एचपीवी टीकाकरण अभियान को लेकर उत्साहजनक माहौल देखने को मिल रहा है। बड़ी संख्या में बालिकाएं आगे आकर एचपीवी वैक्सीन लगवा रही हैं और अन्य बालिकाओं को भी इसके लिए प्रेरित कर रही हैं।
जिला प्रशासन ने अपील की है कि जिन बालिकाओं ने अभी तक एचपीवी वैक्सीन नहीं लगवाई है, वे जल्द से जल्द यह टीका लगवाकर भविष्य में होने वाले सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाव सुनिश्चित करें। यह वैक्सीन पूर्णतः सुरक्षित और प्रभावी मानी जाती है तथा बालिकाओं के स्वास्थ्य संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
जिले की स्त्री रोग विशेषज्ञ महिला डॉक्टरों ने भी इस अभियान को मजबूत समर्थन दिया है। कई महिला चिकित्सकों ने स्वयं एचपीवी वैक्सीन लगवाकर इसका सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत किया है और वे अपने बच्चों तथा समाज की अन्य बालिकाओं को भी वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
इसी कड़ी में एक महिला चिकित्सक ने बताया कि उन्होंने स्वयं एचपीवी वैक्सीन लगवाई है और अब वे पूर्ण रूप से स्वस्थ एवं सुरक्षित हैं। उन्होंने अपनी बेटी रिद्धिमा को भी यह वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित किया। उनका कहना है कि यह वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है और इससे बालिकाओं को भविष्य में गंभीर बीमारियों से बचाव मिलता है।
उन्होंने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि वे किसी भी प्रकार की भ्रांतियों या अफवाहों पर ध्यान न दें और अपनी बेटियों के उज्ज्वल व सुरक्षित भविष्य के लिए समय पर एचपीवी वैक्सीन अवश्य लगवाएं।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इस अभियान के माध्यम से जिले में बालिकाओं को कैंसर से बचाव की सुरक्षा कवच प्रदान किया जा रहा है और समाज के सहयोग से यह अभियान लगातार सफल होता जा रहा है।
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एलपीजी उपभोक्ता परेशान नहीं हो, इस हेतु लगातार प्रयास जारी : खाद्य मंत्री श्री राजपूत
सुनिश्चित करें कि एलपीजी सिलेंडर की जमाखोरी और कालाबाजारी की स्थिति निर्मित नहीं हो
मंदसौर 12 मार्च 26 / खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा है कि प्रदेश में एलपीजी उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की परेशानी नही हो, इस हेतु लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा है कि सभी जिला कलेक्टर्स को निर्देशित किया गया है कि किसी भी स्थिति में वितरक स्तर पर एलपीजी सिलेंडर की जमाखोरी और कालाबाजारी की स्थिति निर्मित नहीं हो। श्री राजपूत ने कहा है कि वर्तमान में प्रदेश में पेट्रोल, डीजल एवं घरेलू गैस सिलेण्डर का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है एवं आपूर्ति बनी हुई है।
उल्लेखनीय है कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य के कारण आयात में हुई रुकावट को देखते हुए पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय भारत सरकार द्वारा सभी सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कम्पनियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये हैं कि एलपीजी की आपूर्ति एवं विपणन केवल घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं को किया जाये। ऑयल कम्पनियों द्वारा घरेलू उपभोक्ताओं को नियमित रूप से गैस की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिये वितरण प्रणाली में कुछ उपाय शुरू किये गये हैं। अब पिछली डिलीवरी के 25 दिन बाद ही रिफिल बुकिंग स्वीकार की जा रही है। इसका उद्देश्य कालाबाजारी और अफरा-तफरी को रोकना तथा उपभोक्ताओं को नियमित रूप से समान वितरण सुनिश्चित करना है। इन परिस्थितियों में ऑयल कम्पनियों द्वारा तय किया गया है कि वर्तमान में चिकित्सालय एवं शैक्षणिक संस्थाओं के अलावा किसी और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं (होटल, मॉल, वल्क एलपीजी का उपयोग करने वाले औद्योगिक क्षेत्र, फैक्ट्री आदि) को कॉमर्शियल एलपीजी की सप्लाई नहीं की जायेगी।
जिला कलेक्टर्स को निर्देशित किया गया है कि जिला स्तर पर खाद्य विभाग तथा ऑयल कम्पनी के अधिकारी और एलपीजी वितरकों के साथ नियमित रूप से बैठक कर वाणिज्यिक और घरेलू सिलेण्डर की उपलब्धता की समीक्षा करें। साथ ही जिले के बड़े वाणिज्यिक उपभोक्ताओं की भी बैठक कर उनके पास उपलब्ध स्टॉक का विवेकपूर्ण उपयोग करने एवं उनकी ईंधन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिये वैकल्पिक ईंधन आपूर्ति/स्रोतों का उपयोग करने की सलाह दी जाये।
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शासकीय छात्रावासों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू, इस वर्ष पूरी तरह होगी ऑनलाइन
30 मार्च तक ऑनलाइन करना होगा आवेदन
स्थान रिक्त होने वाले दूसरे चरण के लिए 6 अप्रैल से 10 जून तक कर सकेंगे आवेदन
मंदसौर 12 मार्च 26 / राज्य शिक्षा केंद्र, स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा संचालित शासकीय छात्रावासों में वर्ष 2026 के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस वर्ष विभाग ने प्रवेश प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है। इसके लिए एजुकेशन पोर्टल 3.0 के माध्यम से विशेष ई-हॉस्टल प्रबंधन प्रणाली विकसित की गई है।
संचालक राज्य शिक्षा केंद्र श्री हरजिंदर सिंह ने बताया कि प्रदेश में संचालित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों तथा नेताजी सुभाष चंद्र बोस बालिका एवं बालक छात्रावासों में विशेष रूप से वंचित वर्ग के बालक-बालिकाओं को उच्च प्राथमिक स्तर की शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पारदर्शी ऑनलाइन प्रवेश प्रणाली प्रारंभ की गई है।
संचालक श्री सिंह ने बताया कि ई-हॉस्टल प्रबंधन प्रणाली एक समेकित डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसे आवासीय विद्यालयों एवं छात्रावासों में प्रवेश प्रक्रिया, सीट आवंटन, अभिलेख संधारण और प्रशासनिक कार्यों को ऑनलाइन एवं पारदर्शी तरीके से संचालित करने के लिए विकसित किया गया है।
ई-हॉस्टल प्रबंधन प्रणाली विशेष रूप से कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) टाइप-I एवं टाइप-III तथा नेताजी सुभाष चंद्र बोस (एनएससीबी) बालक/बालिका छात्रावासों के पारदर्शी प्रबंधन और उनमें प्रवेश की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विकसित की गई है।
https://educationportal3.in पर जाकर करना होगा आवेदन
छात्रावासों में कक्षा 6वीं एवं अन्य कक्षाओं की रिक्त सीटों पर प्रवेश के लिए विद्यार्थी प्रथम चरण में 30 मार्च 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। प्रथम चरण के बाद सीट्स रिक्त रहने की स्थिति में द्वितीय चरण के आवेदन की प्रक्रिया शुरू होगी। यह 06 अप्रैल 2026 से 10 जून 2026 तक चलेगी।
छात्रावास में प्रवेश के लिए अभिभावकों, विद्यार्थियों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। यह आवेदन एमपी ऑनलाइन कियोस्क सेन्टर के माध्यम से स्कूल शिक्षा विभाग की वेबसाइट https://educationportal3.in पर जाकर करना होगा। इसके साथ ही यदि किसी अभिभावक/पालक/विद्यार्थी को आवेदन फॉर्म भरने में किसी प्रकार की समस्या आती है, तो वे संबंधित वार्डन के सहयोग से भी आवेदन फॉर्म भर सकते हैं।
छात्रावासों में लक्ष्य के अनुसार 50, 100, 150, 175, 200, 220 तथा 275 सीटें उपलब्ध हैं। कक्षा 6 से 8 तक की बालिकाओं को कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (टाइप-I) एवं नेताजी सुभाष चंद्र बोस बालिका छात्रावासों में प्रवेश दिया जाता है। वहीं कक्षा 6 से 12 तक की बालिकाओं को कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (टाइप-III) में प्रवेश की पात्रता होती है।
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में छात्रावास की मार्गदर्शिका के अनुसार 75 प्रतिशत सीटें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक वर्ग की बालिकाओं के लिए निर्धारित हैं, जबकि 25 प्रतिशत सीटें गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) जीवन-यापन करने वाले परिवारों की बालिकाओं के लिए आरक्षित हैं। इनमें अस्थि बाधित, अनाथ एवं बेसहारा बालिकाओं को चयन में प्राथमिकता दी जाती है।
प्रदेश में संचालित 66 नेताजी सुभाष चंद्र बोस बालक छात्रावासों में कक्षा 3 से 8 तक के पात्र बालकों को प्रवेश दिया जाता है। ये छात्रावास विशेष रूप से शाला अप्रवेशी एवं शाला त्यागी बालकों के लिए संचालित किए जाते हैं। ऐसे बालकों को उनकी आयु के अनुरूप कक्षा में दर्ज कर विशेष प्रशिक्षण के माध्यम से आवश्यक दक्षताएं विकसित कर उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जाता है।
छात्रावासों में विशेष रूप से ऐसे बच्चों को प्रवेश दिया जाता है, जो रेलवे स्टेशन एवं बस स्टैंड के प्लेटफॉर्म पर रहने वाले, पन्नी बीनने वाले, पलायन करने वाले परिवारों के बच्चे, घर से भटके हुए बच्चे, विमुक्त (डिनोटीफाइड ट्राइब्स) एवं प्रिमिटिव ट्राइबल परिवारों के बच्चे और वन ग्राम पट्टाधारी परिवारों के बच्चों को आवासीय सुविधाएं प्रदान कर शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़कर प्रारंभिक शिक्षा पूर्ण कराई जाती है।
प्रदेश में 597 छात्रावास हैं संचालित
राज्य शिक्षा केंद्र अंतर्गत प्रदेश में कुल 597 छात्रावास संचालित है। इनमें 207 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, 324 नेताजी सुभाष चंद्र बोस बालिका छात्रावास तथा 66 नेताजी सुभाष चंद्र बोस बालक छात्रावास शामिल हैं। इन छात्रावासों में ऐसे बालक-बालिकाओं को आवासीय सुविधा प्रदान की जाती है, जो शाला से बाहर हैं या प्रारंभिक शिक्षा से वंचित हैं। साथ ही पारिवारिक कारणों से परिवार के साथ रहते हुए शिक्षा प्राप्त नहीं कर सकते हैं। उन्हें छात्रावास में रखकर प्रारंभिक शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।
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सीतामऊ में हनुमान जन्मोत्सव की धूम: हिन्दू रक्षक आर्मी द्वारा दो भव्य आयोजनों की रूपरेखा तैयार
सीतामऊ। नगर में आगामी हनुमान जन्मोत्सव के पावन पर्व को ऐतिहासिक और भव्य बनाने के लिए श्री हिन्दू रक्षक आर्मी द्वारा ज़ोर-शोर से तैयारियाँ शुरू कर दी गई हैं। संगठन द्वारा इस वर्ष दो अलग-अलग तिथियों पर विशाल धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें क्षेत्र के हज़ारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
समिति के सदस्यो ने बताया कि पहला भव्य आयोजन दिनांक 2 अप्रैल 2026, दिन गुरुवार को भगोर दरवाजा स्थित प्राचीन श्री हनुमान मंदिर पर संपन्न होगा। कार्यक्रम का शुभारंभ सायं 7:00 बजे होगा। इस पावन अवसर पर विशेष रूप से ‘महाआरती’ और ‘महाप्रसादी’ का आयोजन किया गया है। साथ ही भक्तों के आकर्षण के लिए रात्रि में भव्य और आकर्षक आतिशबाजी भी की जाएगी।
कार्यक्रम की श्रृंखला में दूसरा बड़ा आयोजन दिनांक 7 अप्रैल 2026, दिन मंगलवार को बस स्टैंड, सीतामऊ पर भव्य भजन संध्या का आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम सायं 7:00 बजे से प्रारंभ होकर प्रभु इच्छा तक चलेगा। जिसमें प्रसिद्ध भजन गायक दीपक राजस्थानी और आकृति मिश्रा अपनी सुमधुर आवाज़ में भजनों की प्रस्तुतियाँ देंगे।
इसके साथ ही, यहाँ ‘दिव्य दरबार’ भी सजेगा, जहाँ श्रद्धालु बाबा खाटू श्याम जी एवं भगवान श्री हनुमान जी के अलौकिक दर्शन कर सकेंगे।
श्री हिन्दू रक्षक आर्मी ने नगर एवं आसपास के क्षेत्र के समस्त धर्मप्रेमी जनता से दोनों कार्यक्रमों में सपरिवार पधारकर धर्म लाभ लेने की अपील की है।
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चार बड़ी ग्राम पंचायतों में भी होनी चाहिए फायर ब्रिगेड फाइटर
सीतामऊ -जनपद पंचायत की इन चार बड़ी ग्राम पंचायतों में भी होनी चाहिए फायर ब्रिगेड फाइटर नाहरगढ़ कयामपुर रुणिजा लदूना जिससे कि इनके आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में आग जनी की होने वाली घंटनाओं पर अंकुश लग सके क्योंकि आपको बता दें कि अगर रुणिजा के पास गेलाना में किसी कारण वंश आग लगती है तो सुवासरा से फायर ब्रिगेड फाइटर को पहुंचने में लगभग 30 मिनट लग सकते हे अगर यही फायर ब्रिगेड रुणिजा में हो तो 10 मिनिट में पहुंच जाती थे जिससे आग पर जल्दी काबू पाया जा सकता है वही नाहरगढ़ के पास किसी गांव में आग लग जाती हे जो कि 5 किलो मीटर के दायरे में आता हो उसके लिए सीतामऊ से जाने में एक घंटा लग सकता हे इतने में पूरी तरह स्वाह हो जाता है इसी प्रकार लदुना कयामपुर में के आसपास आग लग जाती है तो उसमें भी फायर ब्रिगेड फाइटर को पहुंचने में देर लग जाती हे तो क्यों न इन बड़ी पंचायतों में भी क्षेत्रीय विधायक हरदीप सिंह डंग को इन चारों बड़ी पंचायतों में फायर ब्रिगेड की स्वीकृति करवाना चाहिए जिससे कि किसानों के खेतों में खून पसीने से कमाई हुई फसल बर्बाद होने से बचाया जा सकता है .!
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