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जनप्रतिनिधियों की अदूरदर्शिता -सरकारी कार्यालय नगर से तीन किलोमीटर दूर निर्मित -आवागमन का अभाव -बढ़ेगी गरीब निम्न वर्ग की परेशानियां

जनप्रतिनिधियों की अदूरदर्शिता -सरकारी कार्यालय नगर से तीन किलोमीटर दूर निर्मित -आवागमन का अभाव -बढ़ेगी गरीब निम्न वर्ग की परेशानियां

ताल ब्यूरो चीफ शिवशक्ति शर्मा

ताल नगर के विकास के नाम पर नगर के अधिकांश शासकीय कार्यालयों को नगर से दो से तीन किलोमीटर दूर स्थापित किया जा रहा है। कुछ भवन बन चुके हैं तो कुछ निर्माणाधीन हैं। ऐसे में अब सवाल खड़ा हो रहा है बगैर किसी सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था के आम नागरिक, बुजुर्ग, महिलाएं, दिव्यांग, विद्यार्थी और गंभीर मरीज इन कार्यालयों तक कैसे पहुंचेंगे? यदि आधीरात कोई बीमार हुआ तो उसकी तो शामत ही समझो व सुरक्षा की क्या गारंटी?

सबसे बड़ी विडंबना यह है कि नगर में वर्तमान में रिक्शा, ऑटो, टेम्पो अथवा मिनीडोर जैसी स्थानीय परिवहन सुविधा उपलब्ध नहीं है। जिन लोगों के पास निजी वाहन है, वे किसी तरह अपने कार्य कर लेंगे, लेकिन गरीब तबका एवं जरूरतमंद नागरिकों के लिए दो से तीन किलोमीटर पैदल चलना किसी बड़ी परेशानी से कम नहीं होगा।

वर्तमान में शासकीय चिकित्सालय, पशु चिकित्सालय, तहसील कार्यालय, शासकीय महाविद्यालय पहले से ही नगर से दूर होकर अब सीएम राइज विद्यालय, एसबीआई की ताल शाखा का नया भवन भी नगर से बाहर निर्मित किया जा रहा है।

मुख्य प्रश्न तो नगर के आलोट नाका, रावला गली, पिपलोद रोड़, मंडावल दरवाजा, कीर्तन कुइयां तथा आरएमडी कॉलोनी जैसे क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को इन कार्यालयों तक पहुंचने के लिए कई किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करना पड़ेगी। जिन परिवारों के पास स्वयं के वाहन नहीं है, उनके लिए यह स्थिति अत्यंत कष्टदायक सिद्ध होगी साथ ही गंभीर बीमारी से ग्रस्त मरीजों, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों को चिकित्सालय तक पहुंचने में होने वाली कठिनाइयों का सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है कि उनकी क्या दुर्दशा होगी?

इनका कहना है:-

पहले ही नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, तहसील कार्यालय, पशु चिकित्सालय, महाविद्यालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नगर से बाहर थे। अब एसबीआई को भी नगर से दूर जावरा रोड़ पर शिफ्ट कर रहे है। इससे कारोबारियों, वृद्ध, महिलाओं को परेशानी आएगी।जिसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता है।सबसे बड़ी विडंबना यह है कि आवागमन के कोई साधन उपलब्ध नहीं है।

–  मनोहरलाल राठौर, अध्यक्ष  व्यापारी संघ ताल

विद्यार्थियों और किसानों को भी शासकीय कार्यों के लिए अनावश्यक समय, श्रम और धन खर्च करना पड़ेगा। आश्चर्य की बात यह है कि ताल से 17 किलोमीटर दूर आलोट और 28 किलोमीटर दूर जावरा जैसे नगरों में अधिकांश शासकीय विभागों के कार्यालय नगर में स्थित है।

ताल नगर में तहसील, पशु चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, महाविद्यालय नगर से बाहर हैं। जिससे आमजन को बहुत परेशानी होती हैं। वहां आना जाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है।

        –पंकज शुक्ला,   पार्षद नगर परिषद ताल 

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नगर से बाहर होने पर विकलांग गर्भवती महिलाएं को ले जाने में बड़ी समस्या आती है। नगर के रावला गली, हवलदार चौक, आईएमडी कॉलोनी लगभग 2 से 3 किलोमीटर दूर है। ऐसे में आमजन को आने-जाने में परेशानी आ रही है।

       –    अश्विन मेहता, सामाजिक कार्यकर्त्ता

नगरवासियों का मानना है कि-:-यदि शासकीय कार्यालय नगर से बाहर स्थापित किए

जा रहे हैं, तो शासन को जनहित में रिक्शा, ऑटो, टेम्पो अथवा मेटाडोर जैसी नियमित सार्वजनिक परिवहन सेवाएं किफायती किराए पर उपलब्ध कराया जाना चाहिए। यदि रात के समय किसी को इमरजेंसी लगी तो पंहुचने की समस्या तो है ही सुरक्षा की क्या गारंटी है?

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