ईश्वर को प्राप्त करने के का सबसे सरल माध्यम है भक्ति – केशवानंद जी महाराज

ईश्वर को प्राप्त करने के का सबसे सरल माध्यम है भक्ति – केशवानंद जी महाराज
मंदसौर। पुरूषोत्तम (अधिक) मास के अवसर पर केशव सत्संग भवन, खानपुरा में पुरूषोत्तम (अधिक) मास के शुभ अवसर पर पूज्य पाद केशवनानंद जी महाराज चिन्मय मशीन आकोला ने नारद भक्ति सूत्र पर आधारित दिव्य प्रवचनों का आयोजन प्रात: 8.30 बजे से 10 बजे तक हो रहा है।
दिनांक 24 मई 2026, रविवार को नारद भक्ति सूत्र का वाचन करते हुए केशवनानंद जी महाराज चिन्मय मशीन आकोला ने बताया कि नारद मुनि बताते है कि ईश्वर को प्राप्त करने का सबसे सरल माध्यम भक्ति ही है। भगवान को समझने और प्राप्त करने के तीन उपाय शास्त्रों में बताये गये है इसमें भक्ति योग (उपाय), कर्म योग और ज्ञान योग होते है। कर्म योग बेहद कठिन होता है इसमें बहुत सावधानी की आवश्यकता होती है क्योंकि हमें वो ही कर्म करने पड़ेगे जो भगवान को पसंद थोड़े बहुत कर्म ऊपर नीचे हो गये तो उल्टा असर हो जाता है। इसलिए कर्म सदैव अच्छे करना चाहिए लेकिन सांसारिक जीवन में ऐसा कर पाना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। इसी प्रकार ज्ञान योग भी बहुत कठिन है ज्ञान मार्ग से भगवान को प्राप्त करने के लिए हमें ज्ञान होना बहुत आवश्यक है जिसके लिए अच्छे गुरू या संत का सानिध्य प्राप्त होना चाहिए। नहीं तो यहां भी उल्टा हो जाता है। आपने बताया कि रावण को बहुत ज्ञान था महा पंडित थे तीन लोको पर विजय प्राप्त कर चुके थे लेकिन अपने ज्ञान के कारण अभिमानी हो गये और जिनसे उन्होने शक्तियां प्राप्त की थी के विरूद्ध ही विद्रोह कर दिया। ज्ञान के साथ – साथ अभिमान आता ही है और अभिमान भगवान का बिल्कुल भी पसंद नहीं है। इसलिए ज्ञान के मार्ग से भी भगवान को प्राप्त करना कठिन है। इसलिए सभी उपायों में भक्ति उपाय सर्वश्रेष्ठ है जिससे भगवान को प्राप्त किया जा सकता है, उन्हें समझा जा सकता है।
केशव सत्संग भवन ट्रस्ट अध्यक्ष जगदीशचंद्र सेठिया ने बताया कि आज गंगा दशमी के अवसर पर ऋषियानंद कुटिया आश्रम में गंगा दशर्मी पर्व मनाया जायेगा जहां पर दोपहर 12.30 बजे पूज्य स्वामी जी केशवानंद जी स्वामी के प्रवचन होगे।



