सरपंच प्रतिनिधि पर मनमानी का आरोप, जेसीबी से तुड़वाया गांव का सार्वजनिक चबूतरा

ग्रामीणों में आक्रोश, सुवासरा थाने में शिकायत देकर कार्रवाई की मांग
(बंशीदास बैरागी मगराना)मंदसौर जिले के सीतामऊ जनपद क्षेत्र की ग्राम पंचायत धानडाखेड़ा के रावतखेड़ा गांव में सार्वजनिक चबूतरे को जेसीबी से तुड़वाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद गांव में आक्रोश का माहौल बन गया और ग्रामीणों ने थाने में शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार रावतखेड़ा गांव में शासकीय भूमि पर वर्षों पहले ग्रामीणों के सहयोग से एक बड़ा चबूतरा बनाया गया था। बताया जा रहा है कि इस चबूतरे के निर्माण व आसपास सफाई कराने में गांव के लोगों ने करीब 30 लाख रुपये एकत्रित कर इसे बनवाया था। इस स्थान पर समय-समय पर भागवत कथा सहित कई धार्मिक व सामाजिक कार्यक्रम आयोजित होते रहे हैं।
आरोप है कि ग्राम पंचायत धानडाखेड़ा के सरपंच प्रतिनिधि गोविंद रायका ने द्वेषता रखते हुए बिना किसी पूर्व सूचना के जेसीबी मशीन बुलवाकर चबूतरे को तुड़वा दिया। जब ग्रामीणों ने इसका विरोध किया तो सरपंच प्रतिनिधि ने बताया कि इस जगह से भराव मिट्टी हटाई जाएगी, इसलिए चबूतरा हटाया जा रहा है। हालांकि ग्रामीणों ने इसका कड़ा विरोध किया, लेकिन उनकी एक भी नहीं सुनी गई।
घटना के बाद नाराज ग्रामीण क्षेत्रीय विधायक हरदीप सिंह डंग (सुवासरा) के कार्यालय पहुंचे और पूरी घटना से अवगत कराया। बताया जाता है कि विधायक ने फोन पर सरपंच प्रतिनिधि को फटकार लगाते हुए कहा कि बिना अनुमति सार्वजनिक स्थान पर बने चबूतरे को तोड़ना गलत है और यह तरीका उचित नहीं है।
इसके बाद ग्रामीणों ने सुवासरा थाने पहुंचकर सरपंच और सरपंच प्रतिनिधि के खिलाफ शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की शिकायत दर्ज कराई और उचित कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि चबूतरा धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों का प्रमुख स्थल था, जिसे तोड़कर गांव की भावनाओं को ठेस पहुंचाई गई है। मामले को लेकर गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
ग्रामीणों की मांग है कि मौके का पंचनामा बनाकर दोषियों पर कार्रवाई की जाए और चबूतरे को हुए नुकसान की भरपाई कराई जाए।
मामले को लेकर सरपंच प्रतिनिधि व जनपद पंचायत सीओ ने उनके मोबाइल पर सम्पर्क करना चाहा मगर उनके द्वारा जवाब दे।ना उचित नहीं समझा।




