सेदरा करनाली में चल रही पं. माधव शास्त्री के मुखारविंद से सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा की हुई पूर्णाहुति

सेदरा करनाली में चल रही पं. माधव शास्त्री के मुखारविंद से सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा की हुई पूर्णाहुति
सालरिया- सेदरा (करनाली) में पिछले सात दिनों से बह रही भक्ति की गंगा का आज भव्य पूर्णाहुति के साथ समापन हुआ। परम पूज्य गुरुदेव पं. माधव शास्त्री (प्रतापगढ़ वाले) के मुखारविंद से आयोजित इस श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ में क्षेत्र के हजारों श्रद्धालुओं ने धर्म लाभ लिया।भक्तिमय माहौल: कथा के विश्राम दिवस पं. माधव जी शास्त्री ने सुदामा चरित्र और भगवान श्री कृष्ण के परमधाम गमन के प्रसंगों का मर्मस्पर्शी वर्णन किया। गुरुदेव की ओजस्वी वाणी को सुनकर पांडल में मौजूद भक्त भाव-विभोर हो गए।
पूर्णाहुति और महाआरती: कथा की समाप्ति पर विधि-विधान से हवन-पूजन और महाआरती का आयोजन किया गया। यजमान परिवार सहित पूरे गाँव ने सुख-समृद्धि की कामना के साथ आहुतियाँ दीं।
महा प्रसादी: पूर्णाहुति के पश्चात महाप्रसादी वितरण की गई जिसमें सेदरा करनाली सहित आसपास के गांवों से आए हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण कर भक्ति का लाभ लिया
गुरुदेव का संदेश: पं. माधव जी शास्त्री ने अपने उद्बोधन में कहा कि भागवत कथा केवल श्रवण मात्र नहीं, बल्कि जीवन में उतारने का मार्ग है। उन्होंने संस्कारों और धर्म के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
पूरे सप्ताह गाँव का वातावरण “जय श्री कृष्ण” के जयकारों से गुंजायमान रहा। ग्रामीणों ने गुरुदेव का भावपूर्ण अभिनंदन किया।



