गरोठमंदसौर जिला

एक हजार CCTV फुटेज, कई राज्यों में दबिश और तकनीकी जांच से खुला एटीएम कटिंग गैंग का राज

गैस कटर से मिनटों में ATM काटकर लाखों उड़ाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के 3 शातिर गिरफ्तार, 6 लाख नकद बरामद
डीआईजी निमिष अग्रवाल के मार्गदर्शन और एसपी विनोद मीना की सतत मॉनिटरिंग में गरोठ पुलिस का बड़ा ऑपरेशन,राजस्थान-हरियाणा-उत्तरप्रदेश तक पीछा कर आरोपियों को दबोचा

भानपुरा -बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम को गैस कटर से काटकर लाखों रुपए की नकदी उड़ाने की सनसनीखेज वारदात का गरोठ पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने मामले में अंतरराज्यीय एटीएम कटिंग गिरोह के तीन शातिर सदस्यों को गिरफ्तार करते हुए उनके कब्जे और निशानदेही से चोरी की करीब 6 लाख रुपए की राशि, वारदात में प्रयुक्त स्विफ्ट डिजायर कार, दो ऑक्सीजन सिलेंडर, गैस कटर व अन्य उपकरण, एटीएम की कैश ट्रे एवं रिजेक्शन बॉक्स तथा तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं।

इस कार्रवाई की खास बात यह है कि गिरफ्तार आरोपी मध्यप्रदेश के साथ-साथ राजस्थान, उत्तरप्रदेश, हरियाणा सहित कई राज्यों में एटीएम कटिंग, चोरी और अन्य आपराधिक वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि गिरोह अब तक करोड़ों रुपए की राशि वाले एटीएम को निशाना बना चुका है। गिरोह के सदस्य बिना गार्ड और अपेक्षाकृत सुनसान स्थानों पर लगे एटीएम की पहले रैकी करते और फिर पूरी तैयारी के साथ वारदात को अंजाम देते थे।

डीआईजी निमिष अग्रवाल और एसपी विनोद मीना की मॉनिटरिंग में चला ऑपरेशन

वारदात की गंभीरता को देखते हुए रतलाम रेंज डीआईजी निमिष अग्रवाल के मार्गदर्शन तथा मंदसौर पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीना की सतत मॉनिटरिंग में पुलिस टीम ने आरोपियों तक पहुंचने के लिए योजनाबद्ध तरीके से जांच आगे बढ़ाई। एसपी के निर्देशन में साइबर सेल, डॉग स्क्वायड और गरोठ पुलिस की अलग-अलग टीमों को सक्रिय किया गया।

एएसपी गरोठ राम सनेही मिश्रा एवं एसडीओपी गरोठ विजय कुमार यादव के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी गरोठ उपनिरीक्षक बलवीर सिंह यादव के नेतृत्व में गठित टीमों ने लगातार कई दिनों तक तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र के आधार पर आरोपियों की तलाश की। पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी दूसरे राज्यों से जुड़े हुए थे और घटना के बाद लगातार अपना ठिकाना बदल रहे थे।

एक हजार से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगाले, कई राज्यों में तलाश

पुलिस टीम ने घटनास्थल और उसके आसपास के करीब एक हजार सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। संदिग्ध वाहन और आरोपियों की गतिविधियों को ट्रेस करते हुए जांच का दायरा गरोठ से निकलकर राजस्थान, उत्तरप्रदेश और हरियाणा तक पहुंचा।

पुलिस टीमों ने कोटा, बूंदी, जयपुर, भरतपुर, कासगंज, नूंह मेवात और गुरुग्राम सहित विभिन्न स्थानों पर दबिश देकर आरोपियों की तलाश की। तकनीकी विश्लेषण, मुखबिर सूचना और घटनाक्रम से जुड़े साक्ष्यों को जोड़ते हुए आखिरकार पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।

पुलिस ने मामले में समीर पिता सिकन्दर खान उम्र 23 वर्ष निवासी कोटा राजस्थान, शहजाद उर्फ चिंकु पिता ईशब उम्र 24 वर्ष निवासी नूंह मेवात हरियाणा तथा मानपाल पिता अशरफीलाल उम्र 30 वर्ष निवासी कासगंज उत्तरप्रदेश को गिरफ्तार किया है। वहीं शिवकुमार लोधी निवासी कासगंज उत्तरप्रदेश को फरार आरोपी बताया गया है।

पहले रैकी, फिर एटीएम को बनाते थे निशाना

पूछताछ में गिरोह के काम करने का बेहद शातिर तरीका सामने आया है। आरोपी सबसे पहले ऐसे एटीएम की तलाश करते थे जहां भीड़ कम हो और सुरक्षा व्यवस्था अपेक्षाकृत कमजोर हो। खासतौर पर बिना सुरक्षा गार्ड वाले एटीएम उनकी प्राथमिकता में रहते थे।

टारगेट तय करने के बाद आरोपी कई स्तर पर रैकी करते थे। वे एटीएम के अंदर और बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की स्थिति देखते तथा यह सुनिश्चित करते कि वारदात के दौरान उनकी पहचान सामने न आए।

इसके बाद फर्जी एटीएम कार्ड के माध्यम से कार्ड स्लॉट में पर्ची फंसाकर मशीन के कैश निकालने वाले सिस्टम को ब्लॉक कर दिया जाता था, ताकि अन्य ग्राहक एटीएम से पैसे नहीं निकाल सकें और मशीन में मौजूद नकदी सुरक्षित रूप से उनके निशाने पर बनी रहे।

कैमरों को ब्लाइंड करने के बाद शुरू होता था गैस कटर का खेल

वारदात के दौरान गिरोह का एक सदस्य एटीएम और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों पर केमिकल स्प्रे कर उन्हें ब्लाइंड करने का काम करता था। अन्य सदस्य चेहरे ढंकने के लिए फेस कवर और हाथों में ग्लब्स का इस्तेमाल करते थे।

इसके बाद गैस कटर चलाने में माहिर सदस्य कुछ ही मिनटों में एटीएम मशीन को काटकर उसकी कैश ट्रे बाहर निकाल लेता था। इसी दौरान गिरोह का दूसरा सदस्य आसपास की गतिविधियों पर नजर रखता था। कैश ट्रे हाथ लगते ही आरोपी उसे अपने साथ लाए वाहन में रखते और मौके से फरार हो जाते।

यानी पूरी वारदात को इस तरह अंजाम दिया जाता था कि एक आरोपी मशीन काटता, दूसरा सीसीटीवी को निष्क्रिय करता, तीसरा आसपास निगरानी रखता और काम पूरा होते ही सभी वाहन से फरार हो जाते।

गरोठ की वारदात भी इसी सुनियोजित तरीके से की गई

दिनांक 29-30 अगस्त 2026 की दरमियानी रात भानपुरा रोड स्थित बैंक ऑफ इंडिया गरोठ के एटीएम को आरोपियों ने इसी रणनीति के तहत निशाना बनाया। गैस कटर से मशीन को काटकर उसमें रखी नकदी निकाल ली गई।

घटना की जानकारी सामने आने के बाद बैंक के वरिष्ठ शाखा प्रबंधक विनोद कलोरिया की रिपोर्ट पर थाना गरोठ में अपराध क्रमांक 339/2026, धारा 331(4), 305(ई) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई।

पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर तकनीकी साक्ष्य जुटाए। साइबर सेल और डॉग स्क्वायड को तत्काल सक्रिय किया गया और इसके बाद सीसीटीवी फुटेज की लंबी श्रृंखला को जोड़ते हुए संदिग्धों की गतिविधियों का विश्लेषण किया गया।

पुरानी वारदातों ने खोली गिरोह के नेटवर्क की परतें

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने मध्यप्रदेश, राजस्थान और उत्तरप्रदेश में पूर्व में की गई कई एटीएम कटिंग की वारदातों का खुलासा किया।

पुलिस के अनुसार शहजाद ने वर्ष 2021 में मुरैना के जोरा रोड स्थित एसबीआई एटीएम को साथियों के साथ निशाना बनाकर करीब 25 लाख रुपए चोरी किए थे।

वर्ष 2022 में राजस्थान के जालोर जिले के सायला में एसबीआई एटीएम काटकर करीब 2.63 लाख रुपए चोरी किए गए। इसी वर्ष एटा बस स्टैंड स्थित एक्सिस बैंक एटीएम की कटिंग कर करीब 25 लाख रुपए चोरी करने की वारदात भी सामने आई है।

वर्ष 2023 में मेरठ में एक्सिस बैंक के एटीएम को निशाना बनाया गया। इसी वर्ष मुरैना जिले के सबलगढ़ में एसबीआई एटीएम काटकर करीब 21 लाख रुपए चोरी किए गए।

इसके बाद वर्ष 2025 में गुना में एसबीआई एटीएम कटिंग कर करीब 4.50 लाख रुपए चोरी किए जाने की वारदात में भी गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका सामने आई है।

इस प्रकार जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस के सामने इस गिरोह की अंतरराज्यीय आपराधिक गतिविधियों की परतें खुलती जा रही हैं।

आरोपियों पर पहले से दर्ज हैं कई गंभीर मामले

गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी पुलिस जांच में सामने आया है। मानपाल के विरुद्ध उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश सहित विभिन्न स्थानों पर चोरी, धोखाधड़ी, हथियार अधिनियम, एनडीपीएस एक्ट सहित अन्य धाराओं में मामले दर्ज हैं।

शहजाद के विरुद्ध मध्यप्रदेश, राजस्थान, उत्तरप्रदेश और हरियाणा में चोरी, नकबजनी, धोखाधड़ी, जालसाजी, हथियार एवं अन्य अपराधों के मामले दर्ज पाए गए हैं। वह कई मामलों में वारदात के बाद से फरार चल रह था।

समीर के विरुद्ध राजस्थान में भी गंभीर अपराधों के मामले दर्ज हैं। गरोठ की कार्रवाई के बाद इन सभी मामलों के संबंध में संबंधित राज्यों की पुलिस से भी जानकारी साझा किए जाने की संभावना है।

गरोठ पुलिस ने आरोपियों के कब्जे एवं निशानदेही से:

– चोरी की करीब 6 लाख रुपए की नकदी

– स्विफ्ट डिजायर कार क्रमांक RJ02TA1545, कीमत करीब 4 लाख रुपए

– दो ऑक्सीजन सिलेंडर एवं गैस कटर उपकरण, कीमत करीब 50 हजार रुपए

– काटे गए एटीएम की कैश ट्रे एवं रिजेक्शन बॉक्स

– तीन एंड्रॉयड मोबाइल फोन, कीमत करीब 1 लाख रुपए

सहित अन्य सामग्री जब्त की है।

गरोठ एटीएम कटिंग मामले का खुलासा महज आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि इस कार्रवाई ने दूसरे राज्यों तक फैले एक ऐसे गिरोह की गतिविधियों को उजागर किया है, जो एटीएम की सुरक्षा व्यवस्था का अध्ययन कर योजनाबद्ध तरीके से वारदात करता था।

करीब एक हजार सीसीटीवी फुटेज की जांच, तकनीकी विश्लेषण, मुखबिर तंत्र की सक्रियता और राजस्थान, उत्तरप्रदेश एवं हरियाणा तक लगातार दबिशों के बाद पुलिस टीम ने तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया। डीआईजी निमिष अग्रवाल के मार्गदर्शन और एसपी विनोद कुमार मीना की सतत मॉनिटरिंग में टीम को लीड करते हुए थाना गरोठ पुलिस ने अथक प्रयासों के बाद इस चुनौतीपूर्ण मामले को सुलझाने में बड़ी सफलता हासिल की।

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी गरोठ उपनिरीक्षक बलवीर सिंह यादव, उपनिरीक्षक विनय बुंदेला, उपनिरीक्षक कपिल सौराष्ट्रीय, उपनिरीक्षक जितेन्द्र सिंह चौहान, सहायक उपनिरीक्षक जस राज सिंह चंदेल, प्रधान आरक्षक दुर्गाशंकर मीणा, आरक्षक आशीष बैरागी, साइबर सेल के प्रधान आरक्षक मुजफ्फर सहित पुलिस टीम के अन्य सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। पुलिस द्वारा प्रकरण में अग्रिम विवेचना जारी है और फरार आरोपी शिवकुमार लोधी की तलाश की जा रही है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
WhatsApp Icon
Whatsapp
ज्वॉइन करें
site-below-footer-wrap[data-section="section-below-footer-builder"] { margin-bottom: 40px;}