
ग्रामीण क्षेत्रों की गलियों से लेकर सड़क किनारे की गुमटियों तक अवैध बिक्री की शिकायतें; गरीब परिवारों पर पड़ रहा दुष्प्रभाव
ताल ब्यूरो चीफ शिवशक्ति शर्मा
ताल नगर एवं थाना क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में अवैध शराब की बिक्री का कारोबार कथित रूप से लगातार फल-फूल रहा है। स्थानीय स्तर पर मिल रही चर्चाओं एवं विश्वसनीय बताए जा रहे सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में कई स्थानों पर अवैध रूप से शराब बेचे जाने की बातें सामने आ रही हैं। यदि इन शिकायतों में सच्चाई है, तो यह संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
बताया जा रहा है कि ग्रामीण क्षेत्रों की गलियों और मोहल्लों में मनमाने दामों पर शराब की बिक्री की जा रही है। वहीं, ताल नगर में अधिक कीमत लेकर घर तक शराब पहुंचाने की सुविधा उपलब्ध होने की चर्चाएं भी हैं। कुछ स्थानों पर सड़क किनारे बनी छोटी-छोटी गुमटियों से भी मनपसंद शराब मिलने की बातें कही जा रही हैं। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि होना शेष है।
गरीब परिवारों पर पड़ रहा आर्थिक और सामाजिक दुष्प्रभाव
अवैध शराब का कारोबार केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि एक गंभीर सामाजिक समस्या भी है। शराब की लत के कारण अनेक गरीब परिवारों की आर्थिक स्थिति प्रभावित होती है। मेहनत-मजदूरी से अर्जित कमाई का बड़ा हिस्सा शराब पर खर्च होने से परिवारों के भरण-पोषण, बच्चों की शिक्षा और घरेलू जरूरतों पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
ऐसे में आवश्यक है कि क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री संबंधी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए और वास्तविक स्थिति की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
आबकारी विभाग एवं जिला प्रशासन से कार्रवाई की अपेक्षा
क्षेत्रवासियों की अपेक्षा है कि आबकारी विभाग, पुलिस एवं जिला प्रशासन इस मामले में सक्रियता दिखाते हुए शिकायतों की जांच करें। जहां भी अवैध शराब की बिक्री की पुष्टि हो, वहां नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, अवैध बिक्री के संभावित ठिकानों पर निगरानी बढ़ाकर इस कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाया जाए।
अब देखना यह है कि संबंधित विभाग इन शिकायतों को कितनी गंभीरता से लेते हैं और ताल नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध शराब की बिक्री पर रोक लगाने के लिए क्या कदम उठाते हैं।



