भक्ति के रंग में रंगा सुवासरा, राम जन्मोत्सव पर जयकारों से गूंजा कथा पांडाल में उमड़ा श्रद्धालुओं का जन सैलाब

भक्ति के रंग में रंगा सुवासरा, राम जन्मोत्सव पर जयकारों से गूंजा कथा पांडाल में उमड़ा श्रद्धालुओं का जन सैलाब
✍️पंकज बैरागीसुवासरा (निप्र)। पवित्र पुरुषोत्तम मास के अवसर पर शिक्षक परिवार द्वारा आयोजित श्रीराम कथा में सुवासरा नगर पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में सराबोर है। कथा के दौरान रामभक्तों की अटूट श्रद्धा और उत्साह देखने को मिल रहा है। कथा वाचक पंडित दशरथ भाईजी व्यासपीठ से श्रीरामचरितमानस के प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को जीवन प्रबंधन एवं आध्यात्मिक उन्नति के महत्वपूर्ण सूत्र प्रदान कर रहे हैं।
कथा के दौरान माता पार्वती की विदाई का प्रसंग अत्यंत मार्मिक रहा। माता मैना द्वारा कन्या पार्वती को दिए गए संस्कारों का ऐसा भावपूर्ण वर्णन किया गया कि पांडाल में उपस्थित श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं।
पंडित दशरथ भाईजी ने विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से जीवनोपयोगी संदेश भी दिए। जय-विजय प्रसंग में बताया कि व्यक्ति को कितना भी बड़ा पद प्राप्त हो जाए, उसे अहंकार नहीं करना चाहिए, अन्यथा पतन निश्चित है। नारद मोह प्रसंग के माध्यम से समझाया कि साधना का मार्ग अत्यंत कठिन है तथा मोह सभी व्याधियों की जड़ है। संसार के प्रति अत्यधिक आसक्ति दुःख का कारण बनती है।
जलंधर प्रसंग में संदेश दिया गया कि बल और सत्ता का दुरुपयोग करने वाले का विनाश निश्चित है। जब व्यक्ति को शक्ति और पद प्राप्त हो, तब उसे साधना और सदाचार का मार्ग अपनाना चाहिए, जिससे परमात्मा उसकी अहंकार से रक्षा करें।
मनु-शतरूपा प्रसंग में गृहस्थ जीवन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि गृहस्थ आश्रम का मूल उद्देश्य भगवत प्राप्ति है। व्यक्ति को उचित समय पर अपने दायित्व अगली पीढ़ी को सौंपकर भगवान के भजन एवं साधना में लग जाना चाहिए। मानव जीवन के चार आश्रम—ब्रह्मचर्य, गृहस्थ, वानप्रस्थ एवं संन्यास—का पालन करते हुए जीवन को सार्थक बनाया जा सकता है।
जैसे ही कथा में भगवान श्रीराम के जन्म का प्रसंग आया और “भए प्रगट कृपाला दीनदयाला” की मंगलध्वनि गूंजी, पूरा पांडाल जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालु भावविभोर होकर भक्ति में झूम उठे और वातावरण पूरी तरह राममय हो गया।
कथा में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए आयोजकों द्वारा पांडाल का विस्तार किया गया है। साथ ही श्रोताओं की सुविधा के लिए प्रतिदिन शीतल पेयजल एवं अन्य व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं।
इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी सुश्री टेरेसा मिंज सहित मल्हारगढ़ एवं सीतामऊ क्षेत्र के अनेक शिक्षकगण उपस्थित रहे और कथा श्रवण का पुण्य लाभ प्राप्त किया।कार्यक्रम का संचालन राजेश गुप्ता ने किया।



