सीमा पर देश की रक्षा, सूर्यनगर में मां की आराधना, 17 साल से परंपरा निभा रहे फौजी

फौजी गरबा मंडल में शिक्षकों ने की महाआरती, वीर सैनिकों का हुआ सम्मान
अफजलपुर। देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले सैनिकों द्वारा मंदसौर जिले के सूर्यनगर में पिछले 17 वर्षों से मां जगदम्बा की आराधना की परंपरा निभा रहे हैं। नवरात्रि के अवसर पर फौजी गरबा मंडल में भक्ति, संस्कृति और राष्ट्रप्रेम का अनूठा संगम देखने को मिला। शिक्षकों, शिक्षाविदों और विभिन्न शैक्षणिक संस्थाओं के प्रमुखों ने मां की महाआरती कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। खास बात यह है कि आयोजन का पूरा खर्च सैनिक स्वयं उठाते हैं।
*नई पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ना जरूरी-* मध्यप्रदेश शिक्षक संघ के उज्जैन संभागीय अध्यक्ष एवं संकुल प्राचार्य शंकरलाल आंजना ने कहा कि भारतीय संस्कृति की परंपराएं हमें साहस, संयम और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा देती हैं। बच्चों को महापुरुषों के जीवन प्रसंगों, नैतिक मूल्यों और सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराना परिवार, विद्यालय और समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। ऐसे आयोजन सामाजिक एकता और राष्ट्रभक्ति को मजबूत करते हैं।
*सैनिकों का सम्मान हर नागरिक का कर्तव्य -* मध्यप्रदेश शिक्षक संघ के जिला कोषाध्यक्ष एवं एकीकृत शासकीय माध्यमिक विद्यालय, अफजलपुर के प्रधानाध्यापक कांतिलाल राठौर ने कहा कि फौजी गरबा मंडल केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भक्ति, भारतीय संस्कृति और राष्ट्रप्रेम का प्रतीक है। सैनिक कठिन परिस्थितियों में देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं। उनके त्याग और समर्पण के साथ उनके परिवारों के योगदान का सम्मान करना भी हमारा कर्तव्य है। शिक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों में किताबी ज्ञान के साथ अनुशासन, सेवा, संस्कार और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध विकसित करना भी है।
*दुपट्टा पहनाकर किया अतिथियों का स्वागत-* फौजी गरबा मंडल के सदस्यों ने अतिथियों को माता रानी का पवित्र पटका दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया तथा भगवान सूर्यनारायण का चित्र स्मृति-चिह्न के रूप में भेंट किया। एकीकृत शासकीय माध्यमिक विद्यालय, अफजलपुर की ओर से श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसादी की व्यवस्था की गई।
कार्यक्रम में सरस्वती शिशु मंदिर के प्रधानाचार्य भोपालसिंह चंद्रावत, प्रधानाध्यापक गणपतलाल राठौर, पंकज जैन, महिपाल सिंह चंद्रावत, कारूलाल पाटीदार, योगेश सोनी, पंकज शर्मा, राहुलसिंह चौहान और रोहितसिंह चौहान सहित शिक्षक, शिक्षाविद, सैनिक एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।फौजी गरबा मंडल के कमलसिंह चंद्रावत, मदनलाल धनगर, दशरथसिंह राठौड़, रघुनाथ सिंह राठौड़, मुकेश कुमार डांगी, घनश्याम शिकारी, सागरसिंह चंदेल, देवीलाल धनगर, अनिल प्रजापत, विनोद कुमार सुनार्थी एवं बाल समिति के सदस्यों ने आयोजन में सहभागिता की। संचालन कमलसिंह चंद्रावत ने किया।भक्ति से शक्ति, संस्कृति से संस्कार और सैनिकों के समर्पण से राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देने वाला यह आयोजन सूर्यनगर की गौरवशाली परंपरा का प्रतीक बना।



