देशनई दिल्ली

सीकेएनकेएच फाउंडेशन के सदस्यों ने दी क्रांतिज्योति महिला सावित्री बाई फुले को श्रद्धांजलि

सीकेएनकेएच फाउंडेशन के सदस्यों ने दी क्रांतिज्योति महिला सावित्री बाई फुले को श्रद्धांजलि

नई दिल्ली

चलो कुछ न्यारा करते हैं फाउंडेशन के सोशल वेलफेयर डिपार्टमेंट द्वारा प्रतिष्ठित महिला शिक्षिका , समाज सुधारक तथा क्रांतिज्योति सावित्री बाई फुले के महा प्रयाण दिवस पर उनको भावपूर्वक श्रद्धांजलि दी।

इस अवसर पर सीकेएनकेएच फाउंडेशन के राष्ट्रीय समिति द्वारा चलाया जा रहा ७ दिवसीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर में भी प्रशिक्षुओं ने सावित्री बाई फुले को श्रद्धांजलि दी।

सावित्रीबाई फुले का जन्म 3 जनवरी 1831 को हुआ था। इनके पिता का नाम खन्दोजी नैवेसे और माता का नाम लक्ष्मीबाई था। सावित्रीबाई फुले का विवाह 1841 में महात्मा ज्योतिराव फुले से हुआ था। सावित्रीबाई फुले भारत के पहले बालिका विद्यालय की पहली प्रिंसिपल और पहले किसान स्कूल की संस्थापक थीं।

1998 में भारतीय डाक ने उनके सम्मान में एक डाक टिकट जारी किया। 2014 में महाराष्ट्र की राज्य सरकार ने पुणे विश्वविद्यालय का नाम बदलकर सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय कर दिया।

आशिक्षा, अंधविश्वास, पाखण्ड, दासता शोषणकारी व्यवस्था, दहेज, लिंगवाद जैसे सामाजिक बुराईयों का मुखर विरोधी तथा सुधारक थे । आरक्षण को परिवर्धन एवं परिशोधन कर राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता के साथ, “सबका साथ सबका विकास” “बहुजन सुखाये बहुजन हिताये” एवं “अंत्योदय” जैसे राजनीतिक लक्ष्य चरितार्थ कर रहा है।

उन्होंने महिलाओं के लिए स्कूल खोला था यह स्कूल सिर्फ लड़कियों के लिए खोला गया था। देश की पहली महिला शिक्षिका और समाज सुधारिका सावित्रीबाई फुले ने गर्ल्स एजुकेशन के अलावा महिलाओं की स्थिति बेहतर करने के लिए कई अन्य कदम उठाए थे।

इस अवसर पर सीकेएनकेएच के संचालक मंडल, सभी विभागों , राष्ट्रीय समिति, राज्य समिति , तथा जिला समितियों ने सावित्री बाई फुले को श्रद्धांजलि दी।

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