प्रकाशमान दीपों कि लड़ी से स्थान दुर से पहचान लेते, ऐसे ही जब ज्ञान के दीप प्रज्ज्वलित हो जाते तो दोनों लोक में पहचान हो जाती – बीके कृष्णा दीदी

भगवान लक्ष्मी नारायण कि पूजा कर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय सीतामऊ में मनाया दीपोत्सव
सीतामऊ।त्यौहार का मतलब यह है हम अपने दैनिक कर्मों करते हुए खुशी से रास करते हुए परिवार के साथ आनंद से रहें। उक्त उद्बोधन प्रजापति ब्रह्मा कुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय सीतामऊ में आयोजित दीपोत्सव आयोजन पर बीके कृष्णा दीदी ने व्यक्त किए।कृष्णा दीदी ने आगे कहा कि दिपावली का त्योहार हमारे जीवन में ज्ञान का प्रकाश देने आया है। हम इससे जाग कर आनंद खुशी से जीएं हमने भगवान से यह मानव शरीर मिला है तो यह सिर्फ काम करने के लिए नहीं है इससे अच्छे नेक काम करने और स्वस्थ्य और खुशी से जीना इसके लिए बनाया है। त्यौहार जीवन में खुशियां लाने के लिए आते हैं। केवल त्यौहार आते नहीं ये हमें जगाते हैं। हर त्यौहार का अपना महत्व है। ऐसे ही दिपावली स्वच्छता सुन्दरता स्वास्थ्य और हंसी खुशी से रहने का ज्ञान का दीप जलाना है, दीपावली का मतलब है कि अमावस्या चारों ओर घोर अंधेरा यानि अज्ञानता ही अज्ञानता घोर अंधेरे को दूर करने के लिए एक दीप प्रकाशमान होता तो है पर उतना नहीं जितना आवश्यक है। इसलिए दीपों कि लड़ी एक के बाद एक कई दीपक प्रज्वलित करते हैं तो दुर से ही वह स्थान चमकने लगता है।कई दीप को दीपावली कहते हैं। ऐसे ही जब हमारे शरीर में ज्ञान के कई दीपक प्रज्वलित हो जाते हैं तो हमारी दुर से पहचान चमक दिखाई देने लगती है। प्रकाशमान दीपों कि लड़ी दीपावली से स्थान दुर से पहचान लेते, ऐसे ही जब ज्ञान के दीप प्रज्ज्वलित हो जाते तो दोनों लोक यहां और बाबा के लोक में पहचान हो जाती है। रामचरितमानस में तुलसी बाबा ने कहा है कि “राम-नाम-मनि-दीप धरु, जीह देहरी द्वार। तुलसी भीतर बाहिरौ, जौ चाहसि उजियार॥” जिसने अपने हृदय के भीतर और संसार के बाहर दोनों ही ओर दिव्य ज्ञान और शांति का प्रकाश चाहते हो, तो राम-नाम रूपी अमूल्य मणि-दीपक को अपनी जीभ रूपी देहरी पर सदा विराजित रखो। जैसे घर की देहरी पर दीपक रखने से भीतर और बाहर दोनों तरफ रोशनी फैल जाती है, वैसे ही निरंतर राम नाम का सुमिरन करने से आंतरिक और बाहरी जीवन प्रकाशित हो जाता है।
इस अवसर पर परमपिता परमात्मा शिव बाबा को भोग लगाकर मातृशक्ति बहिनों और भाईयों पुरुषों ने सामुहिक दीप प्रज्ज्वलित कर सर्व मंगल कि कामना करते हुए कहा भजन पर नृत्य किया। और फुलझड़ी पटाखे से आतिशबाजी कि गई इस पर आनंद उत्साह खुशीयों भरा वातावरण दिखाई दिया। बीके प्रीति बहन द्वारा सभी को दीपावली की शुभकामना दी गई पूजा बहन द्वारा सुंदर रंगोली व सजावट की गई
इस अवसर पर पत्रकार लक्ष्मीनारायण मांदलिया यशवंत माली मोडीराम पंथी गौरव जैन दशरथ पाटीदार अनिल ओस्तवाल गोपाल गौड राधेश्याम जगदीश नाटाराम दीपक पाटीदार सुुरखेड़ा पदमा मेहरा सुशील माहेश्वरी एवं आसपास के गांव के भाई बहनों ने दीपोत्सव मनाया।



