25 वर्षों की देश सेवा के बाद सूबेदार मेजर बद्री नारायण जोशी का रुणीजा में भव्य स्वागत, देशभक्ति के रंग में रंगा गांव

25 वर्षों की देश सेवा के बाद सूबेदार मेजर बद्री नारायण जोशी का रुणीजा में भव्य स्वागत, देशभक्ति के रंग में रंगा गांव
पंकज बैरागी रिपोर्टरसुवासरा । समीपस्थ ग्राम रुणीजा में भारतीय सेना में 25 वर्ष तक गौरवमयी सेवाएं देकर सेवानिवृत्त हुए सूबेदार मेजर श्री बद्री नारायण जोशी के अपने गृह ग्राम रुणीजा आगमन पर भव्य स्वागत एवं अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया।
मूल रूप से रुणीजा निवासी श्री जोशी ने वर्ष 2000 में भारतीय सेना में आरटी जीसीओ के रूप में सेवा प्रारंभ की थी। 25 वर्षों तक देश की सीमाओं की रक्षा में महत्वपूर्ण योगदान देने के बाद सेवानिवृत्ति पर जब वे अपने गृह ग्राम पहुंचे तो ग्रामीणों ने उनका ऐतिहासिक स्वागत किया।
इस अवसर पर पूरे गांव में भव्य स्वागत जुलूस निकाला गया। गांव के चौराहों, गली-मोहल्लों में ग्रामीणों ने पुष्पमालाओं, पुष्पवर्षा एवं आतिशबाजी के साथ उनका आत्मीय अभिनंदन किया। अनेक सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों ने भी उनका स्वागत कर उनके सैन्य जीवन के प्रति सम्मान व्यक्त किया। पूरा गांव देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। हर तरफ ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के जयघोष गूंजते रहे।
स्वागत समारोह में क्षेत्रीय विधायक माननीय श्री हरदीप सिंह जी डंग, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दुर्गा जी, डॉ. विजय जी पाटीदार, दिलीपसिंह जी, तरनोद मंडल अध्यक्ष रोडूलाल जी वर्मा, श्यामसिंह जी देवड़ा, मंडल महामंत्री गोविंद जी मेहर, जीएस पटेल साहब, विजय जी बागड़ी, रुणीजा ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती भावना जी, अजय जी डांगी, पूर्व सैनिक संगठन के तहसील अध्यक्ष श्री विष्णु जी चौधरी, क्षेत्र के सेवानिवृत्त सैनिक, चौबीसा ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष एवं समाज के पदाधिकारीगण सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का सफल संचालन अरविंद जी धाकड़ ने किया। आयोजन की संपूर्ण रूपरेखा एवं व्यवस्थाओं में अंकित जी शर्मा, पीरुलाल जी धाकड़, हेमंत जी बैरागी, प्रवीण जी जैन, अरविंद जी धाकड़, अजय जी डांगी एवं अजीत जी जैन का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम के अंत में सत्यनारायण जी जोशी ने सभी अतिथियों व सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर विधायक श्री डंग सहित जनप्रतिनिधियों ने कहा कि श्री जोशी ने अपने जीवन के 25 महत्वपूर्ण वर्ष देश की सुरक्षा के लिए समर्पित किए हैं। अब सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें सामाजिक सेवा, जनकल्याण एवं क्षेत्र के विकास में भी अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
ग्रामीणों ने कहा – सेना से सेवानिवृत्ति केवल एक सेवा का विराम है, राष्ट्र और समाज के प्रति जिम्मेदारियों का नहीं। रुणीजा की इस गौरवशाली धरती ने अपने सपूत का अभिनंदन कर यह संदेश दिया कि देश की रक्षा में जीवन समर्पित करने वाले सैनिकों का सम्मान सदैव होना चाहिए।



