डेढ़-सौ से अधिक म्यूल बैंक अंकाउण्ट एवं म्यूल मोबाईल सीमो का कर चूके हैं उपयोग,अर्न्राज्यीय ‘सायबर ठगो’ को अलग अलग राज्यो से पुलिस ने किया गिरफ्तार

डेढ़-सौ से अधिक म्यूल बैंक अंकाउण्ट एवं म्यूल मोबाईल सीमो का कर चूके हैं उपयोग,अर्न्राज्यीय ‘सायबर ठगो’ को अलग अलग राज्यो से पुलिस ने किया गिरफ्तार
- पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में विशेष टीम की प्रभावी कार्यवाही के परिणामस्वरूप अर्न्तराज्यीय सायबर ठगो के पूरे गिरोह का पर्दाफांश कर मुख्य सरगना सहित छ: ठगो को गिरफ्तार करने में प्राप्त की गयी सफलता ।
- देश के अलग अलग कोनो में बैठकर संचालित करते थे ठगी का व्यवसाय, प्रारम्भिक जॉच में 11 करोड से अधिक की राशी की कर चूके हें ठगी
- अर्न्तराष्ट्रीय स्तर पर जूढ़े हे गिरोह के तार , 100 से अधिक सायबर घटना को दे चूके हैं, अंजाम
शामगढ़ – वर्तमान परिवेश में सायबर ठगो द्वारा आम जन को विभीन्न ऑनलाईन प्लेटफार्म पर विभीन्न प्रकारों से ठगी के झॉसे में लाकर लाखो रूपये की ठगी की जा रही हैं । सायबर संबंधी अपरोधों पर त्वरित कार्यवाही एवं प्रभावी रोकथाम व नियंत्रण हेतु पुलिस मुख्यालय से राज्य स्तरीय ऑपरेशन संचालित हैं । सायबर फ्रोड से संबंधित एसा ही एक मामला शामगढ़ निवासी पीडि़ता के साथ मेट्रीमोनियल प्लेटफार्म पर प्रोफाईल अपलेाड करने पर ठगो के झांसे में आकर साढे सात लाख की ठगी का शिकार हुई पीडि़ता ने जब मन्दसौर पुलिस अधीक्षक श्री विनोद कुमार मीना के समक्ष उपस्थित होकर शिकायत दर्ज करायी तब इस घटना के पीछे सक्रीय पूरे गिरोह की पतारसी व पीडि़ता को न्याय दिलाने हेतु विशेष दिशा निर्देश देकर एक विशेष टीम का गठन किया गया । अति.पुलिस अधीक्षक गरोठ श्री रामस्नेही मिश्र एवं अ0अ0पु0 सीतामऊ श्री दिनेश प्रजापति के मार्गदर्शन में उप.निरी. कपील सौराष्ट्री थाना प्रभारी शामगढ के नेतृत्व में सायबर सेल व थाना की संयुक्त टीम का गठन कर कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया । गठित विशेष टीम द्वारा लगातार लगभग डेढ़ – दो माह तक घटना से संबंधित समस्त तथ्यों को आंकलन कर कढ़ी से कढ़ी जोड़कर तथा प्रत्येक दिशा में गहन विश्लेषण किया गया । प्रकरण से संबंधित समस्त तथ्यों पर लगातार कार्य करते हुए तकनीकी साक्ष्य एकत्रित किये गए । इसी क्रम में उप.निरी. कपिल सोराष्ट्री व उप.निरी. शेलेन्द्र सिंह कनेश के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा कार्यकुशलता एवं दक्षता के आधार पर लगातार अथक प्रयासो से घटना को अंजाम देने वाले आरोपियों का सूराख प्राप्त कर राजस्थान राज्य के जयपूर में दबीश देकर आरोपियों को गिरफ्तार करने में महत्वूपर्ण सफलता अर्जित की गयी । आरोपियों से पूछताछ एवं विवेचन में आए तथ्यों के आधार पर गिरोह का एक अन्य सदस्य को बिहार राज्य के अरवल जिले से अभिरक्षित करने में सफलता प्राप्त की गयी । इस प्रकार सम्पूर्ण गिरोह के मुख्य सरगना सहित कुल छ: सदस्यों को पुलिस ने सकुशल अभिरक्षा में लेकर गिरफ्तार करने में महत्ती सफलता प्राप्त की हैं ।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में गठित पुलिस टीम द्वारा अपनी व्यवसायिक दक्षता, कार्यकुशला एवं अथक परिश्रम के आधार पर लगातार डेढ माह तक तकनीकी कार्य कर गिरोह की पतारसी की एवं 15 दिन तक विभीन्न राज्यो में रहकर आरोपियों को गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण भूमिका सम्पादित की गयी ।
फरियादीया अल्पना (काल्पनिक नाम) निवासी आलमगढ़ द्वारा मेट्रिमोनियल वेबसाइट पर अपना प्रोफाइल अपडेट किया था। फरियादिया को फ्रॉड व्यक्ति द्वारा अपने झांसे में लेकर स्वयं को NRI होना बता कर दिग्भ्रमित करता रहा । अपने नकली फोटो, नकली परिजनों से व्हाट्सएप्प पर बात करवाना तथा पूर्णतः यह साबित करना कि वो फरियादिया से शादी करने को राजी है। फरियादिया जब पूर्ण रूपेण आश्वस्त ओर प्रलोभित हो गई तब विदेशी गिफ्ट भेजना, गिफ्ट कस्टम द्वारा पकड़ना तथा तरह तरह के सेल्स टैक्स इत्यादि को लेकर कस्टम ऑफिसर के फोन से डरा धमकाकर मोटी रकम वसूल कर ली । फरियादी को धोखे का अंदाजा होने तक, फ्रॉड गैंग द्वारा साढ़े 7 लाख रूपये अलग अलग बैंक खातों में स्थानांतरित करवा चुके थे। फरियादी द्वारा आवेदन प्रस्तुत कर घटना की जानकारी दी गयी । थाना शामगढ़ पर अप.क्रं. 282/26 धारा 318(4) बी.एन.एस. दर्ज कर अनुसंधान में लिया गया ।
कॉलर संभावित ठिकाना विदेश में बैंठकर मट्रीमोनियल साईटस पर युवक युवतियों को अपने झॉसे में लेकर पूर्णत: विश्वास दिला कर दिग्रभ्रमित करता हैं । तथा स्वयं को एनआरआई बता कर नये नये तरीके अजमा कर विदेश से मंहगे पार्सल व गिफ्ट भेजना , कस्टम ड़युटि के नाम पर पैसे जमा करवाना, कभी प्रोसेसिंग फिस के नाम से एवं कभी पार्सल का कस्टम ऑफिसर द्वारा पकड़ा जाने पर बचने हेतु राशी जमा करवाने इत्यादि तरीके से मोटी राशी वसूलते हैं ।
एक टीम जो कि म्यूल बैंक अकाउण्टस एवं म्यूल मोबाईल सीम उपलब्ध कराती हैं । अधिकांश मोबाईल सीम आगरा, फिरोजाबाद, दिल्ली एवं बिहार राज्य से प्राप्त की गयी हैं । कुछ मोबाईल सीम एवं बैक अंकाउण्टस भोपाल से भी प्राप्त कर उपयोग किये गये हैं
एक टीम अलग स्थान अथवा अन्य राज्य में ठिकाना स्थापित करते हैं । जो एक निश्चित समय अंतराल में बदल भी देते हैं , उक्त टीम का कार्य जमा राशी को आहरित करना एवं पुन: उसे सी.डी.एम. खातो में जमा करना हेाता हैं ।
उपरोक्त कार्य के लिये एक मुख्य व्यक्ति निर्देशित करता हैं । कितना राशी किस खाते में जमा हुयी हैं, जिसे आहरित करना हैं तथा सी.डी.एम. खातें उपलब्ध कराता हैं जिसमे गिरोह के सदस्य द्वारा राशी जमा/डिपोजिट की जाती हैं ।
बैंक खाते फ्रिज होने के तुरंत बाद ये सभी मोबाईल फोन, सीम, एवं बैंक पासबुक, एटीएम इत्यादि सब नष्ट कर देते हें । अगले कार्य के लिये अलग से मोबाईल, सीम, अकाउण्टस प्राप्त होते हैं ।
गिरोह के सभी सदस्य पूर्णत: अभ्यस्त होते हैं । फ्राड कार्य में संलिप्त उपकरण का निजी कार्य में कभी भी उपयोग नहीं करते हैं । उक्त सीम से कभी अपने परिचित व्यक्तियों को फोन नहीं करते हैं ।
प्रत्येक मोबाईल फोन के पीछे एक स्लीप होती हैं जिसमें संबंधित व्यक्ति का नाम व खाता नं; का उल्लेख होता हैं । उक्त फोन से उसी संबंधित मामले में कार्य किया जाता हैं । अन्य मामला आने पर अलग से फोन एवं सीम व अकाउण्ट का उपयोग किया जाता हैं
गिरफ्तारशुदा आरोपियों का विवरण :- 01 त्रिलोकी कुमार पिता नागेन्द्र राऊत जाति कुर्मी उम्र 26 साल निवासी भेलाही थाना भेलाही जिला पूर्वी चंपारण बिहार, 02 शिवम गुप्ता पिता चंदेश्वर प्रसाद जाति गुप्ता उम्र 25 साल निवासी भेलाही थाना भेलाही जिला पूर्वी चंपारण बिहार, 03 बबलू कुशवाह पिता मनीष प्रसाद कुशवाह जाति कोइरी उम्र 25 साल निवासी भेलाही थाना भेलाही जिला पूर्वी चंपारण बिहार, 04 गुंजन गुप्ता पिता चंदेश्वर प्रसाद जाति गुप्ता उम्र 29 साल निवासी भेलाही थाना भेलाही जिला पूर्वी चंपारण बिहार, 05 शशि कुमार पिता शंभू प्रसाद जाति कलवार उम्र 24 साल निवासी भेलाही थाना भेलाही जिला पूर्वी चंपारण बिहार, 06 टोनी कुमार पिता संजयराम जाति रविदासउम्र 34 वर्ष निवासी छपिया गोपालगंज बिहार
जप्त सामग्री का विवरण :- 22 एन्ड्रोईड मोबाईल फोन, 30 मोबाईल सीम (जो अलग अलग व्यक्तियों के नाम से पंजीकृत हैं , 05 एटीएम कार्ड , तथा 8 लाख रूपये से अधिक राशी को लिक्विड फ्रिज करवाया हैं जो विभीन्न बैंक खातो में जमा होकर जप्त (फ्रिज ) हैं । वैधानिक प्रावधानों के तहत् न्यायालयीन प्रक्रिया के माध्यम से शतप्रतिशत राशी पीडि़त को सुपूर्द करवा दी जावेगी ।
उप.निरी. कपिल सौराष्ट्रिय थाना प्रभारी शामगढ़, उप.निरी.शेलेन्द्र सिंहकनेश थाना कोतवाली, उप.निरी. ओ.पी. राठौर थाना शामगढ़, उप.निरी. सत्येन्द्र सैनी प्रभारी सायबर सेल, प्र.आर. आशिष बैंरागी, प्र.आर. मुजफ्फर, आर.मनिष बघेल एवं आर. हरियोम मालवीय (सायबर सेल टीम) , प्र.आर. अर्जून सिंह राठौर थाना नाहरगढ़ , आर. हिरालाल यादव, आर. इरफान खान, आर. धर्मेश बैंरागी , आर.विशाल सिं, आर. प्रेम सिंह रावत एवं महिला आर. रेखा भाटी थाना शामगढ़ द्वारा विशेष एवं महत्वपूर्ण सराहनीय भूमिका का निर्वाहन किया गया हैं ।
मंदसौर पुलिस की अपील-
मन्दसौर जिले की समस्त जनता एवं जन सामान्य से विशेष अपील की जाती हैं कि यदि किसी भी अन्जान व्यक्ति द्वारा भेजे गये लिंक को कदापी क्लिक न करे, अविश्वसनीय एवं अन्जान व्यक्ति द्वारा ऑनलाईन ट्रेडिंग के झॉसे में नही आए । लुभावने ऑफर पर विश्वास न करें, अपने गोपनीय व नीजी दस्तावेज जैसे पीन, ओ.टी.पी, पासवर्ड इत्यादि कदापि साझा न करें । फ्राड की घटना घटीत होने पर तत्काल ‘एन.सी.आर.पी. हेल्पलाईन नं. 1930’ पर अथवा https://cybercrime.gov.in/ पर शिकायत दर्ज करें । सायबर अपराधों के प्रति सजगता से आप अपनी मेहनत से कमाई जमा पूंजी को ठगी का शिकार होने से बचा सकते हैं । सजग रहैं, सुरक्षित रहैं ।



