
लोन डिफॉल्ट पर भी फोन पूरी तरह ब्लॉक नहीं कर सकेंगे बैंक,RBI ने जारी किया नया ड्रॉफ्ट
भारतीय रिजर्व बैंक ने “कमर्शियल बैंक (उत्तरदायी व्यावसायिक आचरण) संशोधन निर्देश, 2026” का नया ड्राफ्ट जारी किया है, जिसमें यह साफ किया गया है कि EMI बाउंस होने पर बैंक तुरंत ग्राहकों का मोबाइल फोन पूरी तरह लॉक या ब्लॉक नहीं कर सकते हैं। डिजिटल लेंडर्स की मनमानी पर लगाम लगाने और ग्राहकों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए इस नए फ्रेमवर्क को तैयार किया गया है।
फोन की किसी भी सुविधा को रोकने से पहले ग्राहक को दो बार आधिकारिक तौर पर नोटिस देना होगा। जैसे ही ग्राहक अपना बकाया लोन चुका देता है, बैंकों को 1 घंटे के भीतर फोन को सामान्य मोड पर लाना होगा। यदि लोन चुकाने के बाद भी बैंक 1 घंटे के भीतर फोन अनलॉक नहीं करता है, तो उसे ग्राहक को ₹250 प्रति घंटे के हिसाब से मुआवजा देना होगा। लोन डिफॉल्ट होने पर भी मोबाइल फोन को पूरी तरह ‘डिब्बा’ नहीं बनाया जा सकेगा।
आवश्यक सेवाएं बहाल: इंटरनेट एक्सेस, इनकमिंग कॉल्स, इमरजेंसी SOS कॉल्स और सरकारी अलर्ट्स को बैंक कभी भी बंद नहीं कर सकते हैं। यह तकनीकी लॉक केवल उसी फोन या टैबलेट पर लगाया जा सकता है जिसे खरीदने के लिए विशेष रूप से लोन लिया गया हो। पर्सनल, कार या होम लोन की रिकवरी के लिए ग्राहक का फोन ब्लॉक नहीं किया जा सकता। यह नया नियम 1 अक्टूबर 2026 से लागू किए जाने का प्रस्ताव है ।


