सहकारिता विभाग की सांकेतिक अर्थी निकाली नीमच में प्रदर्शन, पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया

सहकारिता विभाग की सांकेतिक अर्थी निकाली नीमच में प्रदर्शन, पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया
नीमच कलेक्टर कार्यालय परिसर में सहकारिता विभाग की कथित लापरवाही और अक्षय क्रेडिट सोसायटी से पीड़ित लोगों ने विभाग की सांकेतिक अर्थी निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान ‘राम नाम सत्य है’ के नारे लगाए गए, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया और पुलिस ने कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।
प्रदर्शनकारियों ने सहकारिता विभाग के खिलाफ अपना गुस्सा व्यक्त करते हुए परिसर में ही सांकेतिक अर्थी के साथ प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर अधिकारी मौके पर पहुंचे, जहां प्रदर्शनकारियों और अधिकारियों के बीच तीखी बहस हुई।
बिना अनुमति प्रदर्शन को रोकने का प्रयास किया गया, जिससे विरोध और तेज हो गया। प्रदर्शनकारी सांकेतिक अर्थी के साथ कलेक्टर कार्यालय परिसर में ही बैठ गए। एसडीएम संजीव साहू ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शन की अनुमति मांगी, जो प्रदर्शनकारियों के पास नहीं थी। इसके बाद प्रशासन के निर्देश पर पुलिस ने दो से तीन प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।
पीड़ितों का आरोप है कि- अक्षय क्रेडिट सोसायटी द्वारा 2024 से लगातार उनका आर्थिक, मानसिक और सामाजिक शोषण किया जा रहा है। उन्होंने कई बार शिकायतें दर्ज कराईं, लेकिन सहकारिता विभाग ने हर बार दस्तावेज़ न होने का बहाना बनाकर कार्रवाई से टालमटोल किया।
मजबूरन, 15 फरवरी 2025 को पीड़ितों ने लगभग 800 पन्नों का विस्तृत दस्तावेज़ विभाग को सौंपा, जिसमें अवैध गतिविधियों, अनियमितताओं और शिकायतों का विवरण था। हालांकि, दस महीने बीत जाने के बाद भी विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिससे पीड़ितों का धैर्य जवाब दे गया।
घटनास्थल पर मौजूद कांग्रेस नेता सत्यनारायण पाटीदार ने प्रदर्शनकारियों का समर्थन करते हुए कहा कि किसी को इस तरह डरा-धमकाकर चुप नहीं कराया जा सकता।
वहीं, प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सरकारी परिसर में बिना अनुमति शवयात्रा और प्रदर्शन करना नियम विरुद्ध है, जिसके चलते पुलिस कार्रवाई की गई। हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को कुछ देर बाद छोड़ दिया गया और स्थिति को शांत कर दिया गया।
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