व्यापार में मंदी और धन की तंगी? जानिए 3 मुख्य ज्योतिषीय कारण और सटीक उपाय

व्यापार में मंदी और धन की तंगी? जानिए 3 मुख्य ज्योतिषीय कारण और सटीक उपाय
– ज्योतिषाचार्य पंडित यशवंत जोशी
7024667840,8085381720
जय दुर्गा ज्योतिष सेवा संस्थान एवं अनुष्ठान केंद्र मंदसौर
आज के इस दौर में कई व्यापारी भाई दिन-रात मेहनत करने के बाद भी व्यापार में मंदी, मद्धम पड़ती दुकानदारी और आर्थिक नुकसान से परेशान हैं। आधुनिक बाजार इसे केवल मंदी का दौर कहता है, लेकिन वैदिक ज्योतिष के अनुसार, हमारे व्यापार की उन्नति और धन की आवक का सीधा संबंध हमारी कुंडली और गोचर के मुख्य ग्रहों से होता है। अगर हम व्यापार में आ रही रुकावटों के मुख्य कारणों को समझकर सटीक उपाय करें, तो बंद पड़ा काम भी तेजी से चल पड़ता है।
व्यापार ठप होने और मंदी के 3 मुख्य कारण
1. बुध ग्रह का कमजोर होना (गलत निर्णय और घाटा): ज्योतिष शास्त्र में ‘बुध’ को बुद्धि, व्यापार और वाणिज्य का एकमात्र स्वामी माना गया है। शास्त्रों में कहा गया है—”बुधः व्यापारकारकः”। जब कुंडली या गोचर में बुध कमजोर होता है, तो व्यापारी गलत फैसले लेता है, ग्राहकों से संबंध खराब होते हैं और जमा-पूंजी फंसने लगती है।
2. धन भाव पर क्रूर ग्रहों का प्रभाव (पैसा न टिकना): कुंडली का दूसरा भाव धन का और ग्यारहवां भाव लाभ का होता है। जब इन भावों पर राहु या शनि जैसे क्रूर ग्रहों का नकारात्मक प्रभाव पड़ता है, तो दुकान पर ग्राहक तो आते हैं पर सौदा नहीं होता, या कमाया हुआ पैसा बीमारियों और व्यर्थ के कामों में चला जाता है।
3. व्यापारिक स्थल का वास्तु दोष: दुकान या प्रतिष्ठान के ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) या मुख्य द्वार पर भारी गंदगी या कबाड़ होना भी नकारात्मक ऊर्जा बढ़ाता है, जिससे लक्ष्मी का आगमन रुक जाता है।
व्यापार वृद्धि और धन की स्थिरता के 3 अचूक उपाय
अख़बार के पाठकों के लिए अपनी दुकान या व्यापारिक स्थल पर किए जाने वाले 3 सबसे सरल और प्रामाणिक उपाय निम्नलिखित हैं:
1. व्यापारिक सूझ-बूझ और ग्राहक वृद्धि के लिए (बुध का उपाय): प्रत्येक बुधवार को गणेश जी के मंदिर जाकर उन्हें दूर्वा (दूब घास) और मोदक अर्पित करें। अपनी दुकान या ऑफिस में उत्तर दिशा को हमेशा साफ रखें और वहां कपूर या गूगल की धूप नियमित रूप से दें।
2. फंसा हुआ धन निकालने और मंदी दूर करने के लिए: शनिवार की शाम को पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का एक दीपक नियमित रूप से जलाएं। अपने व्यापार में काम करने वाले कर्मचारियों, सफाईकर्मियों या मजदूरों को हमेशा खुश रखें और शनिवार को उन्हें कुछ न कुछ दान अवश्य दें। इससे शनिदेव प्रसन्न होकर व्यापार को स्थिरता देते हैं।
3. तिजोरी हमेशा भरी रखने के लिए (महालक्ष्मी उपाय): व्यापार में धन की आवक लगातार बनी रहे और मंदी का असर न हो, इसके लिए अपनी दुकान की तिजोरी या गल्ले में एक ‘दक्षिणावर्ती शंख’ या ‘सफेद कौड़ियां’ रखें। साथ ही, प्रतिदिन दुकान खोलने के बाद ‘श्री सूक्त’ का पाठ या श्रवण अवश्य करें।



