समाचार मध्यप्रदेश मंदसौर 12 मार्च 2026 गुरुवार

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पीएससी पर सभी डॉ. ड्यूटी पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें, अनुपस्थित पर होगी सीधे निलंबन की कार्यवाही : कलेक्टर श्रीमती गर्ग
एचपीवी वैक्सीन पूर्णतः सुरक्षित, भ्रामक अफवाहों पर ध्यान न दें : कलेक्टर श्रीमती गर्ग
जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक संपन्न
मंदसौर 11 मार्च 26/ कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक सुशासन भवन सभागृह में आयोजित की गई। बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री अनुकूल जैन सहित मेडिकल कॉलेज, स्वास्थ्य विभाग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान कलेक्टर श्रीमती गर्ग ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएससी) पर ओपीडी में पदस्थ सीएचओ, मेडिकल ऑफिसर एवं डॉक्टर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें। बिना किसी लिखित सूचना के अनुपस्थित पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध सीधे निलंबन की कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि पीएससी पर डॉक्टर नियमित रूप से बैठें, मरीजों की जांच कर उचित उपचार प्रदान करें तथा स्वास्थ्य सेवाओं में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। अनुपस्थित की सूचना किसी भी माध्यम से प्राप्त होने पर होगी कार्यवाही। उन्होंने निर्देश दिए कि सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक चलने वाली ओपीडी व्यवस्था की लाइव मॉनिटरिंग भी की जाएगी।
बैठक में एचपीवी टीकाकरण की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि एचपीवी वैक्सीन पूर्णतः सुरक्षित है। आमजन किसी भी प्रकार की गलत एवं भ्रामक बातों पर ध्यान न दें। स्वास्थ्य विभाग इस संबंध में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाए। प्रतिदिन लक्ष्य निर्धारित कर टीकाकरण कार्य को गति दी जाए। जिला शिक्षा अधिकारी संकुल प्राचार्यों को निर्देशित करें कि स्कूल इस अभियान में सक्रिय सहयोग दें। 17 मार्च तक सभी स्कूलों में आठवी एवं नवी क्लास के बच्चों की पैरेंट्स टीचर्स मीटिंग आयोजित की जाए। जिसमें एचपीवी वैक्सीनेशन के संबंध में पेरेंट्स को जागरूक किया जाए। आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर अभिभावकों को जागरूक करें और बच्चों के साथ टीकाकरण केंद्र आने के लिए प्रेरित करें। इसके लिए जिला स्तरीय टीम भी गठित की जाए जो घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करें।
कलेक्टर ने गर्भवती माताओं के एएनसी रजिस्ट्रेशन की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सेक्टर एवं गांव स्तर पर शिविर लगाकर एएनसी रजिस्ट्रेशन तथा गर्भवती माताओं की समग्र आईडी बनवाई जाए। जिन क्षेत्रों में एएनसी रजिस्ट्रेशन में गैप है उसे जल्द पूर्ण किया जाए। इसके लिए लाइन लिस्टिंग तैयार कर कार्य किया जाए।
उन्होंने कहा कि जिन स्वास्थ्य केंद्रों में 4 एएनसी चेकअप की प्रगति 50 प्रतिशत से कम है वहां विशेष शिविर लगाए जाएं और शत-प्रतिशत चेकअप सुनिश्चित किए जाएं। मॉडरेट एनीमिया के मामलों में सीएचओ बेहतर कार्य करें तथा हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (एचआरपी) वाली महिलाओं को चिन्हित कर उनका समुचित उपचार किया जाए। एएनसी जांच में लापरवाही बरतने वाले डॉक्टर अथवा नर्स के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी।
कलेक्टर ने गंभीर एनीमिया के मामलों में तत्काल उपचार योजना बनाकर बेहतर प्रबंधन करने के निर्देश दिए तथा सभी मामलों में निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने समग्र आईडी की ई-केवाईसी एवं डीबीटी संबंधित कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण करने के निर्देश भी दिए। एएनसी के लिए विशेष कैंप लगाकर सप्ताहभर अभियान चलाने तथा समग्र आईडी अपडेट करने के निर्देश दिए गए। बैठक में PIH चिन्हांकन एवं डिलीवरी अपडेट की भी समीक्षा की गई तथा निर्देश दिए गए कि सभी डिलीवरी प्रकरणों को तत्काल पोर्टल पर अपडेट किया जाए।
कलेक्टर ने पोषण पुनर्वास केंद्र में कुपोषित बच्चों को भर्ती कराने के लिए अभिभावकों को प्रेरित करने के निर्देश दिए और कहा कि बच्चों को पूर्ण उपचार के पश्चात ही पोषण पुनर्वास केंद्र से छुट्टी दी जाए। बैठक में दस्तक अभियान एवं टीबी मुक्त भारत अभियान की भी समीक्षा की गई।
उन्होंने कहा कि एनसीडी कार्यक्रम में बेहतर कार्य करने वाली सीएचओ को सम्मानित किया जाए। साथ ही आगामी बैठक में सर्वाइकल कैंसर की प्रगति की भी विस्तृत समीक्षा की जाएगी।
एंबुलेंस के खराब होने या बंद होने की स्थिति में दूसरी एंबुलेंस उपलब्ध नहीं कराने पर पेनल्टी की कार्यवाही करें। एंबुलेंस के संबंध में जीपीएस डाटा भोपाल से मंगवाये। पीएम राहत योजना अंतर्गत जिन निजी अस्पतालों ने पंजीयन नहीं करवाया है, उन सभी अस्पताल को नोटिस जारी करें। ब्लॉक स्तर पर रोगी कल्याण समिति की बैठक लगातार आयोजित करवाए।
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कलेक्टर ने चारा एवं भूसे के निर्यात पर लगाया प्रतिबंध, उल्लंघन पर होगी कार्यवाही
मंदसौर। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्रीमती अदिती गर्ग ने जिले में चारा एवं भूसे के निर्यात को रोकने के लिए पर 31 मई तक प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। मंदसौर जिला अंतर्गत चारा/भुसा के निर्यात होने व अन्य कारणों से पशुओं के भुसा एवं चारा आदि की कमी होने की आशंका है।जिले मे उत्पादित भुसा एवं चारे को पशुओं हेतु पर्याप्त मात्रा में आपूर्ति एवं संग्रहण करना आवश्यक है। म०प्र० पशु चारा (निर्यात नियंत्रण) आदेश 2000 के निहित प्रावधानों के अधीन प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग करते हुए पशुओं के आहार में आने वाले सभी प्रकार के चारा, भुसा, घास, ज्वार आदि पशु चारे का उपयोग ईंट भट्टे में जलाने, फैक्ट्रियों में जलाने एवं जिले की सीमा से बाहर निर्यात को तत्काल प्रभाव से 31 मई 2026 तक के लिए प्रतिबन्ध लगाया गया है। समस्त प्रकार के भुसा, चारा, घास, कड़वी आदि को कोई भी कृषक, व्यापारी, व्यक्ति या निर्यातक संस्था किसी भी प्रकार के वाहन, नाव, मोटर-ट्रक, बैलगाड़ी एवं रेल्वे अथवा अन्य साधन द्वारा जिले के बाहर बिना कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की लिखित अनुमति के निर्यात नहीं करेगें। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा। उक्त आदेश का उल्लंघन होने पर म.प्र. पशु चारा (निर्यात नियंत्रण) आदेश 2000 के निहित प्रावधानों के तहत दण्डात्मक कार्यवाही की जावेगी।
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HPV टीकाकरण में सिविल अस्पताल शामगढ़ ने किया सराहनीय कार्य
बालिकाओं ने वैक्सीनेशन में बढ़-चढ़कर लिया भाग
मंदसौर 11 मार्च 26/ जिले में चल रहे HPV टीकाकरण अभियान के अंतर्गत सिविल अस्पताल शामगढ़ में आज बड़े स्तर पर टीकाकरण किया गया। इस अभियान में बालिकाओं ने उत्साह के साथ बढ़-चढ़कर भाग लिया और बड़ी संख्या में टीकाकरण करवाया। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा पूरे दिन व्यवस्थित रूप से टीकाकरण किया गया, जिससे बालिकाओं और उनके अभिभावकों में जागरूकता भी देखने को मिली।
HPV वैक्सीन बालिकाओं को भविष्य में होने वाली गंभीर बीमारियों से बचाने के उद्देश्य से लगाई जा रही है। अभियान के दौरान अस्पताल के चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों ने बालिकाओं को वैक्सीन के महत्व के बारे में जानकारी भी दी और अभिभावकों को इसके लाभ समझाए।
बड़ी संख्या में बालिकाओं को वैक्सीन लगाकर अस्पताल ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक सराहनीय पहल की है। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि भविष्य में भी इसी तरह के स्वास्थ्य अभियानों को लगातार चलाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक बालिकाओं को सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य प्रदान किया जा सके। स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों ने भी इस पहल की सराहना की और स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों की प्रशंसा की। फोटो संलग्न
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मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना के लिए ग्रामीण चार्ज अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण
जनगणना 2027 के द्वितीय चरण का जिला स्तरीय प्रशिक्षण सम्पन्न
मंदसौर 11 मार्च 26/ भारत की आगामी जनगणना 2027 के सफल संचालन एवं प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से जिले में द्वितीय चरण का जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण ई-दक्ष केंद्र के कम्प्यूटर लैब में आयोजित हुआ, जिसमें ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों के चार्ज अधिकारियों को मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना से संबंधित विस्तृत जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण के दौरान जनगणना के जिला प्रभारी श्री अभिषेक ठाकुर द्वारा अधिकारियों को जनगणना की प्रक्रिया, कार्यप्रणाली एवं प्रथम चरण में किए जाने वाले कार्यों के बारे में विस्तार से अवगत कराया गया। उन्होंने बताया कि आगामी जनगणना के प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य किया जाएगा, जिसके लिए नगरीय और ग्रामीण स्तर पर चार्ज अधिकारियों की नियुक्ति की जा चुकी है। इन अधिकारियों को जिला स्तर पर चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है, ताकि जनगणना का कार्य सुचारू और व्यवस्थित रूप से संपन्न किया जा सके।
प्रशिक्षण के दौरान जिला जनगणना अधिकारी एवं अपर कलेक्टर श्रीमती एकता जायसवाल सहित अतिरिक्त जिला जनगणना अधिकारी, अनुविभागीय जनगणना अधिकारी, तहसीलदार एवं चार्ज जनगणना अधिकारी, मुख्य नगरपालिका अधिकारी एवं चार्ज जनगणना अधिकारी, जिला सूचना अधिकारी, जनगणना लिपिक तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
द्वितीय चरण के इस प्रशिक्षण में जिला जनगणना पुस्तिका से संबंधित जानकारी के साथ-साथ सीएमएमएस (CMMS) पोर्टल पर हैंड्स-ऑन अभ्यास भी कराया गया। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को जिला जनगणना हस्तपुस्तिका, ग्राम निर्देशिका एवं नगर निर्देशिका अनुसूची, प्रक्रिया प्रवाह तथा जनगणना से जुड़ी विभिन्न तकनीकी प्रक्रियाओं के बारे में व्यावहारिक जानकारी दी गई।
श्री अभिषेक ठाकुर द्वारा एमएमएस पोर्टल पर हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण देते हुए प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों की सूची को एक्सेल के माध्यम से पोर्टल पर अपलोड करने तथा उनके नियुक्ति आदेश जारी करने की प्रक्रिया भी विस्तार से समझाई गई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी आवश्यक तैयारियां समय पर पूर्ण की जाएं, जिससे जनगणना 2027 के प्रथम चरण के कार्य सुचारू रूप से संपन्न हो सकें।
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किसान कल्याण वर्ष 2026
गेहूं उपार्जन में 66 हजार किसानों ने करवाया पंजीयन
मंदसौर 11 मार्च 26/ किसान कल्याण वर्ष 2026 के अंतर्गत जिले में रबी विपणन वर्ष के लिए किसानों का पंजीयन कार्य किया गया। जिले में गेहूं उपार्जन के लिए किसानों ने उत्साहपूर्वक पंजीयन कराया है। अब तक जिले में लगभग 66 हजार 32 किसानों ने गेहूं का पंजीयन कराया है, जो किसानों की सक्रिय भागीदारी को दर्शाता है।
जिले की विभिन्न तहसीलों में भी किसानों ने बड़ी संख्या में पंजीयन कराया है। सीतामऊ तहसील में 12 हजार 953 किसानों, मल्हारगढ़ में 8 हजार 547, मंदसौर तहसील में 8 हजार 141, शामगढ़ में 8 हजार 91, तथा सुवासरा में 8 हजार 60 किसानों ने गेहूं उपार्जन के लिए पंजीयन कराया है। इसके अतिरिक्त भानपुरा में 6 हजार 374, गरोठ में 6 हजार 435, दलौदा में 5 हजार 863 तथा मंदसौर नगर क्षेत्र में 1 हजार 568 किसानों ने भी पंजीयन कराया है।
इसी प्रकार अन्य फसलों में भी किसानों द्वारा पंजीयन कराया गया है। जिले में चना फसल के लिए 14 हजार 288 किसानों, मसूर के लिए 4 हजार 768 किसानों तथा सरसों के लिए 3 हजार 889 किसानों ने पंजीयन कराया है।
प्रशासन द्वारा किसानों की सुविधा के लिए पंजीयन की प्रक्रिया को सरल बनाया गया था, जिससे बड़ी संख्या में किसान आसानी से अपना पंजीयन करा सके।
किसान कल्याण वर्ष 2026 के अंतर्गत शासन का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना तथा उपार्जन प्रक्रिया को पारदर्शी एवं सुगम बनाना है।
जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि उपार्जन संबंधी सभी आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन करें तथा निर्धारित समय पर अपनी उपज उपार्जन केंद्रों पर विक्रय के लिए लाएं, ताकि उन्हें शासन द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य का लाभ प्राप्त हो सके।
मंदसौर में भूमि आवंटन के संबंध में आपत्ती/ अभिमत 23 मार्च तक प्रस्तुत करें
मंदसौर 11 मार्च 26 / मंदसौर तहसीलदार द्वारा बताया गया कि स्टेट बैंक ऑफ ईंडिया रीजनल ऑफीस मंदसौर द्वारा मंदसौर में स्थित शासकीय भूमि सर्वे नम्बर 61 रकबा 2.9570 हेक्टेयर मे से रकबा 0.2900 हेक्टेयर भूमि पर रीजनल ऑफीस की बिल्डिंग ओर लोन प्रोसेसिंग सेंटर हेतु भूमि आबंटित करने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया है। औद्योगिक प्रयोजन, मध्यम उद्योग की स्थापना के लिए अभिमत 23 मार्च 2026 तक प्रस्तुत कर सकते है।
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कलेक्टर ने चारा एवं भूसे के निर्यात पर 31 मई तक लगाया प्रतिबंध
उल्लंघन पर म.प्र. पशु चारा निर्यात नियंत्रण प्रावधानों के तहत होगी दण्डात्मक कार्यवाही
मंदसौर 11 मार्च 26 / कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्रीमती अदिती गर्ग ने जिले में चारा एवं भूसे के निर्यात को रोकने के लिए पर 31 मई तक प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। मंदसौर जिला अंतर्गत चारा/भुसा के निर्यात होने व अन्य कारणों से पशुओं के भुसा एवं चारा आदि की कमी होने की आशंका है।
जिले मे उत्पादित भुसा एवं चारे को पशुओं हेतु पर्याप्त मात्रा में आपूर्ति एवं संग्रहण करना आवश्यक है। म०प्र० पशु चारा (निर्यात नियंत्रण) आदेश 2000 के निहित प्रावधानों के अधीन प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग करते हुए पशुओं के आहार में आने वाले सभी प्रकार के चारा, भुसा, घास, ज्वार आदि पशु चारे का उपयोग ईंट भट्टे में जलाने, फैक्ट्रियों में जलाने एवं जिले की सीमा से बाहर निर्यात को तत्काल प्रभाव से 31 मई 2026 तक के लिए प्रतिबन्ध लगाया गया है।
समस्त प्रकार के भुसा, चारा, घास, कड़वी आदि को कोई भी कृषक, व्यापारी, व्यक्ति या निर्यातक संस्था किसी भी प्रकार के वाहन, नाव, मोटर-ट्रक, बैलगाड़ी एवं रेल्वे अथवा अन्य साधन द्वारा जिले के बाहर बिना कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की लिखित अनुमति के निर्यात नहीं करेगें। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा। उक्त आदेश का उल्लंघन होने पर म.प्र. पशु चारा (निर्यात नियंत्रण) आदेश 2000 के निहित प्रावधानों के तहत दण्डात्मक कार्यवाही की जावेगी।
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कलेक्टर ने चारा एवं भूसे के निर्यात पर लगाया प्रतिबंध, उल्लंघन पर होगी कार्यवाही
मंदसौर। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्रीमती अदिती गर्ग ने जिले में चारा एवं भूसे के निर्यात को रोकने के लिए पर 31 मई तक प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। मंदसौर जिला अंतर्गत चारा/भुसा के निर्यात होने व अन्य कारणों से पशुओं के भुसा एवं चारा आदि की कमी होने की आशंका है।जिले मे उत्पादित भुसा एवं चारे को पशुओं हेतु पर्याप्त मात्रा में आपूर्ति एवं संग्रहण करना आवश्यक है। म०प्र० पशु चारा (निर्यात नियंत्रण) आदेश 2000 के निहित प्रावधानों के अधीन प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग करते हुए पशुओं के आहार में आने वाले सभी प्रकार के चारा, भुसा, घास, ज्वार आदि पशु चारे का उपयोग ईंट भट्टे में जलाने, फैक्ट्रियों में जलाने एवं जिले की सीमा से बाहर निर्यात को तत्काल प्रभाव से 31 मई 2026 तक के लिए प्रतिबन्ध लगाया गया है। समस्त प्रकार के भुसा, चारा, घास, कड़वी आदि को कोई भी कृषक, व्यापारी, व्यक्ति या निर्यातक संस्था किसी भी प्रकार के वाहन, नाव, मोटर-ट्रक, बैलगाड़ी एवं रेल्वे अथवा अन्य साधन द्वारा जिले के बाहर बिना कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की लिखित अनुमति के निर्यात नहीं करेगें। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा। उक्त आदेश का उल्लंघन होने पर म.प्र. पशु चारा (निर्यात नियंत्रण) आदेश 2000 के निहित प्रावधानों के तहत दण्डात्मक कार्यवाही की जावेगी।
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सीएमओ श्री सुमन ने सफाई दरोगाओं की बैठक ली
मंदसौर। स्वच्छता सर्वेक्षण 2026 की तैयारी को लेकर कल नपा सभागृह में मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री प्रेम कुमार सुमन ने सफाई दरोगाओ की बैठक ली । बैठक में प्रभारी स्वास्थ्य अधिकारी हेमचंद शर्मा एवं सभी 40 वार्डो के सफाई दरोगागण भी उपस्थीत थे ।बैठक मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री सुमन ने कहा की सभी सफाई दरोगा अपने कर्तव्य के प्रति सचेत रहे । प्रात:काल एवं दोपहर की पाली में दोनो समय कर्मचारियों की उपस्थिती अपने कर्तव्य स्थल पर रहना चाहिए । सफाई कार्य के प्रति सभी कर्मचारी मुस्तेदी से कार्य करें ,यदि कर्मचारी अनुपस्थित रहते हैं या कार्य में लापरवाही करते हैं तो उनके विरुद्ध उचित कार्यवाही करें । सफाई दरोगा पार्षद व अन्य जनप्रतिनिधियोंंं के साथ तालमेल बिठाकर वार्ड का प्रतिदिन भ्रमण करें और सफाई कार्य करायें । आगामी समय की स्वच्छता सर्वेक्षण होगा उसमें नपा को अच्छी रैंकिंग मिले इसके लिए कर्मचारी मुस्तेदी से अपने कार्य में लग जाएें । जहां भी गंदगी दिखे उसे साफ कराए, यदि नागरिकों को समझाईश देने की जरूरत पड़े तो उनसे चर्चा करें लेकिन सफाई का कार्य सुनिश्चित होना चाहिए ।नगर पालिका जहॉ भी आवश्यक होगा वहां रात्रि कालीन सफाई करायगी और कर्मचारियों को जो भी ससांधन देने जरूरी होगे वे समय पर उपलब्ध हों जाएगे इसलिए संसाधन की चिंता न करें । किसी भी हाल में सफाई के कार्य में लापरवाही नही रहना चाहिए । सभी 40 वार्डों के दरोंगा स्वच्छ सर्वेक्षण की महत्वपूर्ण इकाई है हमें पूरी मुस्तेदी से कार्य कर नपाध्यक्ष श्रीमती रमादेवी बंशीलाल गुर्जर की परिषद को पूरे प्रदेश में स्वच्छता सम्मान मिले एेसा कार्य करना है ।
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