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ताल — शिवशक्ति शर्मा
नागदा को जिला बनाने में चौतरफा पेंच फस गया है। खाचरोद पहले से आंदोलन प्रारंभ कर चुका।जावरा, जावरा को जिला बनाने को आतुर होकर आंदोलन की तैयारी में व्यस्त हो गया। आलोट तहसील परिसंवाद के जरिए नागदा के पक्ष में नहीं होकर आलोट को जिला बनाने की आंदोलनात्मक रूप रेखा तैयार करने में सर्वानुमति से मैदान में उतर चुका है। इधर ताल संघर्ष समिति ने अपना आंदोलनात्मक निर्णय लेते हुए व्यापारी महासंघ के अध्यक्ष श्याम माहेश्वरी ने घोषणा कर दी है कि चौदह अगस्त तक निरा करण नहीं हुआ तो पंद्रह अगस्त को संपूर्ण ताल बंद कर चक्काजाम किया जावेगा। आंदोलन अपने चरम पर पहुंच रहा है धरने का आज दूसरा दिन है और आम जनता व ग्रामीण क्षेत्रों से भारी जन समर्थन सतत् प्राप्त हो रहा है।जब तक मांग मानकर लिखित आश्वासन नहीं दिया जाता आंदोलन निरंतर जारी रहेगा।अब गेंद सरकार के पाले में कि वो इनकी मांग मानकर निराकरण करना चाहती है या आंदोलन को उग्र रूप देना चाहती है।
आज भी अधिकांश लोग धरने पर बैठे व नारा दिया कि हमारा जिला रतलाम हो, इससे कम में समझौता नहीं।अब देखने की बात है कि भविष्य के गर्त में क्या छिपा है।



