रुनखेड़ा में रेलवे ट्रैक बना बच्चों की मजबूरी का रास्ता

रुनखेड़ा में रेलवे ट्रैक बना बच्चों की मजबूरी का रास्ता! न फाटक, न अंडरब्रिज, न ओवरब्रिज… रोजाना लगभग 70 विद्यार्थी जान हथेली पर रखकर पहुंच रहे स्कूल ।
असलम खान – संस्कार दर्शन न्यूज, खाचरौद जिला उज्जैन
खाचरौद। रुनखेड़ा रेलवे स्टेशन पर रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था का ऐसा चेहरा सामने आया है, जो किसी बड़े हादसे की आशंका को जन्म दे रहा है। स्टेशन के समीप स्थित हायर सेकेंडरी स्कूल में कनवास, उचाहैणा सहित आसपास के गांवों से करीब 70 विद्यार्थी प्रतिदिन पढ़ने पहुंचते हैं। लेकिन इन विद्यार्थियों के लिए स्कूल तक पहुंचने का सुरक्षित रास्ता तक उपलब्ध नहीं है। बच्चों को रोजाना चलती ट्रेनों के मार्ग वाले रेलवे ट्रैक को पार कर स्कूल पहुंचना पड़ रहा है।
यहां न रेलवे फाटक है, न अंडरब्रिज और न ही ओवरब्रिज। ऐसे में रेलवे ट्रैक ही विद्यार्थियों और ग्रामीणों के आवागमन का रास्ता बन गया है। सवाल यह है कि जब रेलवे लाइन के दोनों ओर लोगों की नियमित आवाजाही है और रोजाना दर्जनों बच्चे इस रास्ते से गुजरते हैं, तो अब तक सुरक्षित मार्ग की व्यवस्था क्यों नहीं की गई
उचाहैणा निवासी धर्मेंद्र भोयन ने बताया कि स्कूल की छुट्टी के समय उन्होंने रुनखेड़ा स्टेशन पर कुछ बच्चों को खड़ी ट्रेन के नीचे से निकलने का प्रयास करते देखा। उन्होंने बच्चों को रोककर ऐसा करने से मना किया।
यह दृश्य रेलवे और प्रशासनिक व्यवस्था के लिए चेतावनी से कम नहीं है। सुरक्षित रास्ता नहीं मिलने पर बच्चे अपनी जान को खतरे में डालकर रास्ता तलाश रहे हैं।
लगभग 70 बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी?
कनवास, नंदवासला, नरसिंहगढ़, सनासला और मलवासा सहित आसपास के गांवों से आने वाले ग्रामीण भी स्टेशन तक पहुंचने के लिए रेलवे ट्रैक पार करते हैं। यानी यह समस्या केवल स्कूली बच्चों तक सीमित नहीं है, बल्कि रोजाना बड़ी संख्या में ग्रामीण भी इसी जोखिम भरे रास्ते का इस्तेमाल कर रहे हैं।
रुनखेड़ा स्टेशन से सुपरफास्ट सहित कई यात्री ट्रेनों की आवाजाही होती है। ऐसे में रेलवे ट्रैक पर थोड़ी सी असावधानी भी किसी परिवार के लिए जिंदगी भर का दुख बन सकती है।
शिकायतों के बाद भी नहीं बदली तस्वीर
ग्रामीणों का कहना है कि इस गंभीर समस्या को लेकर रेलवे प्रशासन को कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई स्थाई समाधान नहीं निकाला गया। हर दिन बच्चे और ग्रामीण रेलवे ट्रैक पार कर रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग की ओर से सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था नहीं की गई।
क्षेत्रवासियों ने पश्चिम रेलवे के डीआरएम और क्षेत्रीय सांसद से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि रुनखेड़ा स्टेशन के पास विद्यार्थियों और ग्रामीणों की सुविधा एवं सुरक्षा को देखते हुए अंडरब्रिज, ओवरब्रिज या सुरक्षित रेलवे क्रॉसिंग का निर्माण कराया जाना चाहिए।



